आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
जूलियन क्विनोन्स और राउल जिमेनेज ने पहले हाफ में नौ मिनट के अंतराल में गोल किए जिससे मैक्सिको ने इक्वाडोर को 2-0 से हराकर अंतिम 16 में जगह बनाई और नॉकआउट चरण में जीत हासिल करने के 40 साल के सूखे को खत्म किया।
क्विनोनेस ने 22वें मिनट में मैक्सिको के लिए पहला गोल किया जबकि जिमेनेज ने 31वें मिनट में उसकी बढ़त दोगुनी कर दी। मैक्सिको की टीम ने 1986 में टूर्नामेंट की मेजबानी करते हुए राउंड ऑफ 16 में बुल्गारिया को हराने के बाद से नॉकआउट चरण का कोई मैच नहीं जीता था।
इसके बाद मैक्सिको को 1994, 1998, 2002, 2006, 2010, 2014 और 2018 के विश्व कप में अंतिम 16 में लगातार सात बार हार का सामना करना पड़ा। वह कतर में 2022 में खेले गए विश्व कप में ग्रुप चरण से ही बाहर हो गया था।
मैक्सिको रविवार को अपने घरेलू मैदान पर इंग्लैंड और कांगो के बीच बुधवार को होने वाले मैच के विजेता का सामना करेगा।
यह टूर्नामेंट में क्विनोनेस का तीसरा गोल था और अब वह विश्व कप इतिहास में एल ट्राइ (मैक्सिको की टीम का उपनाम) की तरफ से सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ियों की सूची में दूसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। उनसे आगे लुई हर्नांडेज़ और जेवियर हर्नांडेज़ हैं, जिन्होंने चार-चार गोल किए थे।
जिमेनेज़ ने टूर्नामेंट का अपना दूसरा गोल किया और उन्होंने राष्ट्रीय टीम के लिए 47 गोल करके जेरेड बोर्गेटी को पीछे छोड़ दिया। वह अब मैक्सिको की तरफ से सर्वाधिक गोल करने के मामले में जेवियर हर्नांडेज़ की बराबरी करने से सिर्फ पांच गोल दूर हैं।
प्रतिष्ठित एज़्टेका स्टेडियम में मैक्सिको की टीम ने 10 विश्व कप मैचों में अजेय रहने का रिकॉर्ड बनाया है। इस मैदान पर मैक्सिको को केवल दो हार का सामना करना पड़ा है। इनमें से आखिरी हार उसे छह सितंबर, 2013 को होंडुरास के खिलाफ विश्व कप क्वालीफाइंग मैच में मिली थी।