मेरा ध्यान विकेट लेने और टीम को जीत दिलाने पर है, सोशल मीडिया पर नहीं: मोहम्मद शमी

Story by  एटीवी | Published by  [email protected] | Date 29-08-2025
My focus is on taking wickets and making the team win, not on social media: Mohammed Shami
My focus is on taking wickets and making the team win, not on social media: Mohammed Shami

 

नई दिल्ली

भारतीय तेज़ गेंदबाज़ मोहम्मद शमी अक्सर सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग और आलोचना का शिकार होते आए हैं, खासकर जब भारत पाकिस्तान से मैच हारता है। 2021 के टी20 विश्व कप में भारत को पाकिस्तान के हाथों 10 विकेट से करारी हार मिली थी। उस मैच में शमी सबसे महंगे गेंदबाज़ साबित हुए थे, जिनके एक ओवर में औसतन 11 रन गए। इसके बाद सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ नफरत भरे और सांप्रदायिक कमेंट्स की बाढ़ आ गई। कुछ यूज़र्स ने तो उन्हें 'पाकिस्तानी' कहकर गालियाँ भी दीं।

हाल ही में न्यूज़24 को दिए गए एक इंटरव्यू में शमी ने इन मामलों पर खुलकर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा,"कई लोग मुझे सिर्फ़ इसलिए निशाना बनाते हैं क्योंकि मैं मुसलमान हूँ, खासकर पाकिस्तान के खिलाफ मैच के बाद। लेकिन मैं इन बातों पर ध्यान नहीं देता। मेरा फोकस हमेशा अपने खेल पर रहता है। मैं कोई मशीन नहीं हूँ, बुरे दिन भी आते हैं और अच्छे दिन भी। जब मैं देश के लिए खेलता हूँ, तो मेरा ध्यान सिर्फ़ विकेट लेने और मैच जिताने पर होता है – सोशल मीडिया की बातों पर नहीं।"

"पाकिस्तान के खिलाफ खेलने का अलग ही जुनून होता है"

9 सितंबर से एशिया कप 2025 शुरू हो रहा है, जिसमें भारत और पाकिस्तान के बीच एक बहुप्रतीक्षित मुकाबला होने वाला है। ऐसे में, जब शमी से भारत-पाक मैच पर उनकी राय पूछी गई, तो उन्होंने बेबाकी से कहा:"मैं इस बहस से दूर रहता हूँ। सरकार और क्रिकेट बोर्ड जो भी फैसला लेंगे, हम उसका पालन करेंगे। लेकिन पाकिस्तान के खिलाफ खेलने का एक अलग ही एहसास होता है। वहां फैंस का जोश, माहौल और ऊर्जा कुछ अलग ही होती है। हमारे लिए तो ये बस प्रदर्शन का मौका होता है।"

गौरतलब है कि हाल के वर्षों में भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव को देखते हुए कई पूर्व क्रिकेटरों ने पाकिस्तान के साथ मैच खेलने से इनकार करने की मांग की है। लेकिन शमी इस मुद्दे को राजनीति या भावनात्मक रंग देने के बजाय इसे खेल भावना के नज़रिए से देखते हैं।

ट्रोलिंग का मुझ पर असर नहीं होता"

जब उनसे ट्रोलिंग और ऑन-फील्ड स्लेजिंग को लेकर पूछा गया, तो शमी ने स्पष्ट किया कि वे इन सब चीज़ों से प्रभावित नहीं होते। उन्होंने कहा:

"मुझे ट्रोलिंग या स्लेजिंग से कोई फर्क नहीं पड़ता। हाँ, एक बार टेस्ट मैच में मैं थोड़ा गुस्से में आ गया था, जब कोई खिलाड़ी बार-बार समय खराब कर रहा था। तब मैंने सिर्फ़ इतना कहा - 'अपना खेल खेलो'। मेरी आक्रामकता सिर्फ़ खेल से जुड़ी होती है, ट्रोलिंग से नहीं। मैं इन सबसे दूर ही रहता हूँ।"

टीम इंडिया में वापसी की कोशिशें जारी

शमी ने अब तक भारत के लिए 108 वनडे, 64 टेस्ट और 25 टी20 मैच खेले हैं। हालांकि, फिलहाल वह राष्ट्रीय टीम से बाहर चल रहे हैं और उन्हें हाल ही में घोषित एशिया कप टीम में भी जगह नहीं मिली है।

वर्तमान में चयनकर्ता युवा खिलाड़ियों को तरजीह दे रहे हैं, जिससे शमी की वापसी की राह थोड़ी मुश्किल नज़र आ रही है। लेकिन शमी ने साफ किया कि वह हार नहीं मानेंगे और टीम में वापसी के लिए पूरी मेहनत कर रहे हैं।

"टीम इंडिया के लिए खेलना मेरे लिए गर्व की बात है। मैं जब भी मौका मिलेगा, पूरी तैयारी के साथ वापसी करूंगा। अभी मेरा पूरा ध्यान फिटनेस और प्रदर्शन सुधारने पर है।"