Will Messi's magic prevail or Kane's charisma? Will the old rivalry be revived at the Atlanta stadium?
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
अर्जेंटीना और इंग्लैंड के बीच अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल की बहुचर्चित प्रतिद्वंद्विता बुधवार को यहां जब विश्व कप के दूसरे सेमीफाइनल में फिर से जीवंत होगी तो सबकी नजर इस पर टिकी रहेगी कि इसमें लियोनेल मेस्सी के पांवों का जादू चलेगा या हैरी केन का करिश्मा।
मेस्सी ने अब तक मौजूदा टूर्नामेंट में आठ गोल करके अर्जेंटीना की जीत में अहम भूमिका निभाई है तो केन भी उनसे ज्यादा पीछे नहीं है जिन्होंने छह गोल दागे हैं। यह दोनों खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहली बार आमने-सामने होंगे क्योंकि दोनों टीम के बीच 2005 के बाद कोई मुकाबला नहीं हुआ है। केन को जूड बेलिंगहम (छह गोल) का भी अच्छा साथ मिला है।
इंग्लैंड की टीम के लिए जहां मेस्सी को रोकना एक चुनौती होगी वहीं केन और बेलिंगहम के सामने अर्जेंटीना की रक्षापंक्ति की कड़ी परीक्षा होगी। बेलिंगहम बेहतरीन फॉर्म में चल रहे हैं और अर्जेंटीना को उनसे सतर्क रहना होगा।
इन दोनों देशों के बीच वर्षों से चली आ रही प्रतिद्वंद्विता को देखते हुए मैच के दौरान तनाव भी होने की संभावना है।
फिर चाहे वह 1966 में खेले गए विश्व कप में अर्जेंटीना के तत्कालीन कप्तान एंटोनियो रैटिन को बाहर भेजने का मामला हो या फुटबॉल के मैदान से इतर 1982 में फ़ॉकलैंड द्वीप समूह पर हुआ संघर्ष, इन दोनों देशों के बीच फुटबॉल के मैदान के अंदर और बाहर तनाव देखने को मिला है।