नीट यूजी 2026 परिणाम घोषित, आर्यन गुप्ता बने ऑल इंडिया टॉपर, दिल्ली के मो. अहमदुल्लाह और मो. फव्वाज भी टाॅप 138 में

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 17-07-2026
NEET UG 2026 results declared; Aryan Gupta emerges as All India Topper.
NEET UG 2026 results declared; Aryan Gupta emerges as All India Topper.

 

आवाज द वाॅयस /नई दिल्ली

राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET UG) 2026 का परिणाम राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने घोषित कर दिया है। इस वर्ष लुधियाना (पंजाब) के आर्यन गुप्ता ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑल इंडिया रैंक (AIR) 1 हासिल की है। उन्होंने 99.9999 पर्सेंटाइल प्राप्त कर देशभर में पहला स्थान हासिल किया। वहीं हरियाणा के पांशुल बंसल ने भी समान पर्सेंटाइल के साथ एआईआर 2 प्राप्त की।टाॅप 138 में दिल्ली के मो. अहमदुल्लाह और मो. फव्वाज भी हैं.

इस वर्ष कुल 11.21 लाख अभ्यर्थियों ने परीक्षा उत्तीर्ण की है। ये सभी उम्मीदवार देशभर के मेडिकल, डेंटल, आयुष और अन्य संबद्ध स्नातक चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए पात्र होंगे। एनटीए ने समय पर परिणाम जारी करते हुए कहा कि इससे काउंसलिंग और मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया निर्धारित समय के अनुसार शुरू की जा सकेगी।

टॉप रैंकर्स में कई राज्यों का शानदार प्रदर्शन

एनटीए द्वारा जारी मेरिट सूची के अनुसार, राजस्थान के उपलक्ष्य गोयल ने 99.99985 पर्सेंटाइल के साथ एआईआर 3 हासिल की। बिहार के आयुष भलोतिया चौथे स्थान पर रहे, जबकि महाराष्ट्र की कुदाले श्रावणी कृष्णा ने एआईआर 5 प्राप्त कर देश की शीर्ष महिला अभ्यर्थी बनने का गौरव हासिल किया। बिहार की रिया रंजन को एआईआर 6 मिली।

उम्मीदवार NEET की आधिकारिक वेबसाइट से अपने स्कोरकार्ड डाउनलोड कर सकते हैं।

एजेंसी ने उन 138 उम्मीदवारों की लिस्ट भी जारी की, जिन्होंने 690 या उससे ज़्यादा अंक हासिल किए हैं। पूरी सूची

आर्यन गुप्ता, पंजाब

पांशुल बंसल, हरियाणा

उपलक्ष्य गोयल, राजस्थान

आयुष भालोटिया, बिहार

कुडाले श्रावणी कृष्णा, महाराष्ट्र

रिया रंजन, बिहार

आर्यन दुबे, उत्तर प्रदेश

गीतांश सरीन, पंजाब

गौरव सिंह, राजस्थान

मोहनीश मारुति भोसले, महाराष्ट्र

अभिलाष, राजस्थान

वेंकटपति वेलायुथम वी ए, तमिलनाडु

वीरियाहगारी सहयु, तेलंगाना

पाटिल सार्थक महेश, महाराष्ट्र

कृष गुप्ता, पंजाब

कार्तिक चौधरी, राजस्थान

मंशा गर्ग, हरियाणा

कृतिक जैन, राजस्थान

बूरा साई शरण, तेलंगाना

वैष्णवी दास, कर्नाटक

कंडागाटला हनीश, तेलंगाना

हर्षिल गुप्ता, राजस्थान

मनस्वी कुलश्रेष्ठ, हरियाणा

काशवी ढल, दिल्ली

ताहा समुन भाटिया, गुजरात

पटेल शौर्य भावेश, गुजरात

श्रीनिका वी, तमिलनाडु

सानिध्य क्षितिज डोंगरे, महाराष्ट्र

आशी गोयल, पंजाब

अक्षित कुमार गौड़, गुजरात

प्रखर बंसल, राजस्थान

अर्णव लाहोटी, महाराष्ट्र

टेंभुर्णे प्रणव पूरनलाल, महाराष्ट्र

रौशमित गुप्ता, महाराष्ट्र

सब्यसाची लस्कर, पश्चिम बंगाल

नामला प्रेरणा, आंध्र प्रदेश

रुद्राक्ष कोचर, हरियाणा

अंदेम साई चरण रेड्डी, तेलंगाना

रणवीर कुमार, राजस्थान

सात्विक पटनायक, ओडिशा

आन्वी सक्सैना, हरियाणा

मयूक जयसिम्हा, तेलंगाना

हिया जैस्मीन वासवदा, गुजरात

माधवन महाजन, चंडीगढ़ (यूटी)

सुदर ए एम, तमिलनाडु

आर्यमान सिंह सोलंकी, मध्य प्रदेश

दैविक मिड्ढा, राजस्थान

सुचिता एम, कर्नाटक

थेजस वरुण रेड्डी, दिल्ली

अर्णव जिंदल, पंजाब

वनिशा सतीश, तमिलनाडु

गुंजन, उत्तर प्रदेश

पाटिल सोहम निशिकांत, महाराष्ट्र

यश, राजस्थान

रविकांत दिवाकर, बिहार

भाविका गुप्ता, पंजाब

सौम्या पटेल, गुजरात

अनुष्का चौधरी, राजस्थान

सबरी जी एन, तमिलनाडु

हंसिका, दिल्ली

अंकुर कुमार, दिल्ली

रविकिरण किनी, कर्नाटक

प्रकुल गर्ग, पंजाब

दिगंत बी एस, कर्नाटक

कुशाग्र मित्तल, दिल्ली

हर्षुल गर्ग, चंडीगढ़ (यूटी)

सागर राजेश करिकर, महाराष्ट्र

वंशम राज सिंह, उत्तर प्रदेश

जोहान जॉब, कर्नाटक

समर्थ सैनी, चंडीगढ़ (यूटी)

भाव या गुंवाल, राजस्थान

कृष्ण चौहान, उत्तर प्रदेश

आदित्य कुमार, बिहार

ग्रांडी हनीश, आंध्र प्रदेश

आर जयकृष्णा, तमिलनाडु

आदित्य शर्मा, राजस्थान

सौम्या बडोले, महाराष्ट्र

थंथ खुशाल विजयभाई, गुजरात

दिवित जैन, पंजाब

अमन कुमार नायक, ओडिशा

मोहम्मद फ़व्वाज़, दिल्ली

संविथा पी, तमिलनाडु

कोम्पेला साई गायत्री तेजोअरुणिमा, तेलंगाना

अनन्या सिन्हा, दिल्ली

थोराट अनुश्री अजय, महाराष्ट्र

रेलांगी जयशानमुखी, आंध्र प्रदेश

-सौरभ अग्रवाल, राजस्थान

नविथाना बी, तमिलनाडु

नीरज बी, केरल

आर्य अभिजीत दिवेकर, महाराष्ट्र

रुतुंबिका मोहंती, तेलंगाना

निखिल शिवनाथन एस, तमिलनाडु

पटेल प्रेमल, गुजरात

श्रेयांक जे, कर्नाटक

चेतन्य कुमार, हरियाणा

आदित्य बनर्जी, दिल्ली

विनायक गर्ग, पंजाब

दक्ष मग्गू, हरियाणा

हादिया निसार, जे.के

ऋषित सिंगला, पंजाब

शुक्ल ध्यान आनंद, गुजरात

नभ्य मोहन मेहता, दिल्ली

कोंडरेड्डी हरिका देवी श्री अनुहया, आंध्र प्रदेश

एकाग्र यादव, उत्तर प्रदेश

श्रीनारायण हरि मिश्र, उत्तर प्रदेश

पटवेगर सहीम सादिक, महाराष्ट्र

अरिमा झा, उत्तर प्रदेश

प्रियांशु लांबा, राजस्थान

सम्प्रीत जे, कर्नाटक

आराध्या गर्ग, मध्य प्रदेश

-हिमांशु कुमार, राजस्थान

जननी श्वेता डी आर, तमिलनाडु

राजदीप गुप्ता, राजस्थान

मिहिर नरेंद्रभाई पटेल, गुजरात

रोहित मैथ्यू रवीन्द्रराजन ई, तमिलनाडु

सुहान सलीम शेख, महाराष्ट्र

शिप्राक गोयल, छत्तीसगढ़

अभिराम एम, कर्नाटक

अमीर फ़िदाक्वेम वरवाला, महाराष्ट्र

सार्थक पेठकर, महाराष्ट्र

प्रिंस नेहरा, राजस्थान

श्रीवल्लभ विष्णुपंत गावड़े, महाराष्ट्र

देवेश श्रीगोपाल अग्रवाल, तेलंगाना

ज़ैदान वानी, जे.के

वांगा श्रीनिवास रेड्डी, आंध्र प्रदेश

वड्डेपल्ली दुष्यन्त, आंध्र प्रदेश

पनव सुखीजा, हरियाणा

आकर्ष गुप्ता, हिमाचल प्रदेश

मयंक कुमार सिंह, राजस्थान

पनव सहारन, दिल्ली

कृष्णा यादव, उत्तर प्रदेश

अर्श चौहान, उत्तर प्रदेश

शुभ प्रसाद, असम

जे जयकृष्ण, तमिलनाडु

यश, हरियाणा

चार्वी अग्रवाल, छत्तीसगढ़

गोपाल विजय पाटिल, महाराष्ट्र

मोहम्मद अहमदुल्लाह शमीम, दिल्ली


शीर्ष 138 रैंकधारकों में सबसे अधिक 22 छात्र महाराष्ट्र से हैं। इसके बाद राजस्थान के 18, पंजाब के 11, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश के 9-9, जबकि गुजरात और दिल्ली के 8-8 छात्र शीर्ष सूची में शामिल हैं।
लगातार मेहनत बनी सफलता की कुंजी

एआईआर 4 हासिल करने वाले आयुष भलोतिया ने बताया कि उन्होंने परीक्षा में 710 अंक प्राप्त किए। उन्होंने अपनी तैयारी के दौरान अनुशासित दिनचर्या अपनाई। आयुष के अनुसार, वे प्रतिदिन लगभग छह घंटे की कोचिंग कक्षाओं के अलावा पांच से सात घंटे स्वाध्याय करते थे। उन्होंने कहा कि नियमित अभ्यास और समय प्रबंधन उनकी सफलता की सबसे बड़ी वजह रहे।

वहीं एआईआर 18 प्राप्त करने वाले कृतिक जैन ने कहा कि उन्होंने कभी किसी विशेष रैंक को लक्ष्य नहीं बनाया। उनका पूरा ध्यान केवल अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने पर था। उन्होंने बताया कि उनके माता-पिता ने हर परिस्थिति में उनका मनोबल बढ़ाया। अच्छे परिणाम आने पर उन्होंने प्रोत्साहित किया और कमजोर प्रदर्शन होने पर निराश होने के बजाय आगे बेहतर तैयारी के लिए प्रेरित किया।

एआईआर 52 हासिल करने वाली गुंजन ने भी अपनी सफलता का श्रेय लगातार पढ़ाई, शिक्षकों के मार्गदर्शन और परिवार के सहयोग को दिया। उन्होंने बताया कि वे रोजाना लगभग छह से सात घंटे स्वाध्याय करती थीं। यदि कोचिंग का समय भी जोड़ दिया जाए तो उनकी कुल पढ़ाई करीब 10 घंटे प्रतिदिन होती थी।

छात्राओं की भागीदारी रही उल्लेखनीय

एनटीए के अनुसार, इस वर्ष सफल अभ्यर्थियों में 58 प्रतिशत से अधिक महिलाएं हैं। यह आंकड़ा मेडिकल शिक्षा में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है। एजेंसी ने कहा कि देश के लगभग सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के छात्रों ने शीर्ष रैंक हासिल कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है।

करीब 20 लाख छात्रों ने दी परीक्षा

एनटीए के अनुसार, इस वर्ष करीब 20 लाख अभ्यर्थियों ने नीट यूजी 2026 परीक्षा में हिस्सा लिया। परीक्षा 21 जून 2026 को आयोजित की गई थी। इसके लिए भारत के 551 शहरों और विदेश के 14 शहरों में कुल 5,440 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। परीक्षा का आयोजन 13 भाषाओं में किया गया, जिससे विभिन्न भाषाई पृष्ठभूमि के छात्रों को समान अवसर मिल सके।

काउंसलिंग प्रक्रिया जल्द होगी शुरू

परिणाम घोषित होने से पहले एनटीए ने नीट यूजी 2026 की अंतिम उत्तर कुंजी (फाइनल आंसर-की) भी जारी की थी। अब परिणाम आने के बाद मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) और संबंधित राज्य काउंसलिंग प्राधिकरण जल्द ही एमबीबीएस, बीडीएस, आयुष और अन्य चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए काउंसलिंग कार्यक्रम जारी करेंगे।

मेहनत और अनुशासन का मिला इनाम

इस वर्ष के परिणामों से यह स्पष्ट हुआ कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। शीर्ष रैंक हासिल करने वाले अधिकांश विद्यार्थियों ने नियमित अध्ययन, आत्मविश्वास, समय प्रबंधन, शिक्षकों के मार्गदर्शन और परिवार के सहयोग को अपनी उपलब्धि का आधार बताया। लाखों अभ्यर्थियों के बीच प्रतिस्पर्धा के बावजूद इन छात्रों ने यह साबित किया कि निरंतर मेहनत और अनुशासन के बल पर देश की सबसे कठिन प्रवेश परीक्षाओं में भी उत्कृष्ट सफलता हासिल की जा सकती है।