नई दिल्ली
बदलती जीवनशैली के साथ अब लोगों का लक्ष्य सिर्फ लंबा जीवन नहीं, बल्कि स्वस्थ और सक्रिय जीवन जीना बन गया है। खासतौर पर 40 वर्ष की उम्र के बाद शरीर में कई जैविक बदलाव होने लगते हैं, जिनका सीधा असर ताकत, ऊर्जा और प्रतिरोधक क्षमता पर पड़ता है। ऐसे में संतुलित आहार के साथ प्रोटीन की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, उम्र बढ़ने के साथ शरीर की मांसपेशियां धीरे-धीरे कमजोर होने लगती हैं। इस प्रक्रिया को सार्कोपेनिया कहा जाता है। यदि इस समय पर्याप्त प्रोटीन न लिया जाए, तो मांसपेशियों का क्षय तेजी से बढ़ सकता है। इसका असर रोजमर्रा के कामों पर भी दिखने लगता है, जैसे सीढ़ियां चढ़ना या वजन उठाना मुश्किल हो जाता है।
प्रोटीन केवल बॉडीबिल्डर्स या एथलीट्स के लिए ही जरूरी नहीं है, बल्कि हर उम्र के व्यक्ति के लिए आवश्यक पोषक तत्व है। खासकर 40 के बाद यह शरीर की मरम्मत, मांसपेशियों की मजबूती और ऊर्जा बनाए रखने में मदद करता है। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद के अनुसार, एक वयस्क को प्रति किलोग्राम वजन के हिसाब से 0.8 से 1 ग्राम प्रोटीन की जरूरत होती है, जबकि बढ़ती उम्र में यह आवश्यकता और बढ़ जाती है।
हालांकि, कई अध्ययनों में पाया गया है कि बड़ी संख्या में लोग अपनी दैनिक प्रोटीन जरूरत पूरी नहीं कर पाते। पारंपरिक भारतीय आहार में अनाज का हिस्सा अधिक होता है, जिससे पेट तो भर जाता है, लेकिन शरीर को पर्याप्त प्रोटीन नहीं मिल पाता। यही कारण है कि उम्र बढ़ने के साथ थकान, कमजोरी और धीमी रिकवरी जैसी समस्याएं बढ़ने लगती हैं।
इसके अलावा, उम्र के साथ शरीर में ‘एनाबॉलिक रेजिस्टेंस’ विकसित हो जाता है। इसका मतलब है कि शरीर प्रोटीन का उपयोग पहले की तुलना में कम प्रभावी तरीके से करता है। ऐसे में अधिक और बेहतर गुणवत्ता वाले प्रोटीन की जरूरत होती है।
डाइट में छोटे-छोटे बदलाव करके इस कमी को पूरा किया जा सकता है। जैसे गेहूं के आटे की जगह प्रोटीन युक्त आटा अपनाना, भोजन में पनीर, दाल, सोया या अंडे शामिल करना और नाश्ते में ओट्स जैसे विकल्प चुनना। इससे न केवल मांसपेशियां मजबूत रहती हैं, बल्कि ब्लड शुगर भी संतुलित रहता है।
कुल मिलाकर, 40 की उम्र के बाद प्रोटीन को नजरअंदाज करना सेहत के लिए नुकसानदेह हो सकता है। सही मात्रा में प्रोटीन लेने से शरीर को ताकत मिलती है, बीमारियों से लड़ने की क्षमता बढ़ती है और जीवन अधिक सक्रिय व संतुलित बनता है।