श्रीनगर के बाजारों में ईद-उल-अजहा की धूम, खरीददारों की भारी भीड़

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 27-05-2026
Eid-ul-Adha fervor grips Srinagar markets; massive crowds of shoppers.
Eid-ul-Adha fervor grips Srinagar markets; massive crowds of shoppers.

 

श्रीनगर से तस्वीरें और रिपोर्ट बासित जरगर

जम्मू-कश्मीर की ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर में इन दिनों पवित्र त्योहार ईद-उल-अजहा यानी बकरीद की तैयारियां अपने शबाब पर हैं। घाटी के तमाम छोटे-बड़े बाजारों में सुबह के पहले उजाले से लेकर देर रात गए तक पैर रखने की जगह नहीं मिल रही है। पूरे कश्मीर में उत्सव का माहौल है और लोग इस बड़े त्योहार को पारंपरिक धार्मिक श्रद्धा के साथ मनाने के लिए अंतिम रूप देने में जुटे हैं। शहर का शायद ही कोई ऐसा कोना हो जहां त्योहारी रौनक और चहल-पहल दिखाई न दे रही हो। इस बार बाजारों की रौनक देखने लायक है क्योंकि लोग काफी समय बाद इतने खुले दिल से खरीदारी करने बाहर निकले हैं।

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श्रीनगर के सबसे प्रमुख और ऐतिहासिक कमर्शियल हब माने जाने वाले लाल चौक, रेजीडेंसी रोड, नौहट्टा, गोनी खान और महाराज गंज जैसे बाजारों में सुबह से ही ग्राहकों का तांता लगा हुआ है। इन व्यस्त बाजारों में पैर रखने की जगह नहीं है और हर तरफ रंग-बिरंगे कपड़ों, सजे-धजे जूतों की दुकानों और बेकरी की महक से माहौल सराबोर है।

स्थानीय निवासी अपने पूरे परिवार के साथ दुकानों पर पहुंच रहे हैं, जिससे बाजारों में एक अलग ही रौनक आ गई है। लोग न केवल नए कपड़े और फुटवियर खरीद रहे हैं, बल्कि पारंपरिक कश्मीरी पोशाक, कॉस्मेटिक्स, आभूषण और सबसे महत्वपूर्ण रूप से ईद-उल-अजहा की कुर्बानी के लिए जरूरी साजो-सामान की जमकर खरीदारी कर रहे हैं।

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इस त्योहारी सीजन में ग्राहकों की भारी आवक से बाजार गुलजार हैं और हर तरफ सिर्फ और सिर्फ खरीदार ही खरीदार नजर आ रहे हैं।पैदल चलने वालों और वाहनों की इस अभूतपूर्व आवाजाही के कारण श्रीनगर के अधिकांश हिस्सों में भारी ट्रैफिक जाम और यातायात की समस्या देखने को मिल रही है।

शहर के मुख्य चौराहों जैसे जहांगीर चौक, डलगेट, मौलाना आजाद रोड और डाउनटाउन के तंग रास्तों पर गाड़ियां रेंगती हुई दिखाई दे रही हैं। प्रशासन ने इस बार पहले से ही ट्रैफिक मैनेजमेंट को लेकर विशेष योजना बनाई थी, लेकिन खरीदारों के भारी हजूम के आगे सड़कें छोटी पड़ती दिख रही हैं।

कई जगहों पर तो पैदल चलने वाले लोगों के कारण वाहनों की कतारें किलोमीटर लंबी हो गई हैं। इसके बावजूद लोगों के चेहरे पर त्योहार की खुशी साफ देखी जा सकती है और वे इस जाम को भी त्योहार के एक हिस्से के रूप में स्वीकार कर अपनी शॉपिंग पूरी करने में लगे हुए हैं।

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स्थानीय दुकानदारों और बड़े व्यापारियों के लिए यह ईद एक बड़ी सौगात लेकर आई है। पिछले कुछ महीनों से बाजार में छाई मंदी और सुस्ती के बाद पिछले तीन-चार दिनों में अचानक आई इस तेजी ने व्यापारियों को बहुत बड़ी राहत दी है। रेडीमेड गारमेंट्स, फैब्रिक्स, जूते-चप्पल और सौंदर्य प्रसाधनों के कारोबार से जुड़े व्यापारियों का कहना है कि उनकी बिक्री में पिछले हफ्ते की तुलना में कई गुना का उछाल आया है।

लाल चौक के एक प्रमुख कपड़ा व्यापारी ने बताया कि हालांकि बाजार में इस समय महंगाई थोड़ी बढ़ी हुई है और सामानों की कीमतें ऊंची हैं, लेकिन इसके बावजूद लोगों के उत्साह में कोई कमी नहीं आई है। लोग अपनी जेब और सामर्थ्य के अनुसार सबसे बेहतरीन चीजें खरीदने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि आने वाले कल, यानी ईद से ठीक एक दिन पहले बाजारों में इससे भी ज्यादा रिकॉर्ड तोड़ भीड़ देखने को मिलेगी, जिसके लिए उन्होंने अपना स्टॉक पहले से ही तैयार रखा है।

कश्मीर में किसी भी त्योहार की कल्पना बिना पारंपरिक बेकरी और खास व्यंजनों के अधूरी है। श्रीनगर की सभी छोटी-बड़ी बेकरी की दुकानों पर इस समय पैर रखने की जगह नहीं है। लोग ईद के खास दस्तरख्वान को सजाने के लिए कश्मीरी पारंपरिक मिठाइयां और बेकरी उत्पाद खरीदने के लिए सुबह से ही लंबी लाइनों में खड़े हैं।

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विशेष रूप से कश्मीरी कुलचा, बाकरखानी, शीरमाल, पेस्ट्री और विभिन्न प्रकार के केक की मांग बहुत ज्यादा बढ़ गई है। शहर के नामी बेकरी संचालकों का कहना है कि वे पिछले कई दिनों से बिना सोए रात-दिन काम कर रहे हैं ताकि इस भारी मांग को पूरा किया जा सके और त्योहार के दिन किसी भी कश्मीरी परिवार को उनके पसंदीदा जायके से महरूम न रहना पड़े।

बाजार में खरीदारी करने आए कुछ स्थानीय लोगों से बात करने पर उन्होंने बताया कि वे आखिरी समय की भगदड़ और भारी भीड़ से बचना चाहते थे, इसी सोच के साथ वे इस बार दो-तीन दिन पहले ही बाजार आ गए थे, लेकिन यहां का नजारा देखकर वे हैरान हैं क्योंकि पूरा श्रीनगर शहर पहले से ही सड़कों और बाजारों में उमड़ा हुआ है।

इसके बावजूद, लोगों का कहना है कि अपनों के साथ मिलकर त्योहार की शॉपिंग करने का जो आनंद है, वह इस भीड़ और ट्रैफिक की परेशानी को पूरी तरह भुला देता है। कई परिवारों को एक साथ हंसते-मुस्कुराते और मोल-भाव करते देखना इस बात का प्रतीक है कि घाटी में शांति और खुशहाली का माहौल है।

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त्योहारी सीजन के इस भारी रश और भीड़भाड़ को देखते हुए जम्मू-कश्मीर प्रशासन और स्थानीय पुलिस बल पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। श्रीनगर के सभी प्रमुख कमर्शियल सेंटरों और बाजारों में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। चप्पे-चप्पे पर अतिरिक्त सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए आधुनिक तकनीकों और सीसीटीवी कैमरों की मदद ली जा रही है।

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इसके साथ ही, ट्रैफिक पुलिस के जवानों को भी सड़कों पर मुस्तैदी से तैनात किया गया है ताकि जाम की स्थिति को जल्द से जल्द सुलझाया जा सके और पैदल चलने वाले खरीदारों को किसी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े। कुल मिलाकर, श्रीनगर इस समय पूरी तरह से ईद-उल-अजहा के रंग में रंग चुका है और हर नागरिक इस पावन पर्व को पूरे उत्साह, पारंपरिक गरिमा और आपसी भाईचारे के साथ मनाने के लिए उत्सुक है।