आवाज द वाॅयस /नई दिल्ली
अंतरराष्ट्रीय योग गुरु बाबा रामदेव अपने बेबाक बयानों के लिए जाने जाते हैं। लेकिन इस बार उन्होंने वैश्विक राजनीति के मंच पर एक ऐसी लकीर खींच दी है जिसने सबको हैरान कर दिया है। न्यूज चैनल एनडीटीवी इंडिया के कार्यक्रम ‘चक्रव्यूह’ में बाबा रामदेव ने इजरायल, अमेरिका और ईरान के संघर्ष पर जो कहा, वह इस समय सोशल मीडिया पर तूफान मचा रहा है। रामदेव ने सीधे शब्दों में अमेरिका और इजरायल को कठघरे में खड़ा किया और ईरान की आध्यात्मिक शक्ति का लोहा माना।
जब पत्रकारों ने उनसे पूछा कि क्या वह आयतुल्लाह अली खामेनेई की हत्या की कोशिशों को सही मानते हैं, तो रामदेव का जवाब किसी दार्शनिक जैसा था। उन्होंने कहा कि आप किसी इंसान के शरीर को तो मार सकते हैं, लेकिन उसके जज्बे, शौर्य और विचारों को कभी नहीं खत्म कर सकते। रामदेव के अनुसार किसी व्यक्ति का दर्शन और उसका स्वाभिमान अमर होता है। बंदूक की गोलियां किसी के आत्मसम्मान को नहीं झुका सकतीं।
बाबा रामदेव ने ईरान के प्रति अपनी गहरी संवेदना और सम्मान जाहिर किया। उन्होंने स्वीकार किया कि वह ईरान की राजनीति के बारे में बहुत गहराई से नहीं जानते। इसके बावजूद उन्होंने एक बड़ी बात कही। रामदेव ने कहा कि ईरानी लोग पैगंबर मोहम्मद साहब के खानदान के असली वारिस हैं। शिया समुदाय के प्रति अपना सम्मान जताते हुए उन्होंने कहा कि ये वो लोग हैं जिन्हें न कोई झुका सकता है और न ही कोई हरा सकता है।
बातचीत के दौरान योग गुरु काफी भावुक भी नजर आए। उन्होंने ईरान की आबादी और उनके जज्बे का जिक्र किया। रामदेव ने कहा कि ईरान की करीब दस करोड़ की आबादी में से एक करोड़ से ज्यादा लोग ऐसे हैं, जो खामेनेई के विचारों को अपने रोम-रोम में जीते हैं। उनके भीतर यह विचार उनके अस्तित्व की तरह बस चुका है। रामदेव ने सवाल किया कि जो विचारधारा करोड़ों लोगों के खून में दौड़ रही हो, उसे कोई कैसे खत्म कर सकता है।
जब चर्चा अमेरिका की भूमिका पर पहुंची, तो रामदेव ने इसे अमेरिका की 'राजनीतिक अपरिपक्वता' करार दिया। इंटरव्यू के दौरान जब उनसे बेंजामिन नेतन्याहू पर राय मांगी गई, तो उन्होंने एक मशहूर कहावत का सहारा लिया। उन्होंने कहा कि इजरायल और अमेरिका दोनों 'चोर-चोर मौसेरे भाई' हैं। पत्रकार ने जब इस शब्द पर उन्हें टोका, तो रामदेव ने साफ किया कि वह किसी को व्यक्तिगत तौर पर चोर नहीं कह रहे। यह तो एक मुहावरा है जिसका मतलब है कि दोनों की फितरत एक जैसी है।
#NDTVChakravyuh | 'व्यक्ति को मार सकते हैं, उसके विचारों को नहीं'- खामेनेई की मौत पर ‘चक्रव्यूह’ में बोले योग गुरु स्वामी रामदेव#NDTVExclusive | @yogrishiramdev | @SyyedSuhail | @vikasbha | @MinakshiKandwal | @sucherita_k pic.twitter.com/SlzlJgCquE
— NDTV India (@ndtvindia) March 27, 2026
रामदेव का गुस्सा यहीं शांत नहीं हुआ। उन्होंने बेहद सख्त लहजे में कहा कि नेतन्याहू और अमेरिकी नेतृत्व दोनों युद्ध अपराधी हैं। उन्होंने इन देशों पर मानवता के साथ-साथ प्रकृति और पर्यावरण के साथ भी अपराध करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि युद्ध के नाम पर इन दोनों ने दुनिया में अविश्वास का एक ऐसा हिमालय खड़ा कर दिया है जिसे गिराने में दशकों लग जाएंगे।
बाबा रामदेव ने चेतावनी दी कि इस युद्ध का भयानक परिणाम आने वाले पचास-सौ सालों तक दुनिया को भुगतना पड़ेगा। उन्होंने भविष्यवाणी की कि इस पूरे संघर्ष का सबसे बड़ा नुकसान खुद इजरायल और अमेरिका को ही उठाना होगा। एक संन्यासी और वैश्विक नागरिक की हैसियत से अपनी बात खत्म करते हुए रामदेव ने बड़ी बात कही। उन्होंने कहा कि इस युद्ध में इजरायल और अमेरिका कभी जीत नहीं सकते और ईरान को कभी हराया नहीं जा सकता।
बाबा रामदेव का यह इंटरव्यू अब हर जगह चर्चा का विषय बना हुआ है। एक आध्यात्मिक गुरु का वैश्विक राजनीति और युद्ध अपराधों पर इतना कड़ा रुख अपनाना कई नए समीकरणों को जन्म दे रहा है।