छोटी सी मदद, बड़ा संदेश : हिंदू दुकानदार ने रोज़ेदार को कराया इफ्तार

Story by  अर्सला खान | Published by  [email protected] | Date 13-03-2026
Small help, big message: Hindu shopkeeper arranges Iftar for a fasting person
Small help, big message: Hindu shopkeeper arranges Iftar for a fasting person

 

 
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

रमज़ान का महीना इबादत का होता है। सब्र का होता है। और सबसे बढ़कर इंसानियत का होता है। इसी महीने में एक छोटा सा दृश्य सामने आया जिसने लोगों के दिलों को छू लिया। एक हिंदू दुकानदार ने एक रोज़ेदार की ऐसी मदद की कि देखने वाले भावुक हो गए। यह घटना अब सोशल मीडिया पर भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई है।
 
घटना उस समय की है जब इफ्तार का वक्त करीब था। एक रोज़ेदार पास की एक दुकान पर पहुंचा। उसने दुकानदार से सिर्फ एक बोतल पानी मांगी। उसका मकसद केवल इतना था कि वह पानी से अपना रोज़ा खोल सके। लेकिन दुकानदार ने जो किया, उसने इस छोटी सी मुलाकात को इंसानियत की बड़ी मिसाल बना दिया।
 
दुकानदार ने केवल पानी नहीं दिया। उसने इफ्तार के लिए पूरा खाना पैक कर दिया। उसने दाल मखनी, शाही पनीर, रायता, सलाद और दो नान पैक करके उस युवक को दे दिए। रोज़ेदार बार बार कहता रहा कि अंकल मुझे सिर्फ पानी से ही रोज़ा खोलना है। लेकिन दुकानदार ने मुस्कुराते हुए कहा कि ऐसा मत कहो। मुझे पाप मत चढ़ाओ।
 
दुकानदार ने जाते समय उसके हाथ में सौ रुपये भी रख दिए। उसने कहा कि इससे फल भी ले लेना। यह सुनकर युवक कुछ देर के लिए चुप रह गया। शायद उसे उम्मीद नहीं थी कि एक साधारण सी दुकान पर उसे इतनी अपनापन भरी मदद मिलेगी।
 

रोज़ेदार ने भावुक होकर दुकानदार से कहा कि अंकल आपका दिल बहुत बड़ा है। इस पर दुकानदार ने बहुत सादगी से जवाब दिया। उसने कहा कि हम कौन होते हैं करने वाले। सब महादेव की कृपा है। वही करवा रहे हैं।
 
यह दृश्य जितना छोटा था, उतना ही गहरा भी था। धर्म अलग हो सकते हैं। लेकिन इंसानियत की भाषा एक ही होती है। उस पल में यही दिखाई दिया।
 
 
इस पूरी घटना का वीडियो Haji Nizamuddin Abbasi ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट Twitter पर साझा किया। वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने इस पर खूब प्रतिक्रिया दी। कई लोगों ने इसे सच्चे भाईचारे की मिसाल बताया।
 
वीडियो में यह भी दिखाई देता है कि रोज़ेदार युवक बार बार दुकानदार का शुक्रिया अदा करता है। दुकानदार की सहजता और सादगी भी लोगों को प्रभावित करती है। वह किसी दिखावे के साथ मदद नहीं करता। उसके लिए यह बस एक इंसानी फर्ज जैसा था।
 
सोशल मीडिया पर इस वीडियो को देखने वाले लोग अलग अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कई लोगों ने लिखा कि यही असली भारत की तस्वीर है। कुछ लोगों ने कहा कि ऐसे छोटे छोटे काम ही समाज में भरोसा और मोहब्बत को मजबूत बनाते हैं।
 
रमज़ान का महीना अपने साथ दया और करुणा का संदेश लेकर आता है। रोज़ा केवल भूखा रहने का नाम नहीं है। यह दूसरों के दर्द को समझने की सीख भी देता है। शायद इसी भावना को उस दुकानदार ने सहज रूप में जी लिया।
 
आज के दौर में जब समाज में अक्सर तनाव और मतभेद की खबरें सामने आती हैं, तब ऐसी छोटी घटनाएं उम्मीद की रोशनी बनकर सामने आती हैं। यह याद दिलाती हैं कि दिलों के बीच की दूरी उतनी बड़ी नहीं होती जितनी कभी कभी दिखाई देती है।
 

एक बोतल पानी से शुरू हुई यह कहानी इफ्तार के पूरे खाने तक पहुंच गई। और अंत में एक बड़ा संदेश दे गई। इंसानियत सबसे बड़ी पहचान है। बाकी सब उससे बाद में आता है।