Mandaviya proud of Neeraj and Yashveer's historic success.
नई दिल्ली/ग्लासगो
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय एथलेटिक्स ने एक नया इतिहास रच दिया। पुरुषों की भाला फेंक (जैवलिन थ्रो) स्पर्धा में नीरज चोपड़ा ने रजत पदक और युवा खिलाड़ी यशवीर सिंह ने कांस्य पदक जीतकर भारत को पहली बार इस स्पर्धा में डबल पोडियम दिलाया। इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री मनसुख मंडाविया ने दोनों खिलाड़ियों को बधाई देते हुए इसे भारतीय एथलेटिक्स के लिए गर्व का क्षण बताया।
मंडाविया ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि पुरुषों की जैवलिन थ्रो स्पर्धा में दो भारतीय खिलाड़ियों का एक साथ पोडियम पर पहुंचना ऐतिहासिक उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि नीरज चोपड़ा का रजत और यशवीर सिंह का कांस्य पदक देश के लिए यादगार उपलब्धि है और यह भारतीय एथलेटिक्स के बढ़ते स्तर का प्रमाण है।
उन्होंने अपने संदेश में लिखा, "यादगार डबल पोडियम फिनिश। कॉमनवेल्थ गेम्स में पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा में रजत पदक जीतने पर नीरज चोपड़ा और कांस्य पदक हासिल करने पर यशवीर सिंह को हार्दिक बधाई। इस स्पर्धा में पहली बार दो भारतीय खिलाड़ियों का पोडियम पर पहुंचना भारतीय एथलेटिक्स के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। पूरा देश इस सफलता पर गर्व महसूस कर रहा है।"
पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा में श्रीलंका के रुमेश थरंगा पाथिराजे ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। उन्होंने दूसरे प्रयास में 89.75 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो कर प्रतियोगिता में शीर्ष स्थान हासिल किया। नीरज चोपड़ा ने लगातार बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए रजत पदक जीता, जबकि कॉमनवेल्थ गेम्स में पदार्पण कर रहे यशवीर सिंह ने कांस्य पदक जीतकर भारतीय एथलेटिक्स को नई ऊंचाई दी।
इस बीच, खेल मंत्री मनसुख मंडाविया ने भारतीय एथलीट तेजस्विन शंकर को भी ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए बधाई दी। तेजस्विन ने पुरुषों की डेकाथलॉन स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रचा। यह कॉमनवेल्थ गेम्स में डेकाथलॉन में भारत का पहला पदक है।
मंडाविया ने एक्स पर एक अन्य पोस्ट में लिखा, "पुरुषों की डेकाथलॉन स्पर्धा में इतिहास रचने पर टॉप्स (TOPS) एथलीट तेजस्विन शंकर को हार्दिक बधाई। कांस्य पदक जीतकर आपने भारत को इस स्पर्धा का पहला कॉमनवेल्थ पदक दिलाया है। पूरे देश को आपकी इस उपलब्धि पर गर्व है।"
तेजस्विन शंकर ने दस स्पर्धाओं के संयुक्त प्रदर्शन में 7,976 अंक हासिल किए और कांस्य पदक अपने नाम किया। अंतिम स्पर्धा 1500 मीटर दौड़ में उन्होंने 4 मिनट 36.19 सेकंड का समय निकाला। अंतिम क्षणों में इंग्लैंड के खिलाड़ी ने उन्हें चुनौती देने की कोशिश की, लेकिन 4 मिनट 32.29 सेकंड का समय निकालने के बावजूद वह कुल अंकों में तेजस्विन से आगे नहीं निकल सके। इसके साथ ही भारतीय एथलीट ने ऐतिहासिक कांस्य पदक सुनिश्चित कर लिया।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है। नीरज चोपड़ा, यशवीर सिंह और तेजस्विन शंकर की उपलब्धियों ने यह साबित किया है कि भारतीय एथलेटिक्स अब विश्व स्तर पर लगातार मजबूत पहचान बना रहा है। इन खिलाड़ियों की सफलता आने वाली पीढ़ी के एथलीटों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगी और अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की दावेदारी को और मजबूत करेगी।