ताशकंद
भारत की अंडर-20 फुटबॉल टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बांग्लादेश को 3-0 से हरा दिया। इस जीत के साथ भारत ने 20 साल के लंबे इंतजार के बाद एएफसी अंडर-20 एशियन कप में जगह बना ली है।
दोस्तलिक स्टेडियम में रविवार को खेले गए ग्रुप बी के आखिरी क्वालीफाइंग मुकाबले में भारतीय टीम ने शुरू से ही दबदबा बनाए रखा। डैनी मेइतेई लाइशराम, विशाल यादव और स्थानापन्न खिलाड़ी मोहम्मद अरबाश ने भारत के लिए गोल किए।
इस जीत के साथ ब्लू कोल्ट्स ने क्वालीफाइंग अभियान में अपनी दूसरी जीत दर्ज की। भारत ग्रुप बी में छह अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहा। मेजबान उज्बेकिस्तान नौ अंकों के साथ ग्रुप में शीर्ष पर रहा। उसने सीरिया को भी शिकस्त दी।
भारत के लिए इस मुकाबले का महत्व केवल जीत तक सीमित नहीं था। टीम को एएफसी अंडर-20 एशियन कप में जगह बनाने के लिए दूसरे स्थान पर रहते हुए सर्वश्रेष्ठ उपविजेता टीमों में शामिल होना था। 3-0 की जीत ने भारत की स्थिति मजबूत कर दी और वह आठ क्वालीफाइंग ग्रुपों में सात सर्वश्रेष्ठ उपविजेता टीमों में जगह बनाने में सफल रहा।
20 साल बाद बड़ी वापसी
भारतीय फुटबॉल के लिए यह उपलब्धि खास है। ब्लू कोल्ट्स ने आखिरी बार 20 साल पहले एएफसी अंडर-20 एशियन कप में हिस्सा लिया था। लंबे इंतजार के बाद टूर्नामेंट में वापसी युवा भारतीय फुटबॉल के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
बांग्लादेश के खिलाफ मुकाबले में भारतीय खिलाड़ियों ने आक्रामक फुटबॉल खेली। टीम ने गोल करने के मौकों का फायदा उठाया और रक्षापंक्ति ने भी बांग्लादेश को वापसी का ज्यादा अवसर नहीं दिया।
डैनी मेइतेई लाइशराम ने भारत को बढ़त दिलाने में अहम भूमिका निभाई। इसके बाद विशाल यादव ने टीम की स्थिति और मजबूत कर दी। मुकाबले के आगे बढ़ने के साथ बांग्लादेश पर दबाव बढ़ता गया। स्थानापन्न खिलाड़ी मोहम्मद अरबाश ने तीसरा गोल कर भारत की जीत लगभग पक्की कर दी।
उज्बेकिस्तान ग्रुप में सबसे आगे
ग्रुप बी में उज्बेकिस्तान का प्रदर्शन सबसे बेहतर रहा। उसने तीनों मैचों में जीत दर्ज करते हुए नौ अंक हासिल किए और ग्रुप में पहला स्थान हासिल किया।
भारत छह अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहा। सीरिया के खाते में तीन अंक आए और वह तीसरे स्थान पर रहा। बांग्लादेश के लिए यह अभियान निराशाजनक रहा। टीम अपने तीनों मुकाबले हार गई और उसके खाते में एक भी अंक नहीं आया। इसके चलते बांग्लादेश को डेवलपमेंट फेज में भेज दिया गया।
भारत की स्थिति इसलिए भी मजबूत रही क्योंकि उसका प्रदर्शन सर्वश्रेष्ठ उपविजेता टीमों में जगह बनाने के लिए पर्याप्त था। एएफसी अंडर-20 एशियन कप के क्वालीफाइंग दौर में आठ ग्रुप बनाए गए थे। इनमें से सात सर्वश्रेष्ठ दूसरे स्थान पर रहने वाली टीमों को भी मुख्य टूर्नामेंट में प्रवेश दिया गया।
एशिया के बड़े मंच पर युवा भारतीय टीम
एएफसी अंडर-20 एशियन कप में भारत की वापसी ऐसे समय हुई है जब देश में युवा फुटबॉल को लेकर लगातार उम्मीदें बढ़ रही हैं। इस उम्र वर्ग के खिलाड़ियों के लिए एशियाई स्तर पर मजबूत टीमों के खिलाफ खेलने का अनुभव आगे के करियर में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
भारत की इस जीत से खिलाड़ियों का आत्मविश्वास भी बढ़ेगा। खासकर बांग्लादेश के खिलाफ तीन गोल की जीत ने टीम की आक्रामक क्षमता को सामने रखा है। अब भारतीय टीम के सामने एशिया की मजबूत युवा टीमों के खिलाफ खुद को साबित करने की चुनौती होगी।
2027 में चीन में होगा टूर्नामेंट
एएफसी अंडर-20 एशियन कप चीन में 24 मार्च से 10 अप्रैल 2027 तक खेला जाएगा। इस टूर्नामेंट में एशिया की शीर्ष युवा फुटबॉल टीमें हिस्सा लेंगी।
टूर्नामेंट का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि यहां अच्छा प्रदर्शन करने वाली शीर्ष चार टीमें 2027 फीफा अंडर-20 विश्व कप के लिए क्वालीफाई करेंगी। ऐसे में भारत के युवा खिलाड़ियों के पास न केवल एशिया के बड़े मंच पर खेलने का मौका होगा, बल्कि विश्व कप का टिकट हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ने का भी अवसर रहेगा।
बांग्लादेश के खिलाफ 3-0 की जीत के साथ भारतीय अंडर-20 टीम ने फिलहाल पहला लक्ष्य हासिल कर लिया है। 20 साल बाद एएफसी अंडर-20 एशियन कप में वापसी अब भारतीय युवा फुटबॉल के लिए एक नई शुरुआत के तौर पर देखी जा रही है।