आवाज़ द वॉयस (Awaz–The Voice) ने, अपने पाँच सफल वर्षों के शानदार सफर को यादगार बनाने के लिए, देश के युवाओं को एक रचनात्मक मंच प्रदान करने की घोषणा की है। प्लेटफ़ॉर्म अपनी पाँचवी वर्षगाँठ के उपलक्ष्य में 'इंडिया यूनिटी रील चैलेंज' लेकर आया है, जिसका उद्देश्य सामाजिक सौहार्द और राष्ट्रीय एकता के संदेश को डिजिटल माध्यम से देश के कोने-कोने तक पहुँचाना है। इस प्रतियोगिता में सीनियर स्कूल और कॉलेज के छात्रों के लिए ₹25,000 का एक भव्य मुख्य पुरस्कार रखा गया है, जिसके साथ ही 30 अन्य आकर्षक पुरस्कार भी दिए जाएंगे।
रचनात्मकता और सद्भावना का संगम: चुनौती का सार
'इंडिया यूनिटी रील चैलेंज' की शुरुआत एक रणनीतिक और सामाजिक उद्देश्य के साथ की गई है। आवाज़ द वॉयस का मानना है कि आज की तेज़ रफ़्तार वाली दुनिया में, शार्ट रील (90 सेकंड का वीडियो) विचार व्यक्त करने और समाज को प्रभावित करने का सबसे शक्तिशाली माध्यम बन गया है। इस पहल के माध्यम से प्लेटफ़ॉर्म का लक्ष्य अपनी पहुंच को विशेष रूप से कॉलेज छात्रों के बीच बढ़ाना और युवा, गतिशील प्रतिभाओं को सक्रिय रूप से खोजना है।
प्रतियोगिता का केंद्रीय विषय 'भारत का सामाजिक और सांप्रदायिक सौहार्द' है। यह सीधे तौर पर आवाज़ द वॉयस के मूल मूल्यों - शांति, समावेशिता और एकता - को बढ़ावा देता है।आयोजकों ने प्रतिभागियों को पूरी रचनात्मक स्वतंत्रता दी है।
छात्रों को प्रोत्साहित किया गया है कि वे भारत की एकता की भावना को दर्शाने के लिए विविध माध्यमों का प्रयोग करें। चाहे वह रैप के माध्यम से एक शक्तिशाली संदेश हो, कविता की पंक्तियों में पिरोया गया भावनात्मक आह्वान हो, ऊर्जा से भरपूर नृत्य प्रस्तुति हो, या फिर व्यक्तिगत अनुभवों पर आधारित कोई मार्मिक विचार हो, हर तरह की अभिव्यक्ति का स्वागत किया जाएगा।
युवा प्रतिभा को मंच और इनाम
इस प्रतियोगिता को केवल एक इनामी योजना के रूप में नहीं देखा जा रहा, बल्कि इसे दीर्घकालिक रूप से युवा रचनाकारों को खोजने की एक व्यवस्थित प्रक्रिया के रूप में तैयार किया गया है। संपादकीय टीम द्वारा चयनित सर्वश्रेष्ठ रील को न केवल मुख्य नकद पुरस्कार (₹25,000) से सम्मानित किया जाएगा, बल्कि उसे 'आवाज़ द वॉयस' के सभी सोशल मीडिया चैनलों, जैसे कि यूट्यूब, ट्विटर, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाएगा। यह विजेता छात्र के लिए राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने का एक सुनहरा अवसर होगा।
इसके अतिरिक्त, मुख्य पुरस्कार के अलावा भी 30 अन्य पुरस्कार विजेताओं को दिए जाएंगे, जो यह सुनिश्चित करेगा कि अधिक से अधिक प्रतिभाशाली युवाओं को उनकी रचनात्मकता के लिए पहचान और प्रोत्साहन मिल सके।
प्रतियोगिता के नियम और महत्वपूर्ण तिथियाँ
प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सीनियर स्कूल और कॉलेज के छात्रों को कुछ महत्वपूर्ण नियमों और समय-सीमा का पालन करना होगा:
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विवरण |
शर्तें और समय-सीमा |
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प्रतियोगिता का नाम |
इंडिया यूनिटी रील चैलेंज (India Unity Reel Challenge) |
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पात्रता |
सीनियर स्कूल और कॉलेज के छात्र |
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प्रस्तुति अवधि |
1 दिसंबर 2025 से शुरू होकर 12 जनवरी 2026 तक। |
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वीडियो फॉर्मेट |
अधिकतम 90 सेकंड का, वर्टिकल (मोबाइल-फ्रेंडली) फॉर्मेट। |
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जमा करने का माध्यम |
रील को WhatsApp के माध्यम से 'आवाज़ द वॉयस' के नंबर 9599297502 पर भेजना होगा। |
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सामग्री अनिवार्यता |
सामग्री 100% मौलिक और अप्रकाशित (Original, Unpublished) होनी चाहिए। |
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चयन प्रक्रिया |
प्रविष्टियों का मूल्यांकन आवाज़ द वॉयस की अनुभवी संपादकीय टीम द्वारा किया जाएगा। |
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परिणाम घोषणा |
20 जनवरी 2026 को परिणाम घोषित किए जाएंगे। |
विशेष रूप से ध्यान देने योग्य बात यह है कि प्रतियोगिता में जमा की गई शीर्ष 50 प्रविष्टियों और सर्वश्रेष्ठ रील के कॉपीराइट, सबमिशन के साथ ही आवाज़ द वॉयस द्वारा अधिग्रहित कर लिए जाएंगे।
व्यापक पहुँच और प्रचार की रणनीति
प्रतियोगिता की व्यापक सफलता सुनिश्चित करने के लिए, एक बहु-स्तरीय प्रचार रणनीति अपनाई जा रही है। लक्ष्य समूह यानी युवाओं के बीच व्यापक भागीदारी की गारंटी के लिए, रणनीति में शामिल हैं:
सीधा संपर्क: देश भर के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को लक्षित ईमेल अभियान भेजे जाएंगे।
कैंपस उपस्थिति: दिल्ली के प्रमुख कैंपस में नोटिस और पोस्टर प्रदर्शित किए जाएंगे ताकि छात्र सीधे जानकारी प्राप्त कर सकें।
डिजिटल अभियान: यूट्यूब, ट्विटर, फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे सभी 'आवाज़ द वॉयस' डिजिटल प्लेटफॉर्मों पर आक्रामक प्रचार और जुड़ाव अभियान चलाया जाएगा।
आवाज़ द वॉयस का मानना है कि यह प्रतियोगिता केवल एक सामयिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह ब्रांड के संदेश को प्रामाणिक और अत्यधिक साझा करने योग्य (highly shareable) सामग्री के माध्यम से प्रसारित करने का एक सशक्त तरीका है। यह पहल देश के रचनात्मक युवाओं को पोषित करने में मदद करेगी और साथ ही, राष्ट्रीय एकता के संदेश को एक ऐसे डिजिटल प्रारूप में मज़बूती से पेश करेगी जिसे आज की पीढ़ी तुरंत अपनाती है।
सामाजिक सद्भाव पर केंद्रित यह चुनौती, यह दर्शाती है कि रचनात्मक अभिव्यक्ति को पुरस्कार के साथ जोड़कर सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन कैसे लाया जा सकता है।
आवाज़ द वॉयस सभी सीनियर स्कूल और कॉलेज के छात्रों को इस अनूठी पहल में भाग लेने और अपनी रचनात्मक आवाज़ के माध्यम से भारत की एकता का जश्न मनाने के लिए आमंत्रित करता है। अपनी रील तैयार करें, उसे WhatsApp करें, और ₹25,000 का मुख्य पुरस्कार जीतने के साथ-साथ राष्ट्रीय सद्भावना के इस महत्वपूर्ण अभियान का हिस्सा बनें।