क्रिकेट के बाद फुटबॉल का फीवर: फीफा वर्ल्ड कप में दिखेगा मुस्लिम स्टार्स का जलवा

Story by  मलिक असगर हाशमी | Published by  [email protected] | Date 21-05-2026
Football Fever After Cricket: Muslim Stars Set to Shine at the FIFA World Cup
Football Fever After Cricket: Muslim Stars Set to Shine at the FIFA World Cup

 

मलिक असगर हाशमी/नई दिल्ली

आईपीएल का रोमांच खत्म होते ही दुनिया भर में खेल प्रेमियों का ध्यान एक दूसरे बड़े टूर्नामेंट की तरफ मुड़ने वाला है। क्रिकेट का बुखार जैसे ही थमेगा, वैसे ही फुटबॉल की तपिश पूरी दुनिया को अपनी आगोश में ले लेगी। अगले महीने 11जून से फीफा वर्ल्ड कप 2026 की शुरुआत होने जा रही है। इस महाकुंभ को लेकर सारी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। मैचों का शेड्यूल आ चुका है और टिकटों की मारामारी भी खत्म हो चुकी है। हर बार की तरह इस बार भी कई मुस्लिम देश फुटबॉल के इस सबसे बड़े मंच पर अपनी कलाकारी दिखाते नजर आएंगे। सऊदी अरब, मोरक्को, अल्जीरिया और कतर जैसी टीमें मैदान पर उतरने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

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इस बार का वर्ल्ड कप कई मायनों में बेहद खास और दिलचस्प होने वाला है। टूर्नामेंट में टीमों की संख्या बढ़ाकर 48कर दी गई है। इस वजह से मैचों का रोमांच और ज्यादा बढ़ जाएगा। इस बड़े टूर्नामेंट में दुनिया भर के कई चर्चित मुस्लिम फुटबॉलर भी अपना जलवा बिखेरते नजर आएंगे।

एक रिपोर्ट के मुताबिक इस बार फीफा वर्ल्ड कप में 100 से ज्यादा मुस्लिम खिलाड़ी अलग-अलग देशों की तरफ से अपना हुनर दिखाएंगे। ये खिलाड़ी सिर्फ मुस्लिम देशों का ही प्रतिनिधित्व नहीं कर रहे हैं बल्कि यूरोप और अफ्रीका की बड़ी टीमों की तरफ से भी खेलते नजर आएंगे।

मैदान पर दिखेगा इन बड़े सितारों का जादू

फुटबॉल की दुनिया में आज कई मुस्लिम खिलाड़ी ऐसे हैं जो अपने दम पर मैच का पासा पलटने का माद्दा रखते हैं। मोरक्को के अशरफ हकीमी इस समय दुनिया के सबसे बेहतरीन डिफेंडर्स में से एक माने जाते हैं। पेरिस सेंट जर्मेन के लिए खेलने वाले हकीमी अपनी रफ्तार और सटीक पासिंग के लिए मशहूर हैं।

वहीं मिस्र के स्टार फॉरवर्ड मोहम्मद सालाह पर एक बार फिर सबकी नजरें टिकी होंगी। लिवरपूल की तरफ से खेलने वाले सालाह की लोकप्रियता दुनिया भर में है। उनकी ड्रिब्लिंग और गोल करने की क्षमता का हर कोई कायल है।

यूरोप की मजबूत टीमों में भी कई मुस्लिम चेहरे मुख्य भूमिका में नजर आएंगे। जर्मनी की तरफ से खेलने वाले एंटोनियो रुडिगर स्पेनिश क्लब रियल मैड्रिड की रक्षापंक्ति की रीढ़ हैं। मैदान पर उनकी आक्रामकता विरोधियों के छक्के छुड़ा देती है।

फ्रांस की टीम में भी ओसमान डेम्बेले और इब्राहिमा कोनाटे जैसे स्टार मुस्लिम खिलाड़ी शामिल हैं। इसके अलावा अल इत्तिहाद क्लब के लिए खेलने वाले एनगोलो कांटे भी अपनी बेहतरीन मिडफील्डिंग से फ्रांस को मजबूत बनाएंगे। स्विट्जरलैंड के ग्रेनिट जाका और सेनेगल के कालिदू कौलीबाली भी इस बार टूर्नामेंट में अपनी चमक बिखेरने के लिए तैयार हैं। अल्जीरिया के रेयान ऐत नूरी भी अपने खेल से सबको प्रभावित करने का दम रखते हैं।

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ईरान की भागीदारी और शर्तों पर छिड़ा विवाद

इस फीफा वर्ल्ड कप में खेल के साथ-साथ कूटनीति और राजनीति का तड़का भी देखने को मिल सकता है। वैश्विक स्तर पर चल रहे तनाव के बीच यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि ईरान के खिलाड़ी इस टूर्नामेंट में किस तरह उतरते हैं। ईरान की टीम ने वर्ल्ड कप में हिस्सा लेने के लिए कुछ शर्तें रखी हैं। इन शर्तों को लेकर खेल जगत में अच्छा-खासा विवाद खड़ा हो गया है।

तमाम विवादों के बावजूद ईरान के खिलाड़ियों की खेल क्षमता पर किसी को शक नहीं है। लॉस एंजिल्स के मैदान पर 15जून को ईरान का पहला मुकाबला न्यूजीलैंड से होना है। खेल प्रेमियों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या ईरान के खिलाड़ी विवादों को पीछे छोड़कर मैदान पर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर पाएंगे। फुटबॉल को हमेशा से जोड़ने वाले खेल के रूप में देखा जाता है। ऐसे में फैंस उम्मीद कर रहे हैं कि मैदान पर सिर्फ खेल की बात होगी।

16 शहरों में सजेगा फुटबॉल का सबसे बड़ा मंच

फीफा वर्ल्ड कप 2026 का आयोजन इस बार तीन देशों में संयुक्त रूप से किया जा रहा है। अमेरिका, मैक्सिको और कनाडा के 16खूबसूरत शहरों में ये मुकाबले खेले जाएंगे। कुल 104मैचों के इस लंबे टूर्नामेंट में हर टीम को खुद को साबित करने का पूरा मौका मिलेगा। 11जून को मैक्सिको सिटी के ऐतिहासिक स्टेडियम में मैक्सिको और दक्षिण अफ्रीका के बीच होने वाले मुकाबले से इस टूर्नामेंट का आगाज होगा। उसी दिन एक और मुकाबला कोरिया रिपब्लिक और चेकिया के बीच खेला जाएगा।

इसके बाद अगले ही दिन यानी 12 जून को कनाडा का मुकाबला बोस्निया और हर्जेगोविना से होगा। जबकि अमेरिका की टीम अपने अभियान की शुरुआत पैराग्वे के खिलाफ लॉस एंजिल्स में करेगी। शुरुआती मैचों से ही टूर्नामेंट की दिशा तय होने लगेगी।

इस बार ग्रुप स्टेज में ही कई ऐसी टीमों के बीच टक्कर होने वाली है जो दर्शकों को दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर देंगी। 13जून को न्यूयॉर्क के स्टेडियम में ब्राजील और मोरक्को के बीच होने वाला मैच इस शुरुआती दौर का सबसे बड़ा आकर्षण माना जा रहा है। इसी दिन कतर की टीम सैन फ्रांसिस्को में स्विट्जरलैंड के खिलाफ मैदान पर उतरेगी।

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ग्रुप स्टेज में दिखेंगे कई रोंगटे खड़े करने वाले मुकाबले

टूर्नामेंट जैसे-जैसे आगे बढ़ेगा, रोमांच की सीमाएं टूटती जाएंगी। 15 जून को सऊदी अरब का मुकाबला मजबूत उरुग्वे की टीम से होगा। यह मैच मियामी के खूबसूरत स्टेडियम में खेला जाएगा। सऊदी अरब की टीम ने पिछले वर्ल्ड कप में अर्जेंटीना को हराकर बड़ा उलटफेर किया था। ऐसे में इस बार भी उनसे बड़े धमाके की उम्मीद की जा रही है। उसी दिन बेल्जियम की टीम का सामना मिस्र से होगा जहां मोहम्मद सालाह अपनी टीम की अगुवाई करते दिखेंगे।

16 जून को भी कई बड़े मुकाबले होने हैं। फ्रांस की टीम सेनेगल के खिलाफ मैदान पर उतरेगी जबकि अर्जेंटीना का सामना अल्जीरिया से होगा। अल्जीरिया की टीम हमेशा से अपनी जुझारू फुटबॉल के लिए जानी जाती है। ऐसे में अर्जेंटीना के लिए यह राह आसान नहीं होगी।

इसके बाद 22जून को फ्रांस और इराक के बीच मुकाबला खेला जाएगा। उसी दिन जॉर्डन की टीम अल्जीरिया से भिड़ेगी। ग्रुप स्टेज का अंत आते-आते 26जून को मिस्र और ईरान के बीच एक बेहद कड़ा मुकाबला देखने को मिलेगा।

खेल भावना और नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा

यह वर्ल्ड कप सिर्फ जीतने और हारने का मंच नहीं है। यह दुनिया भर के युवा खिलाड़ियों के लिए खुद को साबित करने का एक बेहतरीन जरिया भी है। मैदान पर जब अलग-अलग देशों के मुस्लिम खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे, तो इससे दुनिया भर के करोड़ों युवाओं को प्रेरणा मिलेगी। अशरफ हकीमी और मोहम्मद सालाह जैसे खिलाड़ियों ने बेहद गरीबी और संघर्ष से निकलकर यह मुकाम हासिल किया है। उनकी यह कहानी नए लड़कों को मेहनत करने का हौसला देती है।

फुटबॉल का यह महाकुंभ 19 जुलाई तक चलेगा जब इस सदी का सबसे बड़ा फाइनल मुकाबला खेला जाएगा। करीब सवा महीने तक चलने वाले इस खेल उत्सव में दुनिया भर की नजरें अमेरिका, मैक्सिको और कनाडा पर टिकी रहेंगी।

क्रिकेट का सीजन खत्म होने के बाद भारतीय खेल प्रेमियों के लिए भी यह एक बेहतरीन तोहफा होने वाला है। देर रात तक चलने वाले इन मैचों का रोमांच हर किसी को जगाए रखेगा। अब बस कुछ ही दिनों का इंतजार बाकी है, जिसके बाद फुटबॉल की यह जादुई दुनिया पूरी दुनिया को दीवाना बनाने के लिए तैयार है।