आवाज द वाॅयस/ नई दिल्ली
क्रिस्टचर्च के हेगले ओवल मैदान पर भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेले गए रोमांचक दूसरे टी20 मुकाबले में टीम इंडिया ने इतिहास रच दिया है। भारत ने इस मुकाबले में न्यूजीलैंड को चार विकेट से हरा दिया है। इस शानदार जीत के साथ ही भारतीय क्रिकेट टीम पुरुषों के टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में 200 जीत दर्ज करने वाली दुनिया की पहली टीम बन गई है। पांच मैचों की इस सीरीज में भारतीय टीम ने दो शून्य की बढ़त बना ली है।
इस ऐतिहासिक मुकाबले की शुरुआत टॉस के साथ हुई। न्यूजीलैंड के कप्तान ने पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। कीवी टीम की शुरुआत कुछ खास नहीं रही। पारी के दूसरे ओवर में ही अर्शदीप सिंह ने टिम सीफर्ट को चलता कर दिया।
इसके बाद अनुभवी भुवनेश्वर कुमार ने डेरिल मिचेल को आउट कर न्यूजीलैंड को दूसरा झटका दिया। पावरप्ले के आखिरी ओवर में प्रिंस यादव ने फिन एलन को क्लीन बोल्ड कर दिया। शुरुआती छह ओवरों में कीवी टीम के तीन बल्लेबाज पवेलियन लौट चुके थे और स्कोरबोर्ड पर केवल 41 रन ही जुड़े थे।
𝐀 𝐡𝐢𝐬𝐭𝐨𝐫𝐢𝐜 𝐦𝐢𝐥𝐞𝐬𝐭𝐨𝐧𝐞, 𝐚 𝐠𝐨𝐥𝐝𝐞𝐧 𝐥𝐞𝐠𝐚𝐜𝐲 💫 India are the first team with 200 T20I victories 🇮🇳🤩 https://t.co/LqlsQWK6Ea
— ICC (@ICC) October 25, 2026
इसके बाद क्रीज पर ग्लेन फिलिप्स और बेवन जैकॉस आए। दोनों बल्लेबाजों ने संभलकर खेलते हुए पारी को संभाला और स्कोर को आगे बढ़ाया। फिलिप्स और जैकॉस के बीच चौथे विकेट के लिए एक बड़ी शतकीय साझेदारी हुई। इस साझेदारी ने मैच का रुख पूरी तरह से बदल दिया। ग्लेन फिलिप्स ने ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए 43 गेंदों पर 70 रनों की शानदार पारी खेली। अपनी इस पारी में उन्होंने आठ चौके और चार गगनचुंबी छक्के लगाए।
दूसरी ओर बेवन जैकॉस ने भी उनका पूरा साथ दिया। जैकॉस ने 46 गेंदों का सामना करते हुए 58 रनों की बेहतरीन पारी खेली। इन दोनों खिलाड़ियों की शतकीय साझेदारी की बदौलत न्यूजीलैंड की टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में पांच विकेट के नुकसान पर 180 रनों का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया।
पारी के 18वें ओवर में नमन धीर ने फिलिप्स का कैच लपका। इसके तुरंत बाद जैकॉस भी आउट हो गए। आखिरी पलों में माइकल ब्रेसवेल ने केवल दो गेंदों पर एक चौका और एक छक्का जड़कर स्कोर को 180 तक पहुंचाने में मदद की।
भारत की ओर से गेंदबाजी में अर्शदीप सिंह, भुवनेश्वर कुमार और प्रिंस यादव ने शुरुआती सफलताएं दिलाईं। हालांकि बीच के ओवरों में कीवी बल्लेबाजों ने रन गति को कम नहीं होने दिया। 181 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत भी बेहद खराब रही। संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा ने पारी की शुरुआत की और पहले विकेट के लिए 40 रन जोड़े। इसके बाद जैकब डफी ने संजू सैमसन को आउट कर भारत को पहला झटका दिया।
टीम के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी सस्ते में चार रन बनाकर आउट हो गए। अभिषेक शर्मा के आउट होने के बाद कप्तान श्रेयस अय्यर और अक्षर पटेल भी जल्दी पवेलियन लौट गए। कीवी गेंदबाज मिचेल सेंटनर ने भारतीय बल्लेबाजी क्रम की कमर तोड़ दी। सेंटनर ने बेहतरीन गेंदबाजी करते हुए भारत के मध्य क्रम को तहस नहस कर दिया। नमन धीर ने कुछ देर जरूर संघर्ष किया और 17 गेंदों पर 31 रनों की तेज पारी खेली, लेकिन वह भी सेंटनर का शिकार बन गए।
एक समय भारतीय टीम का स्कोर 70 रनों पर पांच विकेट हो गया था और पूरी टीम गहरे संकट में नजर आ रही थी। ऐसा लग रहा था कि मैच भारत के हाथ से पूरी तरह निकल चुका है। लेकिन क्रीज पर डटे युवा बल्लेबाज तिलक वर्मा ने एक छोर संभाले रखा। उनका साथ देने के लिए नीतीश कुमार रेड्डी मैदान पर आए। दोनों युवा खिलाड़ियों ने बेहद सूझबूझ और संयम के साथ बल्लेबाजी की।
तिलक वर्मा और नीतीश कुमार रेड्डी ने छठे विकेट के लिए रिकॉर्ड साझेदारी की। दोनों ने मिलकर न्यूजीलैंड के गेंदबाजों के हर आक्रमण का डटकर सामना किया। नीतीश कुमार रेड्디 ने क्रीज पर आते ही आक्रामक रुख अपनाया और मात्र 13 गेंदों पर 26 रनों की विस्फोटक पारी खेली। इस दौरान उन्होंने तेजी से रन बनाकर दबाव को कम किया। दूसरी तरफ तिलक वर्मा ने अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाई और अंत तक नाबाद रहे।
तिलक वर्मा ने 47 रनों की नाबाद और बेहद महत्वपूर्ण पारी खेली। इन दोनों बल्लेबाजों के बीच सातवें विकेट के लिए अटूट साझेदारी हुई। दोनों ने मिलकर स्कोर को लक्ष्य के बेहद करीब पहुंचा दिया। भारत को मैच जीतने के अंतिम ओवर में 11 रनों की दरकार थी। मैदान पर दबाव का माहौल था, लेकिन तिलक और नीतीश ने जरा भी घबराहट नहीं दिखाई। दोनों ने अंत तक अपना मानसिक संतुलन बनाए रखा।
आखिरकार इस जोड़ी ने अंतिम ओवर की पांचवीं गेंद पर यानी पेनल्टी बॉल पर लक्ष्य को हासिल कर लिया। भारत ने 181 रनों के लक्ष्य को छह विकेट खोकर 18.5 ओवर में ही प्राप्त कर लिया। इस तरह भारत ने चार विकेट से मुकाबला अपने नाम कर लिया।
तिलक वर्मा और नीतीश कुमार रेड्डी के बीच सातवें विकेट के लिए हुई 69 रनों की यह नाबाद साझेदारी बेहद ऐतिहासिक साबित हुई। इस साझेदारी ने भारत के लिए टी20 क्रिकेट इतिहास का एक नया रिकॉर्ड बना दिया।
इससे पहले भारत के लिए टी20 फॉर्मेट में सातवें विकेट के लिए सबसे बड़ी साझेदारी का रिकॉर्ड दिनेश कार्तिक और क्रुणाल पांड्या के नाम था। उन्होंने साल 2019 में न्यूजीलैंड के खिलाफ ही 63 रनों की साझेदारी की थी। तिलक और नीतीश ने उस पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए एक नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया है।
WHAT A MOMENT! WHAT A FEELING! 🥹🇮🇳💙 India win their 200th T20I while playing their 300th! 🤯🏏 Kudos to Tilak, NKR & Naman for finishing the job! 🎯🫡🇮🇳 https://t.co/EQKN8HbHrW
— CricBharat (@DilPrabhat88) October 25, 2026
इस जीत के साथ ही भारतीय टीम ने टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में एक अनोखा मुकाम हासिल कर लिया है। साल 2006 में इस फॉर्मेट में अपना पदार्पण करने के बाद से भारत ने कुल 300 टी20 मुकाबले खेले हैं। इनमें से भारत ने 200 मैचों में जीत दर्ज की है। इस दौरान टीम को 83 मैचों में हार का सामना करना पड़ा है, जबकि कुछ मैच टाई या बेनतीजा रहे हैं। पूर्ण सदस्य देशों की सूची में भारत का जीत का प्रतिशत 71.20 है, जो इस फॉर्मेट में टीम के दबदबे को साफ तौर पर दर्शाता है।
भारतीय टीम के इस प्रदर्शन ने देश भर के क्रिकेट प्रेमियों में खुशी की लहर दौड़ा दी है। सोशल मीडिया पर फैंस इस ऐतिहासिक जीत और युवा खिलाड़ियों के प्रदर्शन की जमकर सराहना कर रहे हैं। कप्तान श्रेयस अय्यर और टीम मैनेजमेंट के लिए भी यह जीत काफी राहत भरी रही होगी, क्योंकि शुरुआती झटकों के बाद टीम ने जिस तरह से वापसी की, वह काबिल-ए-तारीफ है।
अब दोनों टीमें सीरीज के तीसरे टी20 मुकाबले के लिए तैयार हैं। सीरीज का अगला मैच कल यानी 27 अक्टूबर को वेलिंगटन में खेला जाएगा। भारतीय टीम इस मुकाबले को जीतकर सीरीज पर पूरी तरह से कब्जा करना चाहेगी, वहीं न्यूजीलैंड की टीम जोरदार वापसी करने की कोशिश करेगी। वेलिंगटन के मैदान पर एक बार फिर रोमांचक मुकाबला देखने को मिलने की पूरी उम्मीद है। क्रिकेट प्रेमियों की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या भारत अपनी इस विजयी रथ को आगे भी जारी रख पाता है या नहीं।