क्रिप्टोकरेंसी बनी पाकिस्तान का सिरदर्द

Story by  हरजिंदर साहनी | Published by  [email protected] | Date 13-07-2026
Cryptocurrency has become a headache for Pakistan.
Cryptocurrency has become a headache for Pakistan.

 

हरजिंदर

दुनिया के बहुत से देश जब जंग में फंसते हैं तो इससे बाहर आने के लिए अक्सर डिप्लोमेसी का सहारा लेते हैं। लेकिन पाकिस्तान ने कुछ अलग ही रास्ता अपनाया था। उसने डिप्लोमेसी के बजाए आर्थिक नीतियों का सहारा लिया।

पिछले साल भारत के आॅपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान को लगा कि अमेरिका का दिल जीतने के लिए कोई अलग रास्ता अपनाना होगा। शुरू में उसने ट्रंप का नाम नोबल पुरस्कार के लिए प्रस्तावित किया। इससे बात नहीं बनी तो उसने जो रास्ता अपनाया वह अब उसके गले की फांस बनता जा रहा है।

f

पाकिस्तान को यह समझ में आ गया था कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को पैसे की भाषा ही समझ में आती है। इसके लिए पाकिस्तान ने एक बड़ा कदम उठाया और क्रिप्टोकरेंसी के कारोबार को मान्यता दे दी। इतना ही नहीं उसने इसे वैध करेंसी का दर्जा भी दे दिया।

क्रिप्टोकरेंसी एक ऐसा रुपया है जो असल में नहीं होता वह सिर्फ वर्चुअल होता है। वह आपकी जेब में नहीं बल्कि आपके मोबाइल में या आपके कंप्यूटर में होता है। क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल ड्रग्स के धंधे, स्मगलिंग और आतंकवाद जैसे खतरनाक कामों के लिए भी होता रहा है। इसलिए भी कईं देश उससे दूर रहे हैं।

डोनाल्ड ट्रंप को जो कारोबारी साम्राज्य है उसमें से चार कंपनियां ऐसी हैं जो सिर्फ क्रिप्टोकरेंसी का ही कारोबार करती है। और उनकी गिनती दुनिया की इस कारोबार की बड़ी कंपनियों में होती है।उस समय जब दुनिया के कईं बड़े देश क्रिप्टोकरेंसी से परहेज कर रही हैं पाकिस्तान ने इसे रातोरात कर दिया और यह चाल कामयाब भी रही। इसके बाद से पाकिस्तान अमेरिका के कितने करीब पहंुच गया इसे हम आसानी से देख समझ भी सकते हैं।

पाकिस्तान ने अपने देश में इसे मान्यता देने केे लिए बहुत से नियम कायदे भी बनाए। इस कारोबार की निगरानी के लिए पाकिस्तान क्रिप्टोकरेंसी कौंसिल बनाई गई। स्टेट बैंक आॅफ पाकिस्तान ने जो नए नियम बनाए उसके बाद से अब वहां लोग बाकायदा अपने नाम से किसी भी बैंक में क्रिप्टोकरेंसी खाता भी खोल सकते हैं।

यह बात अलग है कि देश के बहुत से मौलानाओं ने इसका विरोध किया और इसे गैर-इस्लामिक बताया। पर उनकी आवाज दबा दी गई।अब एक बार फिर ऐसी आवाजें ज्यादा जोर से बुलंद होने लगी हैं। विलफक उल मदारिस अल-अरेबिया पाकिस्तान के अध्यक्ष मुफ्ती मुहम्मद तकी उस्मानी ने अब क्रिप्टोकरेंसी के खिलाफ फतवा जारी कर दिया है। वे दारुल उलूम कराची के सर्वेसर्वा भी हैं।

वे पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट में शरीया बैंच के जज भी रह चुके हैं। इसके अलावा खााड़ी के देशों में इस्लामिक बैंकिंग पर भी उन्होंने काफी काम किया है। इन सब वजहों से इस्लामिक विश्व में उनकी बात को काफी वजन दिया जाता है।

ff

उनका कहना है कि क्रिप्टोकरेंसी किसी भी तरह से संपत्ति नहीं है इसलिए इसके इस्तेमाल की इजाजत इस्लाम में नहीं है।पहले भी कईं लोगों ने इस्लाम का हवाला देते हुए क्रिप्टोकरेंसी को गलत बताया था। इसके पहले भी मिस्र के मुफ्ती और तुर्की के मजहबी मामलों के डाॅयरेक्टर इसे गलत बता चुके हैं। लेकिन यह फतवा अब पाकिस्तान के लिए परेशानी का बड़ा सबब बन सकता है।

( लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं)

ALSO READ एक शुरुआत जिससे काफी कुछ सीखा जा सकता है