मलेशियाई महिलाओं की उड़ान

Story by  हरजिंदर साहनी | Published by  [email protected] | Date 26-10-2026
The Ascent of Malaysian Women
The Ascent of Malaysian Women

 

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आधुनिकता और मुस्लिम समाज की बात जब आती है तो अक्सर महिलाओं का उदाहरण दिया जाता है। यह बताने की कोशिश होती है मुस्लिम समाज में महिलाओं को पर्दे में रखा जाता है और उन्हें आगे बढ़ने के मौके नहीं दिए जाते।बहुत सारे भौगोलिक संदर्भ हैं जिन्हें पूरी दुनिया के उदाहरण की तरह पेश किया जाता है और इसे ही पूरा सच मान लिया जाता है।

ऐसी सोच वालों के लिए मलेशिया सबसे अच्छा उदाहरण है। मलेशिया ऐसा देश है जिसकी 70 फीसदी के करीब आबादी मुस्लिम है। यह देश खुद को इस्लामिक मानता है, बावजूद इसके कि वहां का शासन प्रशासन काफी धर्मनिरपेक्ष तरीके से ही चलता है।

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इसी मलेशिया से ये आंकड़ें आएं हैं कि वहां के कार्पोरेट वल्र्ड में जो टाॅप पोजीशन है, यानी बड़ी कंपनियों के बोर्ड में जो आला अधिकारी हैं उनमें महिलाओं की संख्या 34 फीसदी है।इस आंकड़ें के महत्व को हम दो तरह से समझ सकते हैं। एक तो यह कि भारत में यह आंकड़ा 27 फीसदी से भी कम है। बेशक यह आंकड़ा पिछले कुछ समय में बढ़ा है लेकिन मलेशिया से काफी कम है।

एक और तरीके से देखें तो कंपनियों के बोर्ड में सबसे ऊंचे पदों पर महिलाओं को जो विश्वव्यापी औसत है वह 28 फीसदी के आस-पास ही है। यानी मलेशिया ने इस मामले में विश्वव्यापी औसत को भी काफी पीछे छोड़ दिया है।

यूरोप के कईं देश हैं जहां यह प्रतिशत मलेशिया के मुकाबले ज्यादा है। लेकिन ऐसा कहीं नहीं है कि ये आंकड़ा 50 फीसदी तक पहंुच गया हो। जर्मनी और बेल्जियम जैसे तो देश तो लगभग वहीं खड़ें हैं जहां आज का मलेशिया खड़ा है। अमेरिका तो खैर मलेशिया से काफी पीछे है।

ठीक यहीं पर हमें पीडब्लू मलेशिया की चेयरपरसन नुरुल अइन अब्दुल लतीफ की बात भी सुननी होगी। वे इतने ही संतुष्ट नहीं हैं और कार्पोरेट सैक्टर के सर्वोच्च पदों पर महिलाओं की संख्या को इससे भी आगे ले जाना चाहती हैं।

उनकी कंपनी महिलाओं को आगे लाने की कोशिश में एक योजना साल 2017 से ही चला रही है। आज पूरे मलेशिया के कार्पोरेट जगत में आला पदों पर जिस तरह से महिलाएं दिख रहीं हैं उसमें एक छोटा सा योगदान उनका भी है। हालांकि इसका पूरा श्रेय मलेशिया के समाज को ही दिया जाएगा।  

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यहां इस बात पर ध्यान देना भी जरूरी है कि मलेशिया कोई छोटी-मोटी अर्थव्यवस्था नहीं है। विश्व व्यापार में उसका स्थान 24वें नंबर पर आता है। भारत का नंबर 18वां है। यानी मलेशिया भारत से पीछे है। लेकिन यह भी सच है कि मलेशिया की आबादी भारत के मुकाबले एक तिहाई से भी कम है। 

( लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं)

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