नई दिल्ली
कांग्रेस नेता और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला और पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन (पीसीए) ने पूर्व बीसीसीआई अध्यक्ष इंदरजीत सिंह (आई.एस.) बिंद्रा के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। भारतीय क्रिकेट प्रशासन के सबसे प्रभावशाली चेहरों में शुमार आई.एस. बिंद्रा का रविवार को नई दिल्ली में 84 वर्ष की आयु में निधन हो गया।
बीसीसीआई उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर शोक संदेश साझा करते हुए कहा, “पूर्व बीसीसीआई अध्यक्ष इंदरजीत सिंह बिंद्रा के निधन से अत्यंत दुखी हूं। मैंने बीसीसीआई में उनके साथ काम किया है और उन्हें एक दूरदर्शी नेता के रूप में पाया, जिन्होंने प्रसारण अधिकारों को बेचकर बीसीसीआई को राजस्व के नए स्रोत दिलाए। भारतीय क्रिकेट प्रशासन में उनके अमूल्य योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा। उनके परिवार और प्रियजनों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदनाएं। ओम शांति।”
वहीं, पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन ने भी आई.एस. बिंद्रा के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए उन्हें एक दूरदर्शी प्रशासक बताया। पीसीए ने अपने आधिकारिक ‘एक्स’ पोस्ट में कहा, “पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन बीसीसीआई और पीसीए के पूर्व अध्यक्ष, दूरदर्शी प्रशासक आई.एस. बिंद्रा के निधन पर शोक व्यक्त करता है। उनके नेतृत्व, दूरदृष्टि और अटूट प्रतिबद्धता ने भारतीय क्रिकेट के विकास और प्रशासन को आकार देने में अहम भूमिका निभाई। उनकी विरासत क्रिकेट जगत की आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी। उनके परिवार और प्रियजनों के प्रति हमारी गहरी संवेदनाएं। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे।”
आई.एस. बिंद्रा ने वर्ष 1993 से 1996 तक बीसीसीआई के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया और आधुनिक भारतीय क्रिकेट प्रशासन को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके अलावा वे पंजाब क्रिकेट के भी एक सशक्त स्तंभ रहे। ईएसपीएनक्रिकइन्फो के अनुसार, उन्होंने 1978 से 2014 तक लगातार 36 वर्षों तक पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष के रूप में सेवाएं दीं, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है।
उनकी सबसे स्थायी और यादगार उपलब्धियों में से एक मोहाली स्थित पीसीए स्टेडियम का विकास रहा, जिसे बाद में उनके सम्मान में आई.एस. बिंद्रा पीसीए स्टेडियम नाम दिया गया। यह मैदान भारतीय क्रिकेट इतिहास के कई ऐतिहासिक मुकाबलों का गवाह रहा है।
इसी मैदान पर 2011 आईसीसी क्रिकेट विश्व कप का सेमीफाइनल मुकाबला भारत और पाकिस्तान के बीच खेला गया था, जिसमें सचिन तेंदुलकर ने यादगार 85 रनों की पारी खेली थी। इसके अलावा 2016 आईसीसी टी20 विश्व कप के दौरान भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेला गया वर्चुअल नॉकआउट ग्रुप मुकाबला भी इसी स्टेडियम में हुआ था, जिसमें विराट कोहली की नाबाद 82 रनों की शानदार पारी ने भारत को सेमीफाइनल में पहुंचाया था।
भारतीय क्रिकेट प्रशासन में आई.एस. बिंद्रा का योगदान हमेशा याद किया जाएगा। उनके दूरदर्शी फैसलों और नेतृत्व ने भारतीय क्रिकेट को एक मजबूत व्यावसायिक और प्रशासनिक ढांचा प्रदान किया, जिसकी गूंज आज भी क्रिकेट जगत में सुनाई देती है।