आवाज द वाॅयस/नई दिल्ली
भारत हमेशा से अध्यात्म और प्राचीन विद्याओं की भूमि रहा है। यहाँ की पारंपरिक पद्धतियाँ आज भी पूरी दुनिया को जीवन जीने का सही रास्ता दिखा रही हैं। इसी महान विरासत को सहेजने और उसे वैश्विक मंच पर पहचान दिलाने के लिए देश की राजधानी में एक बहुत बड़ा आयोजन होने जा रहा है। आगामी 18 जुलाई 2026 को नई दिल्ली के प्रसिद्ध होटल टिवोली में 'इंडियाज नेक्स्ट मास्टरमाइंड अवार्ड्स 2026' का भव्य आयोजन किया जाएगा। यह इस ऐतिहासिक समारोह का 14वां संस्करण है।
इस बार यह प्रतिष्ठित मंच 'इंडिया स्पिरिचुअल लीडर्स अवार्ड्स' के बैनर तले देश के प्रमुख आध्यात्मिक गुरुओं, ज्योतिषियों, योग गुरुओं, हीलर्स, आध्यात्मिक लेखकों और इस क्षेत्र में काम करने वाली संस्थाओं को सम्मानित करने जा रहा है।
यह आयोजन केवल एक पुरस्कार समारोह नहीं है बल्कि यह भारत की प्राचीन और आधुनिक आध्यात्मिक विधाओं का एक बड़ा संगम है। इंडियाज नेक्स्ट मास्टरमाइंड अवार्ड्स एक ऐसा वैश्विक मंच है जो अध्यात्म, व्यापार, नेतृत्व और सामाजिक प्रभाव के क्षेत्र में बेहतरीन काम करने वालों को पहचान देता है। इस मंच की संयुक्त अरब अमीरात यानी यूएई और भारत दोनों देशों में बहुत मजबूत पकड़ है।

इस पूरे कार्यक्रम का आयोजन 'क्रिएटिंग ब्रांड एक्शन' द्वारा किया जा रहा है। इसे यूएई के 'नेक्स्ट मास्टरमाइंड अवार्ड्स' का पूरा सहयोग प्राप्त है। यह अनूठा आयोजन वैदिक ज्योतिष, वास्तु, रेकी, प्राणिक हीलिंग, पास्ट लाइफ रिग्रेशन, योग, टैरो कार्ड रीडिंग, अंकशास्त्र, हिप्नोथेरेपी और समग्र कल्याण जैसी तमाम भारतीय पद्धतियों में उत्कृष्टता को सम्मानित करता है।
क्या है इस बार की थीम और चयन का आधार
इस साल होने वाले समारोह की मुख्य थीम 'ऑनरिंग इंडियाज स्पिरिट्युअल मास्टरमाइंड्स ग्लोबली' रखी गई है। इसका सीधा मतलब है कि भारतीय आध्यात्मिक गुरुओं को वैश्विक स्तर पर सम्मानित करना। यह मंच उन व्यक्तिगत साधकों और संगठनों को सम्मानित करेगा जिन्होंने हमारी प्राचीन ज्ञान प्रणालियों को न केवल सुरक्षित रखा है बल्कि उन्हें आज की आधुनिक पीढ़ी के अनुसार ढाला भी है।
पुरस्कारों के लिए विजेताओं का चयन बहुत ही कड़े पैमानों पर किया गया है। इसमें साधक की प्रामाणिकता, समाज पर उनके काम का सकारात्मक प्रभाव और लोगों तक पहुँचने के लिए उनके द्वारा अपनाए गए नए तरीकों को मुख्य आधार बनाया गया है।
यूएई के नेक्स्ट मास्टरमाइंड अवार्ड्स ने 'इंडिया ग्लोबल मास्टरमाइंड अवार्ड्स' के साथ मिलकर भारत में अपने काम का विस्तार किया है। इस साझेदारी का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इससे भारत के आध्यात्मिक और वेलनेस क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान मिल रही है।
देश की बढ़ती आध्यात्मिक अर्थव्यवस्था
हाल के वर्षों में भारत के आध्यात्मिक और वेलनेस सेक्टर में एक बहुत बड़ा उछाल देखा गया है। आज का युवा वर्ग भी इन प्राचीन विधाओं की तरफ तेजी से आकर्षित हो रहा है। सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स ने इस बदलाव में एक बड़ी भूमिका निभाई है।
वेलनेस टूरिज्म यानी स्वास्थ्य और शांति के लिए यात्रा करने का चलन भी बहुत तेजी से बढ़ा है। यह एक ऐसा क्षेत्र रहा है जहाँ अब तक लोग केवल एक दूसरे से सुनकर या व्यक्तिगत पहचान के भरोसे ही किसी गुरु या चिकित्सक के पास जाते थे।
इस क्षेत्र में कोई औपचारिक या मान्यता प्राप्त मंच नहीं था। यह अवार्ड शो इसी कमी को पूरा करता है। यह इस पूरे क्षेत्र को एक विश्वसनीय और संरचित पहचान दे रहा है। इसके साथ ही यह मंच मठों, विद्वानों, संस्थानों और आम साधकों को एक साथ लाकर आपसी सहयोग बढ़ाने का काम भी कर रहा है।

समारोह में शामिल होंगी कई बड़ी हस्तियाँ
इस प्रतिष्ठित पुरस्कार समारोह में देश की कई जानी-मानी और सम्मानित हस्तियाँ शामिल होने जा रही हैं। कार्यक्रम के मुख्य अतिथियों में लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय महासचिव और प्रवक्ता डॉ. अजय कुमार पांडे शामिल होंगे जो सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील भी हैं।
उनके साथ ही जूना अखाड़े के श्रद्धेय आध्यात्मिक नेता श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर अनुराग जी महाराज भी इस अवसर पर मौजूद रहेंगे। उनकी उपस्थिति इस पूरे आयोजन को भारत की प्राचीन सन्यासी और मठ परंपराओं से गहराई से जोड़ेगी।
इसके अलावा श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के प्रसिद्ध वैदिक विद्वान और 'घनपाठी' की उपाधि से सम्मानित आचार्य के. वेंकट रमन घनपाठी भी समारोह का हिस्सा बनेंगे। वह यहाँ वैदिक परंपरा के विद्वतापूर्ण और अनुष्ठानिक पहलुओं का प्रतिनिधित्व करेंगे।
तिहाड़ जेल के डिप्टी सुपरिटेंडेंट और सुधारात्मक सेवाओं के लिए राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित अजय भाटिया भी इस कार्यक्रम में शामिल होंगे। वह जेल सुधार प्रणाली के भीतर आध्यात्मिक प्रथाओं के सकारात्मक प्रभावों पर अपने अनुभव साझा करेंगे।
इस महासंगम में योग और ध्यान आंदोलन का प्रतिनिधित्व करने के लिए 'द आर्ट ऑफ लिविंग' के सीईओ प्रशांत नायर उपस्थित रहेंगे। द आर्ट ऑफ लिविंग भारत के सबसे बड़े कल्याण और मानवीय संगठनों में से एक है।
इनके साथ ही एक्वा योग में 15 विश्व रिकॉर्ड बना चुके प्रख्यात वैदिक विद्वान आचार्य प्रेमचंद शर्मा भी कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएंगे। आचार्य प्रेमचंद शर्मा वही शख्स हैं जिन्होंने अयोध्या में राम मंदिर के उद्घाटन के दौरान ऐतिहासिक योग यज्ञ का संचालन किया था। इन तमाम दिग्गजों की मौजूदगी इस बात का सबूत है कि यह आयोजन समाज के हर वर्ग को प्रभावित करने वाला है।
जानिए आयोजकों और संस्थापकों के बारे में
इस भव्य आयोजन को सफल बनाने वाली मुख्य संस्था 'इंडिया ग्लोबल मास्टरमाइंड अवार्ड्स' है जो 'इंडियाज नेक्स्ट मास्टरमाइंड अवार्ड्स' के तहत काम करती है। यूएई से शुरू हुए इस मंच के पास पिछले 14 सालों का एक बहुत बड़ा और सफल अनुभव है।
अपने सफर में इस प्लेटफॉर्म ने अब तक दुनिया भर के 10,000 से अधिक दूरदर्शी नेताओं को सम्मानित किया है। इस मंच की वैश्विक मीडिया पहुँच 40 करोड़ से भी ज्यादा लोगों तक है। दुनिया के प्रमुख प्रकाशनों में इस मंच को लेकर 300 से अधिक मीडिया फीचर्स आ चुके हैं। यह मंच दुनिया के 75 से अधिक देशों के लीडर्स को एक साथ जोड़ने का काम करता है। इसका मुख्य उद्देश्य एक ऐसा नेटवर्क बनाना है जो समाज में सार्थक बदलाव ला सके।
इस पूरे विज़न के पीछे इसके संस्थापकों की कड़ी मेहनत है। इसकी संस्थापक डॉ. नवाना कुंडू हैं जो एक बेस्टसेलिंग लेखिका, टेडएक्स स्पीकर, थेरेपिस्ट और कोच हैं। उन्हें ग्लोबल बुक अवार्ड से भी नवाजा जा चुका है।
वह इंटरनेशनल मेंटल हेल्थ एसोसिएशन की एंबेसडर और जी100 मिशन मिलियन की यूएई कंट्री चेयर भी हैं। इसके सह-संस्थापक डॉ. मंसूर अल ओबेदली हैं जो एक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसित उद्यमी हैं। उनका कारोबार 75 से अधिक देशों में फैला हुआ है। उन्हें मध्य पूर्व की संस्कृति, सुंदरता और वैश्विक प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के लिए बड़े पैमाने पर जाना जाता है।

आधिकारिक सहयोगी और पार्टनर्स
इस आयोजन को सफल बनाने के लिए कई बड़े ब्रांड्स ने हाथ मिलाया है। 'अप्रोच एंटरटेनमेंट' इस पूरे इवेंट का आधिकारिक पीआर और ब्रांडिंग पार्टनर है जो कार्यक्रम की पब्लिसिटी की जिम्मेदारी संभाल रहा है।
'टिवोली हॉस्पिटैलिटी ग्रुप' इस समारोह का हॉस्पिटैलिटी पार्टनर है। इसके अलावा गो स्पिरिचुअल, नैक डिजिटल, तेज़टेक न्यूज़ और न्यूज़ लाइव इस कार्यक्रम के आधिकारिक मास्टरमाइंड मीडिया पार्टनर्स हैं। ब्रांडिंग पार्टनर्स के रूप में पंख (विंग्स टू सक्सीड), सोलवाइज़ और अनंता मर्चेंडाइज भी इस भव्य आयोजन को अपना पूरा सहयोग दे रहे हैं।
जैसे-जैसे भारत की आध्यात्मिक अर्थव्यवस्था का विस्तार हो रहा है, वैसे-वैसे इस तरह के आयोजनों की अहमियत भी बढ़ती जा रही है। 18 जुलाई को नई दिल्ली में होने वाला यह समारोह देश के आध्यात्मिक गुरुओं और साधकों को राष्ट्रीय के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक मजबूत पहचान देने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा। यह आयोजन दुनिया को यह संदेश देगा कि भारत की प्राचीन विद्याएँ आज के आधुनिक युग में भी उतनी ही प्रासंगिक और जरूरी हैं जितनी सदियों पहले थीं।