नई दिल्ली
हॉकी इंडिया ने दिग्गज कोच बलदेव सिंह और भारतीय महिला हॉकी टीम की स्टार गोलकीपर सविता पुनिया को प्रतिष्ठित पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किए जाने पर हार्दिक बधाई दी है। यह सम्मान भारतीय हॉकी और खेल जगत में उनके असाधारण योगदान की मान्यता है।
हॉकी इंडिया ने विशेष रूप से कोच बलदेव सिंह की भूमिका को रेखांकित किया, जिन्होंने हरियाणा के छोटे से कस्बे शाहाबाद मारकंडा को महिला हॉकी की नर्सरी में बदल दिया। बलदेव सिंह की देखरेख में शाहाबाद की हॉकी अकादमी से 80 से अधिक अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी निकले, जिनमें आठ ऐसे खिलाड़ी शामिल हैं जिन्होंने आगे चलकर भारतीय टीम की कप्तानी की।
बलदेव सिंह का योगदान केवल खेल तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने अनेक खिलाड़ियों को गरीबी से निकालकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई तथा हॉकी को उनकी आजीविका का साधन बनाया। पूर्व भारतीय कप्तान रानी रामपाल का उत्थान उनकी कोचिंग का सबसे बड़ा उदाहरण माना जाता है। दो दशकों से अधिक समय तक अकादमी चलाते हुए उन्होंने संदीप सिंह, रानी, दीदार सिंह, संजीव कुमार डांग, हरपाल सिंह और नवजोत कौर जैसे कई सितारे तैयार किए। उनके इस योगदान के लिए उन्हें वर्ष 2009 में द्रोणाचार्य पुरस्कार और 2015-16 में हॉकी इंडिया जमन लाल शर्मा अवॉर्ड से सम्मानित किया जा चुका है। पद्मश्री सम्मान उनके अद्वितीय कोचिंग करियर की स्वाभाविक परिणति माना जा रहा है।
दूसरी ओर, भारतीय महिला हॉकी की मजबूत दीवार सविता पुनिया ने भी अपने प्रदर्शन से कई रूढ़ियों को तोड़ा है। 20 वर्ष की उम्र में अंतरराष्ट्रीय पदार्पण करने वाली सविता आज दुनिया की सर्वश्रेष्ठ गोलकीपरों में शुमार हैं। अपनी शांति, निरंतरता और नेतृत्व क्षमता के लिए जानी जाने वाली सविता बीते एक दशक से भारतीय महिला हॉकी टीम की रीढ़ बनी हुई हैं।
वर्ष 2025 में सविता 300 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाली भारत की दूसरी गोलकीपर बनीं, जो उनकी लंबी और सफल करियर यात्रा का प्रमाण है। उन्होंने टोक्यो ओलंपिक 2020 में भारत के ऐतिहासिक चौथे स्थान में अहम भूमिका निभाई, वहीं 36 वर्षों बाद रियो ओलंपिक 2016 के लिए क्वालीफिकेशन और 2018 महिला हॉकी विश्व कप के क्वार्टरफाइनल तक टीम को पहुंचाने में भी उनका योगदान निर्णायक रहा।
पूर्व कप्तान सविता के नेतृत्व में भारत ने 2022 बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में कांस्य पदक जीता, एफआईएच नेशंस कप खिताब अपने नाम किया और 2023 व 2024 में लगातार एशियन चैंपियंस ट्रॉफी का स्वर्ण पदक हासिल किया।हॉकी इंडिया के अध्यक्ष डॉ. दिलीप तिर्की ने कहा कि बलदेव सिंह और सविता को मिला पद्मश्री सम्मान पूरे हॉकी जगत के लिए गर्व का क्षण है। वहीं महासचिव भोला नाथ सिंह ने इसे दशकों की निस्वार्थ सेवा और समर्पण की सच्ची पहचान बताया।