मैसाचुसेट्स/नई दिल्ली।
फीफा विश्व कप 2026 में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला, जब पैराग्वे ने चार बार की विश्व चैंपियन जर्मनी को पेनल्टी शूटआउट में हराकर टूर्नामेंट से बाहर कर दिया। राउंड ऑफ 32 के इस रोमांचक मुकाबले में 120 मिनट के खेल के बाद दोनों टीमें 1-1 की बराबरी पर थीं, लेकिन पेनल्टी शूटआउट में पैराग्वे ने 4-3 से जीत दर्ज कर विश्व फुटबॉल में नया इतिहास रच दिया।
यह फीफा विश्व कप के इतिहास में पहली बार है जब जर्मनी पेनल्टी शूटआउट में हारकर टूर्नामेंट से बाहर हुआ है। इससे पहले जर्मनी विश्व कप में खेले गए सभी चार पेनल्टी शूटआउट मुकाबले जीत चुका था।
आंकड़ों के अनुसार, किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में पेनल्टी शूटआउट में यह जर्मनी की केवल दूसरी हार है। इससे पहले उसे 1976 की यूईएफए यूरोपीय चैम्पियनशिप के फाइनल में तत्कालीन चेकोस्लोवाकिया के खिलाफ पेनल्टी शूटआउट में हार का सामना करना पड़ा था।
मैच के दौरान जर्मनी ने अतिरिक्त समय में जीत हासिल करने की पूरी कोशिश की। अतिरिक्त समय में डिफेंडर जोनाथन ताह ने गोल भी दागा, लेकिन वीडियो असिस्टेंट रेफरी (VAR) की समीक्षा के बाद गोल को रद्द कर दिया गया। रीप्ले में गोल बनने से पहले फाउल पाए जाने के कारण रेफरी ने गोल को मान्यता नहीं दी, जिससे मुकाबला पेनल्टी शूटआउट तक पहुंच गया।
पेनल्टी शूटआउट में जर्मनी के खिलाड़ी दबाव में बिखर गए और टीम तीन महत्वपूर्ण स्पॉट किक गोल में बदलने में नाकाम रही। दूसरी ओर, पैराग्वे के खिलाड़ियों ने शानदार संयम दिखाते हुए अपने अधिकांश प्रयास सफलतापूर्वक पूरे किए और 4-3 से जीत दर्ज की।
फीफा विश्व रैंकिंग के लिहाज से भी यह विश्व कप के सबसे बड़े उलटफेरों में से एक माना जा रहा है। टूर्नामेंट की शुरुआत के समय जर्मनी विश्व रैंकिंग में 10वें स्थान पर था, जबकि पैराग्वे 41वें स्थान पर काबिज था। दोनों टीमों के बीच रैंकिंग में 31 स्थानों का अंतर था।
1994 के बाद विश्व कप के नॉकआउट चरण में केवल तीन ऐसे मुकाबले हुए हैं, जिनमें इससे अधिक रैंकिंग अंतर वाली टीमों ने उलटफेर किया था। इनमें 2018 विश्व कप में रूस द्वारा स्पेन को हराना, 2002 विश्व कप में दक्षिण कोरिया द्वारा इटली को हराना और उसी टूर्नामेंट में दक्षिण कोरिया द्वारा स्पेन को बाहर करना शामिल है।
चार बार की विश्व चैंपियन जर्मनी का टूर्नामेंट से इतनी जल्दी बाहर होना फुटबॉल प्रशंसकों के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। वहीं, पैराग्वे की इस ऐतिहासिक जीत ने पूरे फुटबॉल जगत को चौंका दिया है।
पैराग्वे की टीम ने पूरे मुकाबले में शानदार रक्षात्मक खेल का प्रदर्शन किया और दबाव के क्षणों में धैर्य बनाए रखा। इस यादगार जीत के साथ दक्षिण अमेरिकी टीम ने विश्व कप के अगले दौर में प्रवेश कर लिया है और अब उसकी नजरें टूर्नामेंट में और आगे बढ़ने पर टिकी होंगी।