मलिक असगर हाशमी/ नई दिल्ली
फीफा वर्ल्ड कप 2026 शुरू होने में अब बहुत कम समय बचा है। इसी बीच फुटबॉल प्रेमियों के लिए एक बेहद बुरी खबर सामने आई है। ईरान के फुटबॉल फैंस अब स्टेडियम में बैठकर अपनी टीम का मैच नहीं देख पाएंगे। फीफा ने टूर्नामेंट शुरू होने से ठीक पहले ईरानी प्रशंसकों को दिए गए सभी आधिकारिक टिकट अचानक रद्द कर दिए हैं।
इस फैसले से उन हजारों फैंस को बड़ा झटका लगा है जो वीजा की दिक्कतों और कड़े ट्रैवल बैन के बावजूद अमेरिका जाने की तैयारी कर रहे थे। ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे राजनीतिक तनाव का असर अब सीधे खेल के मैदान पर दिखने लगा है।
Iran said its World Cup ticket allocation had been pulled days before the tournament begins, leaving fans in a fix, while the US denied entry to referee Omar Abdulkadir Artan, who had been set to become the first Somali to officiate at a World Cup match https://t.co/cVG5BUGqJf pic.twitter.com/EwjTX8x1Mr
— Reuters (@Reuters) June 10, 2026
ईरानी फुटबॉल महासंघ ने जताई कड़ी नाराजगी
ईरानी फुटबॉल महासंघ (FFIRI) ने इस मामले पर एक आधिकारिक बयान जारी किया है। महासंघ ने फीफा के इस कदम पर गहरी निराशा और गुस्सा जाहिर किया है। उन्होंने इसे फुटबॉल की भावना के पूरी तरह विपरीत बताया। बयान में कहा गया कि खेल के इतने बड़े वैश्विक मंच पर ऐसा फैसला लेना एक घिनौना राजनीतिक हस्तक्षेप है।
"आधिकारिक प्रक्रिया का पालन करते हुए मैच देखने के लिए सभी तैयारियां पूरी करने के बावजूद कई ईरानी प्रशंसकों को टिकट उपलब्ध कराना संभव नहीं हो सका। ईरानी प्रशंसकों को उनके कानूनी और आधिकारिक टिकट अधिकारों से वंचित करना अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा की भावना और समानता के सिद्धांत के पूरी तरह खिलाफ है।"
फीफा के नियमों के मुताबिक विश्व कप में हिस्सा लेने वाले हर देश को अपने मैचों के कुल टिकटों का 8 प्रतिशत आधिकारिक कोटा मिलता है। यह कोटा देश का फुटबॉल संघ अपने फैंस के बीच बांटता है। ईरानी महासंघ ने इन टिकटों की बिक्री भी शुरू कर दी थी, लेकिन ऐन वक्त पर इसे रद्द कर दिया गया।
ग्रुप स्टेज के मैचों पर पड़ेगा सीधा असर
ईरान की टीम इस बार वर्ल्ड कप के ग्रुप जी (Group G) में शामिल है। इस फैसले के बाद स्टेडियम में टीम को अपने घरेलू दर्शकों का साथ नहीं मिल पाएगा। ईरान के मैचों का शेड्यूल इस प्रकार है:
| मैच | तारीख | स्थान | विपक्षी टीम |
| पहला मैच | 15 जून 2026 | लॉस एंजिल्स | न्यूजीलैंड |
| दूसरा मैच | 21 जून 2026 | स्थान तय | बेल्जियम |
| तीसरा मैच | 26 जून 2026 | सिएटल | मिस्र |
लॉस एंजिल्स में होने वाले पहले मैच के लिए करीब 5,600 टिकट ईरान के कोटे में थे। अब इन टिकटों को फीफा सामान्य बिक्री के लिए जारी कर सकता है। लॉस एंजिल्स में ईरानी समुदाय की एक बड़ी आबादी रहती है, जो अपनी टीम को सपोर्ट करने का इंतजार कर रही थी।
BREAKING: 🇮🇷 Iran Loses World Cup Tickets Due to US Pressure ⚽
— Ebrahim Zolfaghari Commentary (@Irantimes02) June 9, 2026
🇮🇷 Iran says FIFA has suddenly withdrawn its ticket allocation just days before the tournament begins.
The United States has banned the Iranian Football Federation from selling tickets to Iranian fans.
FIFA… pic.twitter.com/7nEEqV9OFv
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता सैन्य तनाव
यह पूरा विवाद ऐसे समय में खड़ा हुआ है जब मध्य पूर्व में हालात बेहद नाजुक बने हुए हैं। इस साल फरवरी के अंत में अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हवाई हमले किए थे। हालांकि इसके बाद एक कमजोर संघर्षविराम (सीजफायर) हुआ, लेकिन हाल ही में लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकानों और अमेरिकी सैन्य अड्डों पर हुए हमलों ने इस शांति को दोबारा खतरे में डाल दिया है।
इसी बीच सोमवार सुबह इजरायल ने महाशायर में ईरान के कारून पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स पर हमला कर दिया। यह अप्रैल के बाद ईरान के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर पहला बड़ा हमला है। इसके जवाब में ईरान ने भी इजरायली एयरबेस पर मिसाइलें दागीं। तेहरान की सड़कों पर सन्नाटा पसरा है और लोग पेट्रोल पंपों पर लाइन लगाए खड़े हैं। युद्ध के इन बादलों के बीच फुटबॉल का रोमांच पूरी तरह फीका पड़ चुका है।
मैक्सिको शिफ्ट करना पड़ा ईरान का बेस कैंप
भू-राजनीतिक तनाव और सुरक्षा चिंताओं के कारण ईरान की टीम को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा है। अमेरिकी प्रशासन के कड़े रुख को देखते हुए ईरान की टीम अपना बेस कैंप अमेरिका के एरिजोना में नहीं बना सकी। फीफा अध्यक्ष गियानी इन्फेंटिनो और मैक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शिनबाम के बीच हुई बातचीत के बाद ईरान का बेस कैंप मैक्सिको के तिजुआना में बनाया गया।
ईरानी खिलाड़ी 7 जून को मैक्सिको पहुंचे। काफी जद्दोजहद के बाद अमेरिकी प्रशासन ने पिछले हफ्ते ईरान के सभी 26 फुटबॉल खिलाड़ियों को वीजा जारी कर दिया था, लेकिन टीम के कई प्रमुख तकनीकी और प्रबंधकीय स्टाफ को अब भी वीजा नहीं मिला है। खिलाड़ियों को अब हर मैच के लिए मैक्सिको से अमेरिका का लंबा सफर तय करना होगा।
🚨 FIFA 2026 TICKET DISASTER EXPOSED
— New Direction AFRICA (@Its_ereko) June 9, 2026
Financial Times just reported: Over 176,000 tickets already flooding the resale market — prices down 20% in a month.
Fans are dumping seats. FIFA is quietly shifting inventory. Empty stadiums incoming for the "biggest World Cup ever."… pic.twitter.com/MdAPFl1u6B
डोनाल्ड ट्रंप का ट्रैवल बैन और फैंस की मजबूरी
ईरान पर अमेरिका ने कड़ा ट्रैवल बैन लगा रखा है। डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकारी आदेश के बाद जनवरी 2026 से ईरान सहित 19 देशों के नागरिकों के अमेरिका प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लागू है। इस प्रतिबंध के कारण आम ईरानी फैंस के लिए वीजा हासिल करना नामुमकिन जैसा हो गया है।
कनाडा में रहने वाले 29 वर्षीय डिजिटल मार्केटर अलीरेजा ने वर्ल्ड कप मैचों के लिए पैसे बचाकर रखे थे। लेकिन उन्होंने टिकट नहीं खरीदने का फैसला किया। अलीरेजा का कहना है कि अमेरिकी सरकार के कड़े नियमों के कारण वीजा मिलने की उम्मीद बेहद कम थी। पैसे डूबने के डर से उन्होंने कदम पीछे खींच लिए। उनके कई अन्य विदेशी सहकर्मी आसानी से अमेरिका जा रहे हैं, जिससे उन्हें काफी दुख हो रहा है।
देश के भीतर भी बंटी हुई है ईरानी जनता
फुटबॉल कभी ईरान के लोगों को एक सूत्र में बांधने का काम करता था, लेकिन अब हालात बदल चुके हैं। तेहरान के रहने वाले सामन एक प्रोफेशनल रनर और कोच हैं। उन्होंने वर्ल्ड कप मैच देखने के लिए अपने दोस्तों को घर पर बुलाया, तो दो दोस्तों ने आने से मना कर दिया। उनका कहना था कि वे ईरान का मैच साथ बैठकर नहीं देखेंगे क्योंकि इससे बहस होगी।
ईरान की जनता का एक बड़ा हिस्सा मौजूदा राष्ट्रीय टीम को देश की सरकार का प्रतिनिधि मानता है। साल 2022 में महसा अमिनी की पुलिस कस्टडी में हुई मौत के बाद ईरान में 'महिला, जीवन, स्वतंत्रता' आंदोलन शुरू हुआ था। उस समय जब लोग सड़कों पर अधिकार की लड़ाई लड़ रहे थे, तब फुटबॉल खिलाड़ी हंसते हुए तस्वीरें खिंचवा रहे थे। इस बात को लेकर जनता के मन में आज भी नाराजगी है।
तेहरान की रहने वाली 28 वर्षीय समाजशास्त्री राहा कहती हैं कि वह राष्ट्रीय टीम से प्यार करती हैं, लेकिन इस मौजूदा टीम से उनका कोई लगाव नहीं बचा है। टीम के कप्तान शोजा खलीलजादेह द्वारा हाल ही में एक क्लब मैच के दौरान दर्शकों की तरफ अमर्यादित इशारा करने से भी फैंस काफी खफा हैं। लोग गुजरे जमाने के दिग्गज गोलकीपर नासिर हेजाजी को याद करते हैं, जो हमेशा सरकार के सामने मजबूती से जनता के साथ खड़े रहे।
रैफरी उमर अर्टान को भी अमेरिका में एंट्री नहीं
टिकट रद्द होने वाले विवाद के बीच एक और हैरान करने वाली खबर आई है। सोमालिया के शीर्ष रैफरी उमर अर्टान को मियामी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर रोक दिया गया। उमर अर्टान को साल 2025 में अफ्रीका का सर्वश्रेष्ठ पुरुष रैफरी चुना गया था। वह सोमालिया के पहले रैफरी बनने वाले थे जो वर्ल्ड कप में अंपायरिंग करते।
यूएस कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन ने सुरक्षा जांच और सत्यापन चिंताओं का हवाला देते हुए उन्हें देश में प्रवेश देने से इनकार कर दिया। फीफा ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि वे मेजबान देश की आव्रजन और वीजा प्रक्रियाओं में दखल नहीं दे सकते। खेल के इस सबसे बड़े महाकुंभ पर अब खेल से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय राजनीति और पाबंदियों का साया साफ दिखाई दे रहा है।