हज 2026 के दौरान 41 बांग्लादेशी तीर्थयात्रियों का निधन, अधिकांश मौतें मक्का में

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 02-06-2026
41 Bangladeshi Pilgrims Die During Hajj 2026; Most Deaths Occur in Mecca
41 Bangladeshi Pilgrims Die During Hajj 2026; Most Deaths Occur in Mecca

 

ढाका:

सऊदी अरब में आयोजित हज 2026 के दौरान अब तक 41 बांग्लादेशी तीर्थयात्रियों की मृत्यु हो चुकी है। बांग्लादेश सरकार के हज प्रबंधन पोर्टल और अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थान डॉयचे वेले की रिपोर्ट के अनुसार, मृतकों में 27 पुरुष और 14 महिलाएं शामिल हैं।

आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, 41 मृतकों में से 30 तीर्थयात्रियों का निधन मक्का में हुआ, जबकि 11 लोगों ने मदीना में अंतिम सांस ली। हज यात्रा के दौरान तीर्थयात्रियों की बढ़ती उम्र, स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं और भीषण गर्मी अक्सर मृत्यु के प्रमुख कारणों में शामिल रहती हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, हाल ही में जिन दो बांग्लादेशी तीर्थयात्रियों का निधन हुआ, उनमें मोहम्मद अब्दुल मजीद और मोहम्मद शाहजहाँ अली शामिल हैं। मोहम्मद अब्दुल मजीद बांग्लादेश के नौगाँव जिले के निवासी थे और उनका निधन मदीना में हुआ। वहीं मोहम्मद शाहजहाँ अली राजधानी ढाका के खिलगाँव क्षेत्र के रहने वाले थे और उनकी मृत्यु मक्का में हुई।

इस बीच हज की रस्में पूरी करने के बाद बांग्लादेशी तीर्थयात्रियों की स्वदेश वापसी का सिलसिला भी शुरू हो चुका है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अब तक 11,613 हाजी सऊदी अरब से बांग्लादेश लौट चुके हैं। वापसी करने वाले तीर्थयात्रियों के लिए विशेष उड़ानों की व्यवस्था की गई है ताकि वे सुरक्षित अपने घर पहुंच सकें।

इस वर्ष हज की मुख्य रस्में 26 मई को संपन्न हुई थीं। बांग्लादेश से हज यात्रियों को लेकर पहली उड़ान 18 अप्रैल को रवाना हुई थी, जबकि अंतिम हज उड़ान 21 मई को सऊदी अरब पहुंची। हज के बाद वापसी उड़ानों का संचालन 30 मई से शुरू हो चुका है और यह प्रक्रिया 30 जून तक जारी रहेगी।

हज प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, इस वर्ष बांग्लादेश से लगभग 78,500 श्रद्धालुओं ने हज यात्रा की। इनमें 4,565 तीर्थयात्री सरकारी हज योजना के तहत सऊदी अरब पहुंचे, जबकि 73,935 लोगों ने निजी हज एजेंसियों और संगठनों के माध्यम से यात्रा की।

हज इस्लाम के पांच मूल स्तंभों में से एक है और आर्थिक एवं शारीरिक रूप से सक्षम मुसलमानों के लिए जीवन में कम से कम एक बार इसे पूरा करना धार्मिक कर्तव्य माना जाता है। यही कारण है कि हर वर्ष लाखों मुसलमान दुनिया के विभिन्न देशों से सऊदी अरब पहुंचते हैं।

सऊदी अरब के हज मंत्रालय के अनुसार, इस वर्ष दुनिया भर से 15 लाख से अधिक मुसलमानों ने हज में भाग लिया। मक्का, मदीना, मीना, अराफात और मुज़दलिफा में आयोजित विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों में लाखों श्रद्धालु शामिल हुए।

हालांकि हज यात्रा आस्था और आध्यात्मिक अनुभव का प्रतीक है, लेकिन इतनी बड़ी संख्या में लोगों के एकत्र होने के कारण स्वास्थ्य और सुरक्षा चुनौतियां भी सामने आती हैं। ऐसे में सऊदी और विभिन्न देशों की सरकारें तीर्थयात्रियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास करती हैं।

बांग्लादेश सरकार ने मृतक तीर्थयात्रियों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है और संबंधित दूतावासों तथा हज मिशन को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।