भारतीय कप्तान के लिए अलर्ट: 2026 में डोप टेस्ट के दायरे में आए शुभमन गिल

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 06-01-2026
Alert for the Indian captain, Shubman Gill came under the purview of dope testing in 2026.
Alert for the Indian captain, Shubman Gill came under the purview of dope testing in 2026.

 

नई दिल्ली।

भारतीय क्रिकेट के टेस्ट और वनडे कप्तान शुभमन गिल के लिए एक अहम और सतर्क करने वाली खबर सामने आई है। भारत की राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (नाडा) ने वर्ष 2026 के लिए जिन खिलाड़ियों को डोपिंग जांच के दायरे में रखा है, उसमें शुभमन गिल का नाम भी शामिल किया गया है। नाडा द्वारा जारी इस सूची में कुल 347 खिलाड़ियों के नाम हैं, जिनमें 118 एथलीट विभिन्न खेलों से जुड़े हुए हैं।

सूची की खास बात यह है कि इसमें इस वर्ष 120 नए नाम जोड़े गए हैं, जिनमें भारतीय कप्तान शुभमन गिल भी शामिल हैं। नाडा की इस पहल का उद्देश्य आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं से पहले खिलाड़ियों की पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना है। गौरतलब है कि 2026 में एशियाई खेल और राष्ट्रमंडल खेल आयोजित होने हैं, और इन्हीं को ध्यान में रखते हुए यह सूची तैयार की गई है।

डोप टेस्ट सूची में कुल 14 भारतीय क्रिकेटरों को शामिल किया गया है। शुभमन गिल के अलावा श्रेयस अय्यर, यशस्वी जायसवाल, हार्दिक पंड्या, ऋषभ पंत, जसप्रीत बुमराह, केएल राहुल, अर्शदीप सिंह, तिलक वर्मा के साथ-साथ महिला क्रिकेटरों में स्मृति मंधाना, जेमिमा रोड्रिग्स, दीप्ति शर्मा, शेफाली वर्मा और रेणुका सिंह ठाकुर के नाम भी दर्ज हैं। शुरुआती सूची में सूर्यकुमार यादव और संजू सैमसन का नाम था, लेकिन बाद में उनकी जगह स्मृति मंधाना और जेमिमा रोड्रिग्स को शामिल किया गया।

क्रिकेट के अलावा हॉकी और कुश्ती से जुड़े कई दिग्गज खिलाड़ियों के नाम भी इस सूची में हैं। पुरुष हॉकी टीम के कप्तान हरमनप्रीत सिंह, अमित रुइदास और हार्दिक सिंह के साथ महिला टीम की कप्तान सलीमा ताते, सविता पुनिया और नवनीत कौर को भी डोप टेस्ट के लिए चिह्नित किया गया है। वहीं 29 पहलवानों के नाम भी सूची में शामिल हैं, जिनमें ओलंपिक पदक विजेता अमन सेरावत प्रमुख हैं।

नाडा के निर्देशों के अनुसार, सूची में शामिल सभी खिलाड़ियों को वर्ष भर अपने संभावित यात्रा और प्रशिक्षण कार्यक्रम की जानकारी एजेंसी को देनी होगी। किसी भी बदलाव की स्थिति में यह बताना अनिवार्य होगा कि वे किस समय और किस स्थान पर मौजूद रहेंगे। नाडा ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई खिलाड़ी लगातार तीन बार डोपिंग जांच में असफल रहता है या जांच से बचता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

यह फैसला आने वाले बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों से पहले भारतीय खेल व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी व अनुशासित बनाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।