फीफा विश्व कप 2026: मोरक्को ने नीदरलैंड्स को किया बाहर

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 30-06-2026
FIFA World Cup 2026: Morocco knocks out the Netherlands.
FIFA World Cup 2026: Morocco knocks out the Netherlands.

 

ग्वाडालूप (मैक्सिको)।

फीफा विश्व कप 2026 में मोरक्को ने एक और ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए पूर्व विश्व कप सेमीफाइनलिस्ट और 2018 में तीसरे स्थान पर रही नीदरलैंड्स की टीम को रोमांचक मुकाबले में पेनल्टी शूटआउट में 3-2 से हराकर टूर्नामेंट से बाहर कर दिया। निर्धारित समय और अतिरिक्त समय तक मुकाबला 1-1 की बराबरी पर समाप्त हुआ, जिसके बाद पेनल्टी शूटआउट में मोरक्को ने शानदार संयम दिखाते हुए जीत दर्ज की और अंतिम-16 (राउंड ऑफ 16) में अपनी जगह पक्की कर ली।

इस यादगार जीत में अशरफ हकीमी, नील एल अयनाउई और इस्माइल साइबारी ने शानदार प्रदर्शन किया। तीनों खिलाड़ियों ने पूरे मुकाबले में अपनी टीम के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया और मोरक्को की जीत के सबसे बड़े नायकों में शामिल रहे।

आंकड़ों के अनुसार, मिडफील्डर नील एल अयनाउई ने मैच में कुल 134 सफल पास पूरे किए। मौजूदा विश्व कप में उनसे अधिक केवल अर्जेंटीना के लिए लिएंड्रो परेडेस ने जॉर्डन के खिलाफ 153 पास पूरे किए हैं। एल अयनाउई की यह उपलब्धि उनके बेहतरीन खेल नियंत्रण और मिडफील्ड में प्रभावशाली भूमिका को दर्शाती है।

वहीं, पेरिस सेंट-जर्मेन (पीएसजी) के स्टार डिफेंडर अशरफ हकीमी ने भी शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने पूरे मैच के दौरान विपक्षी पेनल्टी बॉक्स में पांच बार गेंद को छुआ, जो इस मुकाबले में किसी भी मोरक्को खिलाड़ी का सर्वाधिक आंकड़ा रहा। मौजूदा विश्व कप में हकीमी अब तक विपक्षी बॉक्स में कुल 30 बार गेंद छू चुके हैं, जो किसी भी मोरक्को खिलाड़ी का सर्वश्रेष्ठ रिकॉर्ड है।

इस्माइल साइबारी का प्रदर्शन भी पूरे टूर्नामेंट में लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है। उन्होंने इससे पहले ग्रुप चरण के तीनों मुकाबलों में गोल दागकर इतिहास रचा था। वह विश्व कप इतिहास में लगातार तीन ग्रुप मैचों में गोल करने वाले पहले अफ्रीकी खिलाड़ी बने। इसके अलावा, वर्ष 2010 में घाना के असामोआ ग्यान के बाद एक ही विश्व कप में तीन गोल करने वाले पहले अफ्रीकी फुटबॉलर भी बने।

नीदरलैंड्स के खिलाफ मुकाबले में साइबारी ने सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाई। पेनल्टी शूटआउट के निर्णायक क्षण में उन्होंने दबाव के बावजूद शानदार तरीके से गोल कर मोरक्को को जीत दिला दी। इस विश्व कप में वह ब्राजील और नीदरलैंड्स जैसी मजबूत टीमों के खिलाफ गोल करने वाले चुनिंदा खिलाड़ियों में शामिल हो गए हैं।

मैच की बात करें तो पहला हाफ बेहद संतुलित रहा और दोनों टीमों को गोल करने के ज्यादा अवसर नहीं मिले। आखिरकार 72वें मिनट में नीदरलैंड्स के स्टार फॉरवर्ड कोडी गाक्पो ने शानदार गोल कर अपनी टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी। इसके बाद ऐसा लग रहा था कि नीदरलैंड्स अगले दौर में पहुंच जाएगा।

लेकिन इंजुरी टाइम में मोरक्को ने जबरदस्त वापसी की। 91वें मिनट में चेम्सदीन तालबी ने बॉक्स में शानदार क्रॉस दिया, जिस पर इसा डियोप ने बेहतरीन हेडर लगाकर गेंद को गोल में पहुंचा दिया। इस गोल के साथ स्कोर 1-1 हो गया और मुकाबला अतिरिक्त समय में पहुंच गया।

अतिरिक्त 30 मिनट के खेल में दोनों टीमों ने कई प्रयास किए, लेकिन कोई भी निर्णायक बढ़त हासिल नहीं कर सका। इसके बाद मैच का फैसला पेनल्टी शूटआउट से हुआ।

पेनल्टी शूटआउट में दोनों टीमों के दो-दो खिलाड़ी निशाना चूक गए। मोरक्को के गोलकीपर यासीन बुनू ने एक बार फिर अपनी शानदार गोलकीपिंग का प्रदर्शन करते हुए क्रिसेन्सियो समरविल की पेनल्टी बचा ली। इसके बाद अंतिम पेनल्टी लेने आए इस्माइल साइबारी ने बिना कोई गलती किए गेंद को गोल में पहुंचाया और मोरक्को को 3-2 से यादगार जीत दिला दी।

इस जीत के साथ मोरक्को ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह विश्व फुटबॉल की उभरती हुई बड़ी ताकत बन चुका है। टीम अब पूरे आत्मविश्वास के साथ अगले दौर में उतरेगी और खिताब जीतने के अपने सपने को साकार करने की कोशिश करेगी।