अहमदाबाद में पहले विश्व योगासन चैंपियनशिप का उद्घाटन, पीएम मोदी बोले- भारत का कालजयी उपहार

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 05-06-2026
Inauguration of the first World Yogasana Championship in Ahmedabad; PM Modi calls it India's timeless gift.
Inauguration of the first World Yogasana Championship in Ahmedabad; PM Modi calls it India's timeless gift.

 

नई दिल्ली:

प्रधानमंत्री Narendra Modi ने अहमदाबाद से वीडियो संदेश के माध्यम से पहली विश्व योगासन चैंपियनशिप 2026 का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने योग को मानवता के लिए भारत का कालजयी उपहार बताते हुए कहा कि यह आयोजन विश्व खेल इतिहास में एक नए अध्याय की शुरुआत है।

प्रधानमंत्री ने दुनिया भर से आए खिलाड़ियों और प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि ऐतिहासिक शहर अहमदाबाद में इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता का आयोजन पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने उल्लेख किया कि अहमदाबाद एक UNESCO विश्व धरोहर शहर है और यहां इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन का होना इसकी महत्ता को और बढ़ाता है।

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पूरी दुनिया में मनाया जाएगा और इस वर्ष इसका मुख्य कार्यक्रम कोलकाता में आयोजित होगा। उन्होंने कहा कि योग दिवस से पहले विश्व योगासन चैंपियनशिप का आयोजन स्वास्थ्य और कल्याण के संदेश को और मजबूत करेगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने याद दिलाया कि लगभग एक दशक पहले भारत ने संयुक्त राष्ट्र में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित करने का प्रस्ताव रखा था। उन्होंने कहा कि उस समय 190 देशों ने भारत के प्रस्ताव का समर्थन किया था, जो योग की वैश्विक स्वीकार्यता का प्रमाण है।

उन्होंने संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि आज दुनिया भर में करोड़ों लोग योग, ध्यान और प्राणायाम को अपनी दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बना चुके हैं। उनके अनुसार, योग केवल एक व्यायाम पद्धति नहीं बल्कि स्वस्थ और संतुलित जीवन का मार्ग है।

विश्व योगासन चैंपियनशिप की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह प्रतियोगिता योग के विकास की नई दिशा का प्रतीक है। उन्होंने विश्वास जताया कि भविष्य में योगासन को प्रतिस्पर्धी खेल के रूप में व्यापक पहचान मिलेगी और इसे ओलंपिक सहित अन्य बहु-खेल आयोजनों में भी शामिल किया जा सकता है।

उन्होंने कहा, “इस चैंपियनशिप के माध्यम से योगासन को एक प्रतिस्पर्धी खेल के रूप में नई पहचान मिलेगी। मुझे विश्वास है कि आने वाले समय में योगासन ओलंपिक और अन्य अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं का हिस्सा बनेगा।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि योगासन खेल के रूप में विकसित होने से खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, खेल वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और इवेंट प्रबंधन से जुड़े पेशेवरों के लिए नए अवसर पैदा होंगे। इससे रोजगार और करियर की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।

इस वर्ष के अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम “स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग” का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि आधुनिक जीवनशैली से जुड़ी स्वास्थ्य चुनौतियों के बीच योग एक प्रभावी और सुलभ समाधान बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि जो लोग लंबे समय तक स्वस्थ और सक्रिय जीवन जीना चाहते हैं, उनके लिए योग एक उत्कृष्ट विकल्प है।

प्रधानमंत्री ने योग के महत्व को सरल शब्दों में समझाते हुए कहा, “रोज योग कीजिए और बीमारियों को दूर भगाइए।” उन्होंने लोगों से योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का आग्रह किया।

उन्होंने आयुष मंत्रालय द्वारा शुरू किए गए “योग 365” अभियान का भी उल्लेख किया और खिलाड़ियों से अपील की कि वे अपने-अपने देशों में लौटकर योग के वैश्विक दूत बनें तथा योग के संदेश को दुनिया के कोने-कोने तक पहुंचाएं।

अंत में प्रधानमंत्री ने सभी प्रतिभागियों को इस ऐतिहासिक आयोजन का हिस्सा बनने पर बधाई दी और कहा कि उनका समर्पण दुनिया भर के युवाओं को प्रेरित करेगा। इसके साथ ही उन्होंने औपचारिक रूप से प्रथम विश्व योगासन चैंपियनशिप 2026, अहमदाबाद के उद्घाटन की घोषणा की।