आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
जम्मू कश्मीर के तेज गेंदबाज औकिब नबी ने भारतीय टीम में शामिल होने के लिए देर से बुलावा मिलने के बावजूद कभी भी उम्मीद नहीं छोड़ी और इस विश्वास के साथ प्रदर्शन करना जारी रखा कि उन्हें देश की तरफ से खेलने का मौका जरूर मिलेगा।
आखिरकार वह मौका तब आया जब श्रीलंका के खिलाफ शनिवार से शुरू होने वाली दो टेस्ट मैचों की श्रृंखला के लिए चोटिल तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह के स्थान पर नबी को भारतीय टीम में शामिल किया गया।
भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) द्वारा साझा किए गए वीडियो में नबी ने अपने साथी खिलाड़ी सारांश जैन से कहा, ‘‘मुझे राष्ट्रीय टीम में जगह बनाने की पूरी उम्मीद थी। लेकिन एक क्रिकेटर की मानसिकता प्रदर्शन करने की होनी चाहिए और यह भी कि बाकी लोग उसे देख रहे हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मैं जानता था कि मुझे आज या कल बुलावा जरूर आएगा क्योंकि जब आप इतने वर्षों तक अच्छा प्रदर्शन करते हैं तो आपको अपनी कड़ी मेहनत का फल मिलना ही चाहिए।’’
मध्य प्रदेश के 33 वर्षीय सारांश को भी देर से मौका मिला और उन्होंने कहा कि उन्हें अपने धैर्य का इनाम मिला है।
सारांश ने कहा, ‘‘टेस्ट क्रिकेट में आपको धैर्य रखना पड़ता है और अगर आप भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट खेलना चाहते हैं, तो उसमें भी आपको धैर्य रखना होगा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने रणजी ट्रॉफी में 2014-15 में पदार्पण किया था। यह एक लंबा सफर रहा है। इसमें बहुत मेहनत और त्याग शामिल थे। लेकिन मुझे विश्वास था कि एक दिन मैं निश्चित रूप से भारत के लिए खेलूंगा और इस उपलब्धि में मेरे परिवार की बड़ी भूमिका रही है।’’