इस्लामाबाद
इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में लगातार दो हार के बाद पाकिस्तान क्रिकेट में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। तीसरे टेस्ट से पहले चयनकर्ताओं ने टीम में व्यापक फेरबदल किया है। पाकिस्तान के राष्ट्रीय चयनकर्ता आकिब जावेद ने इस फैसले का बचाव किया है। उन्होंने इमाम उल हक को लेकर उठे चोट संबंधी विवाद पर भी कार्रवाई के संकेत दिए हैं।
इंग्लैंड और पाकिस्तान के बीच सीरीज का तीसरा और अंतिम टेस्ट 9 सितंबर से एजबेस्टन में खेला जाएगा। पाकिस्तान शुरुआती दोनों मुकाबले हार चुका है। पहले टेस्ट में उसे पारी से हार मिली थी। दूसरे टेस्ट में इंग्लैंड ने पाकिस्तान को 194 रन से हराया। इसके साथ इंग्लैंड ने सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली।
लगातार खराब प्रदर्शन के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने टेस्ट टीम में बड़ा बदलाव किया। बोर्ड ने सात खिलाड़ियों को टीम से रिलीज कर दिया। इनमें मोहम्मद रिजवान, इमाम उल हक, सलमान आगा, अली उस्मान, आमेर जमाल, अवैस जफर और खुर्रम शहजाद शामिल हैं।
आकिब जावेद ने कहा कि टीम के चयन की जिम्मेदारी चयन समिति की है, जबकि अंतिम प्लेइंग इलेवन और मैच संयोजन कप्तान तथा मुख्य कोच के अधिकार क्षेत्र में आते हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने कप्तान बाबर आजम और कोच सरफराज अहमद से तेज गेंदबाज उबैद शाह को टीम में इस्तेमाल करने की बात की थी, ताकि गेंदबाजी आक्रमण में विविधता लाई जा सके।
आकिब के मुताबिक जब तय योजना के अनुसार फैसले नहीं लिए जाते तो टीम में बदलाव की जरूरत महसूस होती है। सीरीज हाथ से निकल चुकी है। ऐसे में एजबेस्टन टेस्ट में युवा खिलाड़ियों को मौका देकर उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का अनुभव देना जरूरी है।
इमाम उल हक की चोट को लेकर भी विवाद बढ़ गया है। लॉर्ड्स टेस्ट के दौरान फील्डिंग करते हुए इमाम के पिंडली में चोट लगी थी। इसके बाद वह दोनों पारियों में बल्लेबाजी नहीं कर सके। हालांकि, चौथे दिन उन्हें पैर पर पट्टी बांधकर थ्रोडाउन लेते देखा गया। इसके बाद उनकी चोट को लेकर सवाल उठने लगे।
आकिब जावेद ने इस मामले को गंभीर बताया। उन्होंने कहा कि किसी खिलाड़ी का मांसपेशियों की चोट के कारण टेस्ट मैच में बल्लेबाजी नहीं कर पाना सवाल खड़ा करता है। उन्होंने संकेत दिया कि इस मामले में कार्रवाई की जा सकती है।
मुख्य कोच सरफराज अहमद के छोटे कार्यकाल पर भी सवाल उठे हैं। आकिब ने कहा कि कोच के मूल्यांकन में केवल नतीजे ही महत्वपूर्ण नहीं होते। खिलाड़ियों का प्रबंधन और उन्हें सही तरीके से नेतृत्व देना भी अहम है।
एजबेस्टन टेस्ट के लिए पाकिस्तान ने पांच अनकैप्ड खिलाड़ियों को टीम में शामिल किया है। इनमें अराफात मिन्हास, मोहम्मद इमरान जूनियर, साद बैग, मोहम्मद इमरान रंधावा और रजाउल्लाह शामिल हैं। सैम अयूब और अब्दुल्ला फजल को भी टीम में जगह मिली है। दोनों के पास कुल मिलाकर केवल 10 टेस्ट मैचों का अनुभव है।
इस बीच पूर्व कप्तान मिस्बाह उल हक ने राष्ट्रीय चयन समिति से इस्तीफे की पेशकश की है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने अभी उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया है। मिस्बाह ने लाहौर स्थित नेशनल क्रिकेट एकेडमी में बल्लेबाजी सलाहकार की भूमिका से हटने का फैसला भी किया है।
पाकिस्तान की टीम इस समय विश्व टेस्ट चैंपियनशिप 2025 से 27 की तालिका में सबसे नीचे है। टीम के सामने अब एजबेस्टन में हार से बचने और सीरीज को 3-0 से गंवाने से रोकने की चुनौती है।
पाकिस्तान और इंग्लैंड का तीसरा टेस्ट कब होगा?
तीसरा टेस्ट 9 सितंबर 2026 से एजबेस्टन में खेला जाएगा।
पाकिस्तान सीरीज में कितने अंतर से पीछे है?
इंग्लैंड ने शुरुआती दोनों टेस्ट जीतकर 2-0 की अजेय बढ़त बना ली है।
पाकिस्तान ने कितने खिलाड़ियों को टीम से रिलीज किया?
पीसीबी ने सात खिलाड़ियों को टीम से बाहर किया है।
इमाम उल हक विवाद क्या है?
इमाम ने चोट के कारण टेस्ट की दोनों पारियों में बल्लेबाजी नहीं की, लेकिन उन्हें चौथे दिन थ्रोडाउन लेते देखा गया। इसके बाद उनकी चोट को लेकर सवाल उठे।
आकिब जावेद ने क्या कहा?
उन्होंने मामले को गंभीर बताते हुए संकेत दिया कि इमाम उल हक के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।