अमेरिकी हस्तक्षेप के आरोपों के बीच वेनेजुएला ने दिखाई संप्रभुता, संसद समारोह के जरिए दिया सख्त संदेश

Story by  एटीवी | Published by  [email protected] | Date 06-01-2026
Amid allegations of US interference, Venezuela asserted its sovereignty, sending a strong message through a parliamentary ceremony.
Amid allegations of US interference, Venezuela asserted its sovereignty, sending a strong message through a parliamentary ceremony.

 

काराकस।

वेनेजुएला की सरकार ने सोमवार को देश और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने यह स्पष्ट करने का प्रयास किया कि वह स्वतंत्र रूप से काम कर रही है और अमेरिका के नियंत्रण में नहीं है। यह संदेश ऐसे समय दिया गया है, जब अपदस्थ राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अमेरिकी बलों द्वारा पकड़े जाने के बाद देश में राजनीतिक तनाव चरम पर है और सत्ता को लेकर वैश्विक बहस तेज हो गई है।

इस पृष्ठभूमि में सत्तारूढ़ पार्टी से जुड़े सांसद राजधानी काराकस में नेशनल असेंबली के पूर्व निर्धारित शपथ ग्रहण समारोह के लिए एकत्र हुए। इस समारोह के माध्यम से सरकार ने यह दिखाने की कोशिश की कि संवैधानिक और संसदीय प्रक्रियाएं बिना किसी बाहरी दबाव के जारी हैं। नई नेशनल असेंबली का कार्यकाल वर्ष 2031 तक रहेगा, जो मौजूदा सत्ता संरचना को मजबूती देने का संकेत माना जा रहा है।

इस मौके पर अपदस्थ राष्ट्रपति मादुरो के बेटे और सांसद निकोलस मादुरो ग्वेरा भी मौजूद रहे। शनिवार के बाद यह उनकी पहली सार्वजनिक उपस्थिति थी। अपने संबोधन में उन्होंने अमेरिका पर तीखा हमला करते हुए कहा कि किसी राष्ट्राध्यक्ष का अपहरण सामान्य घटना नहीं हो सकती। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, “अगर हम किसी देश के राष्ट्रपति के अपहरण को स्वीकार कर लेते हैं, तो दुनिया का कोई भी देश सुरक्षित नहीं रहेगा। आज यह वेनेजुएला है, कल कोई और ऐसा देश हो सकता है जो झुकने से इनकार करता है।”

निकोलस मादुरो ग्वेरा ने इस घटनाक्रम को केवल लैटिन अमेरिका तक सीमित न मानते हुए इसे वैश्विक राजनीतिक स्थिरता के लिए गंभीर खतरा बताया। उन्होंने कहा कि यह मामला किसी एक क्षेत्र का नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था और देशों की संप्रभुता से जुड़ा हुआ है।

वेनेजुएला सरकार के समर्थकों का कहना है कि संसद का शपथ ग्रहण समारोह और नेताओं की सार्वजनिक उपस्थिति यह दर्शाती है कि राज्य संस्थाएं अभी भी सक्रिय हैं और सरकार बाहरी दबाव के बावजूद अपने निर्णय स्वयं ले रही है। वहीं विपक्ष और अंतरराष्ट्रीय आलोचक इसे सत्ता को बनाए रखने की कोशिश के रूप में देख रहे हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका और वेनेजुएला के बीच यह टकराव आने वाले दिनों में और गहरा सकता है। फिलहाल, वेनेजुएला सरकार ने स्पष्ट संकेत दिया है कि वह अमेरिकी कार्रवाई को अस्वीकार करती है और देश की संप्रभुता के मुद्दे पर कोई समझौता नहीं करेगी।