हिंदू पड़ोसियों ने हज यात्रियों को फूलों से विदा किया

Story by  मलिक असगर हाशमी | Published by  [email protected] | Date 23-04-2026
Hindu neighbors bade farewell to Hajj pilgrims with flowers.AI photo Hashmi
Hindu neighbors bade farewell to Hajj pilgrims with flowers.AI photo Hashmi

 

आवाज द वाॅयस /नई दिल्ली

नई दिल्ली से सटे गाजियाबाद से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने दिल को सुकून दिया है। ऐसे वक्त में जब TCS, नमिता थापर और Lenskart विवाद को लेकर सोशल मीडिया पर बहस का माहौल गर्म है, वहीं यह घटना देश की असली तस्वीर पेश करती है। यह तस्वीर नफरत नहीं, बल्कि भाईचारे और मोहब्बत की है।

यह कहानी एक साधारण से दिखने वाले, लेकिन बेहद खास पल की है। हज के लिए रवाना हो रहे एक मुस्लिम परिवार को उनके हिंदू पड़ोसियों ने जिस तरह विदा किया, उसने हर किसी का दिल जीत लिया। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इसे बार बार देख रहे हैं।

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इस वीडियो को सलमान निजामी ने अपने एक्स हैंडल पर साझा किया। देखते ही देखते यह हजारों लोगों तक पहुंच गया। करीब 45 हजार से ज्यादा लोगों ने इसे पसंद किया और हजारों ने इसे आगे साझा किया। लेकिन इस वीडियो की असली ताकत इसके आंकड़ों में नहीं, बल्कि उसके भाव में छिपी है।

वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि एक सोसाइटी में रहने वाले हिंदू परिवार बड़ी संख्या में इकट्ठा होते हैं। वे हज पर जा रहे मुस्लिम दंपत्ति का इंतजार करते हैं। जैसे ही परिवार बाहर आता है, माहौल भावुक हो जाता है। लोग उन्हें फूलों की मालाएं पहनाते हैं। कुछ लोग उनके ऊपर फूल बरसाते हैं। कई लोग गले मिलते हैं। चेहरे पर खुशी भी है और हल्की सी भावुकता भी।

यह दृश्य बहुत साधारण लग सकता है, लेकिन आज के माहौल में इसकी अहमियत कहीं ज्यादा बढ़ जाती है। जब अक्सर छोटी छोटी बातों को लेकर समाज में दूरी बढ़ाने की कोशिश होती है, तब इस तरह की घटनाएं उम्मीद जगाती हैं। यह बताती हैं कि जमीन पर रहने वाले लोग आज भी एक दूसरे के साथ खड़े हैं।

हज इस्लाम का एक अहम धार्मिक कर्तव्य है। हर मुसलमान की ख्वाहिश होती है कि वह जिंदगी में एक बार मक्का जाकर हज अदा करे। ऐसे में जब कोई इस सफर पर निकलता है, तो वह सिर्फ एक यात्रा नहीं होती, बल्कि एक भावनात्मक पल भी होता है। इस मौके पर पड़ोसियों का इस तरह साथ देना इस अनुभव को और भी खास बना देता है।

गाजियाबाद की इस सोसाइटी में रहने वाले लोगों ने जो किया, वह किसी औपचारिकता का हिस्सा नहीं था। यह दिल से निकली हुई भावना थी। वहां मौजूद लोगों ने न तो धर्म देखा, न ही कोई भेदभाव किया। उन्होंने सिर्फ अपने पड़ोसियों को देखा और उन्हें खुश दिल से विदा किया।

सोशल मीडिया पर इस वीडियो को देखकर लोग अलग अलग तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कोई इसे असली हिंदुस्तान बता रहा है, तो कोई इसे गंगा-जमुनी तहजीब की जीती जागती मिसाल कह रहा है। कई लोगों ने लिखा कि यही वह भारत है, जिस पर उन्हें गर्व है।

दरअसल, भारत की पहचान उसकी विविधता में एकता से रही है। यहां अलग अलग धर्म, भाषा और संस्कृति के लोग साथ रहते हैं। कभी कभी कुछ घटनाएं इस ताने बाने को कमजोर करने की कोशिश करती हैं, लेकिन इस तरह की मिसालें फिर से विश्वास जगा देती हैं।

यह भी सच है कि सोशल मीडिया पर नकारात्मक खबरें ज्यादा तेजी से फैलती हैं। लेकिन जब कोई सकारात्मक घटना सामने आती है, तो लोग उसे भी उतना ही सराहते हैं। गाजियाबाद की यह घटना इसका ताजा उदाहरण है।

इस पूरी घटना से एक बड़ा संदेश भी निकलकर आता है। वह यह कि आम लोग आज भी आपसी रिश्तों को सबसे ऊपर रखते हैं। उन्हें राजनीति या विवादों से ज्यादा फर्क नहीं पड़ता। उनके लिए पड़ोसी पहले है, धर्म बाद में।

आज जरूरत है कि ऐसी कहानियों को ज्यादा से ज्यादा सामने लाया जाए। ताकि समाज में सकारात्मकता बढ़े और लोग एक दूसरे के करीब आएं। गाजियाबाद की यह छोटी सी घटना एक बड़ी सीख देती है। यह बताती है कि अगर इरादे साफ हों, तो मोहब्बत हर दीवार को तोड़ सकती है।

अंत में यही कहा जा सकता है कि यह वीडियो सिर्फ एक विदाई का दृश्य नहीं है। यह उस भारत की झलक है, जो दिलों में बसता है। जहां इंसानियत सबसे बड़ा धर्म है और जहां भाईचारा ही असली ताकत है।