मलिक असगर हाशमी
कुछ ही घंटों बाद दुनिया का सबसे बड़ा फुटबॉल महाकुंभ शुरू होने जा रहा है। फीफा विश्व कप 2026 का आयोजन अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको में हो रहा है। हर बार की तरह इस बार भी भारतीय फुटबॉल टीम टूर्नामेंट का हिस्सा नहीं है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि भारतीयों के लिए इसमें कोई दिलचस्पी या गर्व की बात नहीं है।
दरअसल इस बार का विश्व कप भारतीय मूल के खिलाड़ियों, रेफरियों, कलाकारों और दर्शकों की वजह से खास बन गया है। पहली बार चार भारतीय मूल के फुटबॉलर अलग-अलग देशों की जर्सी में विश्व फुटबॉल के सबसे बड़े मंच पर उतरेंगे। इनमें कतर के युवा खिलाड़ी तहसीन मोहम्मद जमशीद का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है।
केरल के कन्नूर से जुड़े परिवार में जन्मे तहसीन मोहम्मद जमशीद का बचपन कतर में बीता। उनके पिता भी फुटबॉल से जुड़े रहे हैं। कतर की प्रतिष्ठित एस्पायर अकादमी में प्रशिक्षण पाने वाले तहसीन आज कतर फुटबॉल का उभरता सितारा माने जाते हैं। विश्व कप में उनका चयन भारतीय फुटबॉल प्रेमियों के लिए भी गर्व का विषय है। वह भारतीय मूल के पहले मुस्लिम खिलाड़ी हैं जो फीफा विश्व कप के मंच पर नजर आएंगे।
ऑस्ट्रेलिया की ओर से खेलने वाले निशान वेलुपिल्लै भी भारतीय मूल से जुड़े हैं। तमिल पृष्ठभूमि वाले निशान ने पिछले कुछ वर्षों में ऑस्ट्रेलियाई टीम में अपनी खास पहचान बनाई है। उनकी गति और आक्रामक खेल शैली ने उन्हें टीम का महत्वपूर्ण सदस्य बना दिया है।
India may not be competing at the 2026 FIFA World Cup, but four players with Indian roots are set to take football's biggest stage. https://t.co/cMmIvzJQpz
— GQ India (@gqindia) June 9, 2026
विश्व कप में भारतीय जड़ों वाले खिलाड़ियों की सूची यहीं समाप्त नहीं होती। न्यूजीलैंड के मिडफील्डर सरप्रीत सिंह भी इस बार विश्व कप का हिस्सा हैं। पंजाबी मूल के परिवार में जन्मे सरप्रीत पहले ही अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में अपनी पहचान बना चुके हैं। वह जर्मनी के प्रतिष्ठित क्लब बायर्न म्यूनिख से जुड़ने वाले भारतीय मूल के पहले खिलाड़ियों में शामिल रहे हैं।
चौथे खिलाड़ी सैमुअल माउटूसामी हैं, जो डीआर कांगो का प्रतिनिधित्व करेंगे। तमिल मूल से जुड़े सैमुअल के पास अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल का लंबा अनुभव है। वह चारों खिलाड़ियों में सबसे अनुभवी माने जा रहे हैं।
भारतीय मूल के खिलाड़ियों की यह चौकड़ी उस विरासत को आगे बढ़ा रही है जिसकी शुरुआत फ्रांस के पूर्व मिडफील्डर विकाश दोरासू ने की थी। दोरासू ने 2006 विश्व कप में फ्रांस का प्रतिनिधित्व किया था और उनके पूर्वज आंध्र प्रदेश से जुड़े थे।
🚨 HUGE
— The Analyzer (News Updates🗞️) (@Indian_Analyzer) May 23, 2026
Negotiations COMPLETE for FIFA WORLD CUP 2026 broadcasting rights in India.
Official announcement of the INDIA broadcast partner expected NEXT WEEK.
Football World Cup fever set to hit Indian screens again. (Abhishek Tripathi) pic.twitter.com/3PM1BVhP5v
विश्व कप 2026 में भारतीय उपस्थिति केवल खिलाड़ियों तक सीमित नहीं है। भारतीय फुटबॉल महासंघ के अनुसार कई भारतीय रेफरी और मैच अधिकारी फीफा की अंतरराष्ट्रीय सूची में शामिल हैं। इनमें अश्विन कुमार, आदित्य पुरकायस्थ, रचना कमानी, मुरलीधरन पांडुरंगन और पीटर क्रिस्टोफर जैसे नाम शामिल हैं। इससे वैश्विक फुटबॉल में भारत की बढ़ती भागीदारी का संकेत मिलता है।
फुटबॉल के इस महोत्सव में मनोरंजन जगत से भी भारतीय उपमहाद्वीप की झलक दिखाई देगी। बॉलीवुड अभिनेत्री और डांसर नोरा फतेही तथा अमेरिकी बांग्लादेशी गायक संजय द्वारा प्रस्तुत आधिकारिक गीत "सिर सिर" पहले ही सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन चुका है। विश्व कप के सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भी दक्षिण एशियाई प्रभाव साफ दिखाई देगा।
The 2026 FIFA World Cup is the largest tournament in the competition's history with matches being played across 16 host cities in the US, Mexico and Canada.
— AJE Sport (@AJE_Sport) June 2, 2026
Al Jazeera’s @GemmaNash10 takes a closer look at some of the venues for the tournament. pic.twitter.com/D5mjryTWTU
दर्शकों के स्तर पर भी भारत की मौजूदगी उल्लेखनीय रहने वाली है। ट्रैवल इंडस्ट्री के अनुमान के मुताबिक करीब 20 हजार भारतीय फुटबॉल प्रेमी अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको पहुंच सकते हैं। हालांकि यह संख्या कतर विश्व कप 2022 की तुलना में कम है, लेकिन खर्च और यात्रा अवधि के लिहाज से भारतीय दर्शक इस बार अधिक सक्रिय माने जा रहे हैं।
फुटबॉल विशेषज्ञों का मानना है कि भले ही भारत अभी विश्व कप में खेलने से दूर हो, लेकिन भारतीय मूल के खिलाड़ियों की बढ़ती उपस्थिति भविष्य की संभावनाओं का संकेत है। यह दिखाता है कि भारतीय समुदाय दुनिया के विभिन्न हिस्सों में फुटबॉल की मुख्यधारा में अपनी जगह बना रहा है।
विश्व कप 2026 भारतीय फुटबॉल के लिए एक अलग तरह का अध्याय लिख सकता है। मैदान पर भले तिरंगा न दिखे, लेकिन भारतीय जड़ों से जुड़े खिलाड़ी, रेफरी, कलाकार और हजारों दर्शक इस टूर्नामेंट को भारत के लिए भी यादगार बना देंगे।
फीफा विश्व कप 2026 में दिखेगा भारतीयों का दम
AEO Summary
क्या भारत फीफा विश्व कप 2026 में खेल रहा है?
नहीं। भारत की टीम फीफा विश्व कप 2026 में नहीं खेल रही है।
फिर भारत के लिए खास क्या है?
चार भारतीय मूल के फुटबॉलर अलग-अलग देशों का प्रतिनिधित्व करेंगे। भारतीय रेफरी भी टूर्नामेंट से जुड़े हैं।
पहला भारतीय मूल का मुस्लिम खिलाड़ी कौन है?
कतर की ओर से खेलने वाले तहसीन मोहम्मद जमशीद भारतीय मूल के पहले मुस्लिम खिलाड़ी हैं जो विश्व कप में नजर आएंगे।
कितने भारतीय दर्शकों के पहुंचने का अनुमान है?
करीब 20 हजार भारतीय अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको में होने वाले मैच देखने पहुंच सकते हैं।