नई दिल्ली
पूर्व भारतीय क्रिकेटर रविचंद्रन अश्विन ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) द्वारा 2027 वनडे विश्व कप और 2028 टी20 विश्व कप के लिए किए गए टूर्नामेंट फॉर्मेट में बदलाव का समर्थन किया है। हालांकि उन्होंने कहा कि यदि क्रिकेट को वैश्विक स्तर पर आगे बढ़ाना है तो उभरते क्रिकेट देशों को अधिक अवसर देने होंगे।
अश्विन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि नए फॉर्मेट से प्रतियोगिता का स्तर बेहतर होगा, लेकिन क्रिकेट के विकास के लिए मजबूत व्यवस्था की जरूरत है।
उन्होंने लिखा, "2027 वनडे विश्व कप और 2028 टी20 विश्व कप के फॉर्मेट में ICC के बदलाव प्रतिस्पर्धा के लिहाज से सही हैं। लेकिन यदि अंतिम लक्ष्य क्रिकेट का विस्तार करना है, तो उभरते देशों के लिए बेहतर रास्ता तैयार करना होगा।"
अश्विन ने कहा कि नीदरलैंड, स्कॉटलैंड, नेपाल, अमेरिका और आयरलैंड जैसी टीमों को केवल क्वालिफायर टूर्नामेंट ही नहीं, बल्कि द्विपक्षीय सीरीज में भी नियमित रूप से खेलने के अवसर मिलने चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि इन टीमों को हर द्विपक्षीय सीरीज में तीसरी टीम के रूप में शामिल किया जा सकता है।
पूर्व ऑफ स्पिनर ने कहा कि उभरते देशों की सामूहिक प्रगति से क्रिकेट को ओलंपिक जैसे वैश्विक मंच पर भी अधिक लोकप्रिय बनाने में मदद मिलेगी।
इससे पहले, ICC बोर्ड ने एडिनबर्ग में हुई अपनी वार्षिक बैठक में 2027 वनडे विश्व कप और 2028 टी20 विश्व कप के नए फॉर्मेट को मंजूरी दी। ICC के अनुसार, इन बदलावों का उद्देश्य मुकाबलों को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाना, टूर्नामेंट की गुणवत्ता बढ़ाना और खिलाड़ियों व प्रशंसकों के अनुभव को बेहतर करना है।
ICC ने 2028 टी20 विश्व कप के लिए नया क्वालिफिकेशन सिस्टम भी मंजूर किया है। इसके तहत क्षेत्रीय क्वालिफायर के जरिए टीमों को विश्व कप में पहुंचने का स्पष्ट रास्ता मिलेगा। साथ ही, एसोसिएट देशों के लिए एक नए वैश्विक टूर्नामेंट के प्रस्ताव को भी बोर्ड ने सिद्धांततः मंजूरी दी है, जिस पर अंतिम फैसला नवंबर में होने वाली बैठक में लिया जाएगा।