आवाज द वाॅयस/ नई दिल्ली
विमान करीब दो मिनट में 17 हजार फीट से ज्यादा नीचे आ गया था। ऐसे वक्त में कप्तान और यात्रियों की सूझबूझ ने एक बड़ी विमान दुर्घटना को टालने में अहम भूमिका निभाई।फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 के भारतीय कप्तान स्मित मच्छर ने बताया है कि बुधवार को जब उनके सह पायलट ने कथित तौर पर उन पर चाकू से हमला किया, तब उन्होंने किस तरह कॉकपिट का दरवाजा खोलने की कोशिश की। उस समय विमान तेजी से नीचे जा रहा था और हालात बेहद गंभीर थे।
सऊदी अरब के अस्पताल से गुरुवार को वीडियो कॉल के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात करते हुए कैप्टन स्मित मच्छर ने बताया कि जब वह कॉकपिट के फर्श पर घायल पड़े थे, तब उन्हें महसूस हो रहा था कि विमान तेजी से नीचे गिर रहा है। उन्हें लगा कि यह कुछ करने का आखिरी मौका है। उन्होंने कहा कि उन्हें पता था कि कॉकपिट का दरवाजा ठीक पास में है।
कप्तान के इस प्रयास के बाद यात्रियों और चालक दल के सदस्यों को कॉकपिट तक पहुंचने का मौका मिला। उन्होंने कथित हमलावर को काबू किया और विमान पर फिर से नियंत्रण हासिल करने में मदद की। इसी दौरान विमान जमीन की ओर तेजी से बढ़ रहा था।
इस घटना के बाद विमान में मौजूद यात्रियों के कई बयान सामने आए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी विमान में सवार एक इजरायली प्लंबर के प्रयास की प्रशंसा की। ट्रंप के अनुसार, उस यात्री ने कॉकपिट में पहुंचकर हमलावर को काबू करने में भूमिका निभाई और कुछ समय के लिए विमान के नियंत्रण को संभाला।
#WATCH | Flydubai Captain Smit Machchhar turns emotional as he recounts his ordeal before PM Modi; he says, "You are my biggest idol. I feel proud of the way you are encouraging me today. I had so many injuries, but I told myself I have to get up and act. At the time, I told… pic.twitter.com/eqGloeCTSl
— ANI (@ANI) October 2, 2026
दुबई से तेल अवीव जा रही थी उड़ान
फ्लाइट FZ1073 ने बुधवार सुबह 7 बजकर 5 मिनट पर दुबई से तेल अवीव के लिए उड़ान भरी थी। फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट फ्लाइटरडार24 के आंकड़ों के अनुसार विमान करीब 34 हजार फीट की ऊंचाई तक पहुंच गया था। उड़ान भरने के दो घंटे से कुछ अधिक समय बाद विमान अचानक तेजी से नीचे आने लगा।
इसके बाद विमान पहले तेजी से नीचे आया। फिर उसने ऊंचाई हासिल की और उसके बाद दोबारा तेज गति से नीचे जाने लगा। फ्लाइटरडार24 के आंकड़ों के अनुसार विमान के अचानक नीचे जाने की प्रक्रिया शुरू होने के करीब 12 मिनट बाद वह लगभग 15 हजार फीट की ऊंचाई पर था और तब जाकर उसकी उड़ान स्थिर होने लगी।
विमान में मौजूद यात्रियों ने इस दौरान बेहद डरावने हालात का अनुभव किया। एडम पोलो नाम के एक यात्री ने CNN को बताया कि शुरुआत में उन्हें लगा कि विमान सामान्य एयर पॉकेट से गुजर रहा है। लेकिन कुछ ही सेकंड बाद उन्हें महसूस हुआ कि विमान जिस गति से नीचे जा रहा है, वह सामान्य नहीं है।
पोलो के मुताबिक, विमान की बिजली, मल्टीमीडिया सिस्टम और एयर कंडीशनिंग बंद हो गई थी। जो यात्री अपनी सीटों पर नहीं थे, वे गिरने लगे। गलियारे में खड़े लोग और शौचालय की ओर जा रहे यात्री भी गिर पड़े। उन्होंने इस अनुभव की तुलना बेहद खतरनाक रोलर कोस्टर से की।
महज दो मिनट के भीतर विमान 17 हजार फीट से अधिक नीचे आ चुका था। बाद में सुरक्षित घर पहुंचे यात्रियों ने विमान के भीतर अफरा तफरी और चीख पुकार का माहौल बताया। कई यात्रियों ने लगातार तेज झटकों और टर्बुलेंस की जानकारी दी।
कॉकपिट में शुरू हुआ संघर्ष
इसी दौरान विमान के कॉकपिट में दोनों पायलटों के बीच संघर्ष शुरू हो चुका था। रिपोर्ट के अनुसार, सह पायलट ने भारतीय कप्तान स्मित मच्छर पर चाकू से हमला किया था।कप्तान ने बताया कि वह अचानक खुद को कॉकपिट के फर्श पर गंभीर रूप से घायल अवस्था में पाए। इसके बावजूद उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने के लिए आखिरी ताकत लगाने का फैसला किया। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से बातचीत में कहा कि वह घायल होकर फर्श पर पड़े थे, लेकिन उन्होंने खुद से कहा कि उन्हें एक आखिरी कोशिश करनी होगी।
कॉकपिट का दरवाजा उड़ान के दौरान बंद रहता है और उसे खोलने की व्यवस्था पायलटों के नियंत्रण में होती है। रिपोर्ट के मुताबिक, गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कप्तान ने दरवाजा खोलने के लिए प्रयास किया। इसके बाद यात्रियों और चालक दल के कुछ सदस्यों को अंदर पहुंचने का अवसर मिला।
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बाद में कप्तान मच्छर की प्रशंसा की और उन्हें बहादुर बताया। उन्होंने कहा कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कप्तान ने प्रतिरोध किया और कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया। इसके बाद यात्रियों और चालक दल को कथित हमलावर पर काबू पाने का मौका मिला।
कप्तान ने प्रधानमंत्री मोदी को बताया कि वह पिछले 17 वर्षों से विमान उड़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि लंबे अनुभव के कारण वह विमान की स्थिति को बहुत बारीकी से समझ सकते हैं। भारतीय दूतावास ने बाद में बताया कि कप्तान मच्छर को शुरुआत में सऊदी अरब के तबुक शहर के अस्पताल में भर्ती कराया गया था। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें अबू धाबी ले जाया गया। दूतावास के अनुसार, उनकी हालत स्थिर थी और वह ठीक हो रहे थे।
यात्रियों ने कॉकपिट में पहुंचकर संभाली स्थिति
कप्तान द्वारा कॉकपिट का दरवाजा खोलने के बाद कुछ यात्री तेजी से आगे पहुंचे। यात्री त्ज़विका मानेस ने बताया कि उनकी पत्नी अपनी छोटी बेटी को विमान के आगे वाले हिस्से में स्थित शौचालय ले जा रही थीं। इसी दौरान उन्हें कॉकपिट से चीखने और संघर्ष की आवाजें सुनाई दीं।
उन्होंने अपनी बेटी को वहां से हटाया और हमलावर को रोकने के लिए आगे बढ़े। कुछ अन्य यात्री भी कॉकपिट में पहुंच गए। वहां उन्होंने घायल कप्तान को फर्श पर देखा। दूसरी ओर कथित हमलावर कॉकपिट के नियंत्रण पैनल के पास था।
यात्रियों में शामिल आसफ राजुआन ने बताया कि उन्हें यह पूरा घटनाक्रम किसी फिल्म जैसा लगा। उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि वास्तविक जीवन में उन्हें इस तरह की स्थिति का सामना करना पड़ेगा।
एक अन्य यात्री यानिव हयुन ने बताया कि वह कुछ अन्य यात्रियों के साथ कॉकपिट में पहुंचे। उनके अनुसार, वहां उन्होंने घायल कप्तान को दरवाजे के पास देखा। हयुन ने कथित हमलावर को पकड़कर उसे कॉकपिट से बाहर खींचने की बात कही।
इसके बाद यात्रियों ने मिलकर सह पायलट को काबू में किया। रिपोर्ट के अनुसार, एक दंत चिकित्सक ने घायल कप्तान की मदद की। कुछ यात्रियों ने तार वाले हेडफोन का इस्तेमाल कर कथित हमलावर के हाथ पैर बांधने में मदद की।
यात्री ने कुछ समय के लिए संभाले विमान के नियंत्रण
हमलावर को कॉकपिट से बाहर लाने के बाद यानिव हयुन दोबारा कॉकपिट में पहुंचे। उन्होंने बताया कि उन्होंने विमान के नियंत्रण को पकड़कर उसे ऊपर खींचने की कोशिश की। उन्होंने यह भी बताया कि वह विमान दुर्घटनाओं पर आधारित कनाडाई टीवी सीरीज Mayday देखते हैं।
कुछ देर बाद विमान में मौजूद एक अन्य पायलट कॉकपिट तक पहुंचा। वह विमान के पिछले हिस्से में यात्री के तौर पर सफर कर रहा था। हयुन के अनुसार, विमान धीरे धीरे स्थिर होने लगा और इसके बाद दूसरे पायलट ने नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया।
सुबह 5 बजकर 28 मिनट GMT के आसपास विमान ने 7700 ट्रांसपोंडर कोड प्रसारित किया। यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सामान्य विमान आपात स्थिति का संकेत है। उस समय विमान सऊदी अरब और जॉर्डन की सीमा के करीब था।
इसके बाद विमान की स्थिति धीरे धीरे स्थिर हुई। 5 बजकर 33 मिनट GMT पर विमान करीब 15 हजार फीट की ऊंचाई पर उड़ रहा था। दो मिनट बाद उसके ट्रांसपोंडर कोड में बदलाव हुआ। विमान ने कुछ समय के लिए जॉर्डन के हवाई क्षेत्र में प्रवेश किया और फिर सऊदी अरब की ओर लौट गया।
घायल कप्तान की मदद के लिए आगे आया दंत चिकित्सक
विमान में चीन से इजरायल लौट रहा एक दंत चिकित्सक भी मौजूद था। उसने कॉकपिट में पहुंचकर गंभीर रूप से घायल कप्तान की मदद की।दंत चिकित्सक शोता मुसायेव ने बताया कि चीखने की आवाज सुनते ही वह कुछ सेकंड के भीतर कॉकपिट की ओर भागे। उन्होंने कप्तान को गंभीर रूप से घायल और काफी खून बहते हुए देखा।
मुसायेव ने बताया कि उन्होंने रक्तस्राव रोकने की कोशिश की और कप्तान का ब्लड प्रेशर स्थिर करने में मदद की। उनका मानना था कि विमान में दी गई तत्काल चिकित्सा सहायता ने कप्तान की जान बचाने में भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि कुछ साहसी यात्रियों के साथ मिलकर उन्होंने ऐसी स्थिति को टालने में मदद की जो एक बड़ी त्रासदी में बदल सकती थी।
तबुक में हुई आपात लैंडिंग
विमान ने बाद में सऊदी अरब के तबुक हवाई अड्डे पर आपात लैंडिंग की मांग की। एयर ट्रैफिक कंट्रोल को 5 बजकर 44 मिनट GMT पर आपात लैंडिंग के लिए संदेश मिला।विमान ने दोबारा 7700 ट्रांसपोंडर कोड प्रसारित किया। इसके बाद वह तबुक की ओर बढ़ा। करीब 6 बजकर 58 मिनट GMT पर फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 सुरक्षित रूप से तबुक में उतर गई।
विमान में 174 लोग सवार थे। इनमें घायल कप्तान, कथित हमलावर और वह यात्री भी शामिल था जिसने कुछ समय के लिए विमान के नियंत्रण में मदद की थी। हवाई अड्डे पर आपात चिकित्सा दल और सुरक्षा अधिकारी पहले से मौजूद थे।
यह पूरा घटनाक्रम अब विमानन सुरक्षा जांच का विषय है। उपलब्ध विवरणों में यात्रियों, चालक दल और अधिकारियों के अलग अलग बयान सामने आए हैं। इसलिए घटना के अंतिम कारण और कॉकपिट में हुए संघर्ष की पूरी परिस्थितियां औपचारिक जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगी।