नई दिल्ली।
भारत के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने अफगानिस्तान के खिलाफ टी20 सीरीज में 3-0 से क्लीन स्वीप के बाद हार्दिक पंड्या की वापसी को लेकर स्थिति स्पष्ट की। गंभीर ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी से पहले हार्दिक को पर्याप्त मैच अभ्यास की जरूरत है। उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल हार्दिक 10 ओवर गेंदबाजी करने की स्थिति में नहीं हैं।
भारत ने गुरुवार को नई दिल्ली में खेले गए तीसरे और आखिरी टी20 मुकाबले में अफगानिस्तान को 127 रन से हराया। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 221 रन बनाए। अभिषेक शर्मा ने महज 34 गेंदों में 108 रन की रिकॉर्ड पारी खेली। इसके बाद रवि बिश्नोई और नितीश कुमार रेड्डी ने तीन-तीन विकेट लेकर अफगानिस्तान की पारी को 94 रन पर समेट दिया। यह टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अफगानिस्तान की भारत के खिलाफ सबसे कम पारी और उसकी सबसे बड़ी हार रही।
मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में गंभीर ने नितीश कुमार रेड्डी के विकास को लेकर भी बात की। उन्होंने कहा कि एशियन गेम्स की टीम से नितीश को हटाकर वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज में शामिल करना उनके लिए अच्छा अवसर है। इससे उन्हें ज्यादा मैच खेलने और गेंदबाजी में सुधार करने का मौका मिलेगा।
गंभीर ने कहा कि आने वाले समय में टीम के लिए तेज गेंदबाजी करने वाले ऑलराउंडरों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने कहा, “नितीश के नजरिए से देखें तो टी20 प्रारूप से उनका हटना अच्छी बात है। उन्हें वेस्टइंडीज के खिलाफ खेलने का मौका मिलेगा। हमें पता है कि एक साल बाद और दक्षिण अफ्रीका दौरे पर तेज गेंदबाजी करने वाला ऑलराउंडर कितना महत्वपूर्ण हो सकता है।”
हार्दिक पंड्या और नितीश कुमार रेड्डी को एक साथ खिलाने की संभावना पर गंभीर ने कहा कि भारत ऐसा कर सकता है, लेकिन फिलहाल हार्दिक से 10 ओवर गेंदबाजी की उम्मीद नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि हार्दिक ने आईपीएल के बाद ज्यादा क्रिकेट नहीं खेला है, इसलिए उन्हें सीधे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उतारना उचित नहीं होगा।
गंभीर ने कहा, “कभी-कभी हम दोनों को प्लेइंग इलेवन में भी शामिल कर सकते हैं। लेकिन फिलहाल हार्दिक 10 ओवर गेंदबाजी नहीं कर सकते और उन्होंने आईपीएल के बाद ज्यादा क्रिकेट भी नहीं खेला है। इसलिए हम उन्हें सीधे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में नहीं धकेलना चाहते, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट शरीर पर काफी दबाव डाल सकता है।”
उन्होंने कहा कि हार्दिक अगर इंडिया ए की सीरीज में खेलते हैं और वहां सब कुछ ठीक रहता है तो वह टी20 और वनडे टीम में वापसी कर सकते हैं। गंभीर के मुताबिक, यही संदेश हार्दिक को भी दिया गया है।
गंभीर ने नितीश की गेंदबाजी में हो रहे सुधार की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि नितीश जितनी अधिक गेंदबाजी करते हैं, उतने ही बेहतर होते जा रहे हैं। उनके मुताबिक टीम में एक से ज्यादा तेज गेंदबाजी ऑलराउंडरों का विकल्प होना हमेशा उपयोगी रहेगा।
अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे टी20 में अभिषेक शर्मा की 34 गेंदों पर 108 रन की पारी पर गंभीर ने कहा कि टीम का ध्यान व्यक्तिगत रिकॉर्ड के बजाय मैच में प्रभाव पैदा करने पर रहता है।
उन्होंने कहा कि टीम की सोच पिछले दो वर्षों से यही रही है कि बल्लेबाजी और गेंदबाजी, दोनों में कितना प्रभाव पैदा किया जा सकता है। गंभीर ने खास तौर पर भारत के पावरप्ले में 100 रन बनाने को बड़ी उपलब्धि बताया।
उन्होंने कहा, “टी20 क्रिकेट सिर्फ रन या विकेट के बारे में नहीं है, बल्कि इस बात के बारे में है कि आप कितना प्रभाव पैदा कर सकते हैं। मेरे लिए सबसे बड़ी सकारात्मक बात यह थी कि हमने पावरप्ले में 100 रन बनाए। मेरे कोचिंग कार्यकाल में ऐसा पहली बार हुआ है।”
गंभीर ने टीम के आक्रामक रवैये को आगे भी जारी रखने की बात कही। उन्होंने कहा कि टीम अभी तक 300 रन के स्कोर तक नहीं पहुंची है और आने वाले समय में यह भी एक लक्ष्य हो सकता है।
उन्होंने कहा, “अगर आप आक्रामक क्रिकेट खेल रहे हैं तो उसी तरह खेलते रहें। यही हमारा संदेश है और आगे भी रहेगा। हम अभी तक 300 रन तक नहीं पहुंचे हैं, इसलिए शायद अगला लक्ष्य यही है। हमारे पास जिस तरह की प्रतिभा है, उससे हम कुछ शानदार कर सकते हैं और अभी हमें बहुत कुछ हासिल करना है।”