आवाज द वाॅयस / नई दिल्ली
दिल्ली के मालवीय नगर होटल अग्निकांड और साकेत के सैदुलाजाब में हुए हादसों ने हर किसी का दिल दहला दिया था। संकट की उस घड़ी में कुछ स्थानीय लोगों और सुरक्षाकर्मियों ने अपनी जान की परवाह नहीं की। उन्होंने आगे बढ़कर दर्जनों लोगों को मौत के मुंह से बाहर निकाला। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इन सभी जांबाजों को दिल्ली सचिवालय में आयोजित एक विशेष समारोह में सम्मानित किया है। मुख्यमंत्री ने इन बहादुर नागरिकों और रेस्क्यू वर्कर्स को 21 हजार रुपये का चेक, प्रशस्ति पत्र और अंगोछा भेंट किया।
इस सम्मान समारोह के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा की। सीएमओ ने लिखा कि दिल्ली सरकार इन सभी सच्चे नायकों को दिल से सलाम करती है जिन्होंने इंसानियत को अपनी सुरक्षा से ऊपर रखा।
मालवीय नगर के रियाजुद्दीन ने पेश की इंसानियत की मिसाल
इस पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन में मालवीय नगर के एक स्थानीय दुकानदार रियाजुद्दीन की बहादुरी की हर तरफ चर्चा हो रही है। रियाजुद्दीन होजरानी गांव के पास गद्दे की दुकान चलाते हैं। जब होटल में भीषण आग लगी और लोग खिड़कियों से कूदने की कोशिश कर रहे थे, तब रियाजुद्दीन ने बिना सोचे-समझे अपनी दुकान से लाखों रुपये के कीमती गद्दे निकालकर नीचे बिछा दिए।
आग की लपटों के बीच घिरे लोग उन गद्दों पर कूदे जिससे उनकी जान बच गई। इस नेक काम में उनके गद्दे पूरी तरह बर्बाद हो गए। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंच से रियाजुद्दीन की सूझबूझ और बहादुरी की विशेष रूप से तारीफ की। सीएम ने उन्हें 21 हजार रुपये की सम्मान राशि देने के साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिया कि उनके नुकसान हुए गद्दों की पूरी कीमत का भुगतान सरकार की तरफ से किया जाए।
Chief Minister Smt. Rekha Gupta paid tribute to the citizens who lost their lives in the tragic incidents at Malviya Nagar and Saidulajab, and expressed her condolences to the bereaved families.
— CMO Delhi (@CMODelhi) June 12, 2026
She also honoured the brave citizens and rescue personnel who displayed exceptional… pic.twitter.com/7BHpR0SiWl
सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वालों को मिला करारा जवाब
दिल्ली के मालवीय नगर की इस घटना ने समाज में भाईचारे की एक नई मिसाल पेश की है। अक्सर कुछ लोग सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से दिल्ली के मुसलमानों की छवि खराब करने की कोशिश करते हैं। हिंदू-मुस्लिम के नाम पर नफरत फैलाने वालों को होजरानी गांव के इन मुस्लिम युवाओं ने अपने काम से करारा जवाब दिया है। रियाजुद्दीन और उनके साथियों ने बिना किसी का मजहब पूछे लोगों को आग से बाहर निकाला। मुख्यमंत्री के हाथों मिले इस सम्मान ने उन ताकतों के मंसूबों पर पानी फेर दिया है जो दिल्ली के लोगों को आपस में लड़ाना चाहते हैं।
इन जांबाजों को मिला सम्मान
सचिवालय में हुए इस गरिमामयी कार्यक्रम में मालवीय नगर और सैदुलाजाब दोनों हादसों के हीरोज को मंच पर बुलाकर सम्मानित किया गया। साकेत के सैदुलाजाब में जब बिल्डिंग गिरी तो राहत कार्य में दक्षिण जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के जिला परियोजना अधिकारी चंदर प्रकाश ने कमान संभाली थी। उनके साथ दिल्ली पुलिस के इंस्पेक्टर रितेश कुमार शर्मा, कांस्टेबल मनीष कुमार जांगिड़, विवेक शाक्य, अंगद मीणा और स्थानीय निवासी कपिल गिरी, हरजीत कुमार व डॉ. रफीक खान ने मलबे से लोगों को निकाला।
वहीं मालवीय नगर होटल आग हादसे में राहत कार्य के लिए एक लंबी लिस्ट है जिन्होंने मिलकर काम किया। सम्मानित होने वालों में इसरार खान, कमल, शशि, पवन, राकेश, संजय गोयल, शिव, गोविंद, कुणाल, मोहम्मद उवैस, मोहम्मद अफजल, मोहम्मद अनीस, आमिर खान, वसीम राजा, मोहम्मद सोहैब खान, रियाजुद्दीन, वसीम खान गौरी, राजपाल शामिल हैं। इनके साथ ही दिल्ली पुलिस के इंस्पेक्टर विनय यादव, हेड कांस्टेबल दिनेश, करतार, राजवीर और देशराज को भी मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया। इस मौके पर स्थानीय विधायक सतीश उपाध्याय और करतार सिंह तंवर भी मौजूद रहे।
#WATCH | Delhi Chief Minister Rekha Gupta honoured brave citizens and rescue personnel who saved lives during the Malviya Nagar and Saidulajab tragedies, paid tribute to victims, and expressed condolences to bereaved families.
— Hindustan Times (@htTweets) June 13, 2026
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मृतकों के परिवारों को 10 लाख और घायलों को 2 लाख का मुआवजा
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने हादसों में जान गंवाने वाले लोगों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। दिल्ली सरकार ने प्रभावित परिवारों की मदद के लिए बड़ी राहत राशि की घोषणा की है। दोनों हादसों में मरने वाले लोगों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके साथ ही जो लोग इन हादसों में गंभीर रूप से घायल हुए हैं, उन्हें 2-2 लाख रुपये की मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि मुआवजा राशि का वितरण पूरी पारदर्शिता के साथ हो। सहायता राशि सीधे पीड़ितों के बैंक खातों में समय पर पहुंचनी चाहिए ताकि किसी भी परेशान परिवार को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।