आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
भारत की सीमा कालीरमण को गर्भावस्था के बाद गठिया हो गया था लेकिन उन्होंने इस पर काबू पाया और पिछले साल वापसी करने के बाद यहां राष्ट्रमंडल खेलों में में बृहस्पतिवार को महिला चक्का फेंक स्पर्धा में कांस्य पदक जीता लेकिन वह अपने व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन से मामूली अंतर से चूक गईं।
उनकी साथी खिलाड़ी निधि रानी इसी स्पर्धा में चौथे स्थान पर रहीं।
सीमा ने 58.65 मीटर के अपने सर्वश्रेष्ठ प्रयास के साथ तीसरा स्थान हासिल किया। भारतीय खिलाड़ी ने यह दूरी अपने तीसरे प्रयास में हासिल की। वह हालांकि 59.73 मीटर के अपने निजी और सत्र के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन से पीछे रहीं।
निधि ने 57.10 मीटर के अपने सर्वश्रेष्ठ प्रयास के साथ चौथा स्थान हासिल किया। उनका निजी और सत्र का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 58.82 मीटर है।
जमैका की समंथा हॉल ने अपने पांचवें प्रयास में 61.66 मीटर की सर्वश्रेष्ठ दूरी के साथ स्वर्ण पदक हासिल किया जबकि कनाडा की जूलिया टंक्स ने 60.67 मीटर के प्रयास के साथ रजत पदक जीता।
सीमा ने कहा, ‘‘मैं अपना व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन तो नहीं कर पाई, लेकिन अच्छा प्रदर्शन करने के लिए प्रतिबद्ध थी।’’
हरियाणा के भिवानी की रहने वाली 27 वर्षीय सीमा ने गर्भावस्था के बाद गठिया और घुटने की चोट जैसी जटिल समस्याओं से उबरने के लिए कुछ समय तक खेल से दूर रहने के बाद वापसी की। उनका बेटा अब चार साल का है।
सीमा भिवानी के चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय से शारीरिक शिक्षा में पीएचडी भी कर रही हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘गर्भावस्था के बाद मुझे गठिया हो गया था, जिसके कारण कई समस्याएं पैदा हो गई थी। अपने पति और परिवार के सहयोग से ही मैं आज यहां पर हूं।’’
सीमा ने कहा, ‘‘मुझे पूरा भरोसा था कि मुश्किल परिस्थितियों के बावजूद मैं अच्छा प्रदर्शन करूंगी। बहुत ठंड थी, लेकिन स्पला (पोलैंड) में खेलों से पहले अभ्यास करने से हमें ऐसे मौसम के लिए तैयार करने में मदद की।’’