नई दिल्ली
मौसम बदलते ही वायरल संक्रमण और संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसी ही एक आम लेकिन अत्यधिक संक्रामक बीमारी है चिकन पॉक्स (चेचक)। यह बीमारी खासतौर पर सर्दियों के अंत और वसंत ऋतु की शुरुआत में ज्यादा देखी जाती है। इसमें शरीर पर खुजलीदार फफोले, बुखार, थकान और कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई देते हैं।
हालांकि, कोई भी सब्जी सीधे तौर पर चिकन पॉक्स को रोक नहीं सकती, लेकिन सही और पौष्टिक आहार शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) को मजबूत बनाकर संक्रमण से लड़ने में मदद करता है। आइए जानते हैं 4 ऐसी सब्जियों के बारे में जो चिकन पॉक्स से बचाव और रिकवरी में सहायक हो सकती हैं।
1. गाजर: त्वचा और इम्युनिटी के लिए फायदेमंद
गाजर विटामिन A से भरपूर होती है, जो त्वचा को स्वस्थ रखने और संक्रमण से लड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। चिकन पॉक्स में त्वचा पर दाने और फफोले हो जाते हैं, ऐसे में गाजर का सेवन त्वचा की मरम्मत में मदद करता है। इसे कच्चा सलाद के रूप में या हल्का पकाकर खाया जा सकता है।
2. पालक: पोषण का पावरहाउस
पालक में विटामिन A, विटामिन C और आयरन प्रचुर मात्रा में होते हैं। ये तत्व शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करते हैं। अगर किसी को चिकन पॉक्स हो जाए, तो उसके आहार में पालक शामिल करना फायदेमंद हो सकता है, क्योंकि यह शरीर को कमजोरी से उबरने में मदद करता है।
3. ब्रोकोली: एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर
ब्रोकोली दिखने में फूलगोभी जैसी होती है, लेकिन पोषण के मामले में बेहद खास है। इसमें विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट्स प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, जो शरीर को संक्रमण से लड़ने की शक्ति देते हैं। चिकन पॉक्स के दौरान यह तेजी से रिकवरी में सहायक हो सकती है।
4. शकरकंद: त्वचा की मरम्मत में मददगार
शकरकंद स्वादिष्ट होने के साथ-साथ विटामिन A और फाइबर से भरपूर होती है। यह त्वचा की कोशिकाओं की मरम्मत में मदद करती है और शरीर को ऊर्जा प्रदान करती है। रोजाना सीमित मात्रा में शकरकंद का सेवन चिकन पॉक्स के दौरान लाभकारी हो सकता है।
चिकन पॉक्स से बचाव के लिए टीकाकरण सबसे प्रभावी उपाय है, लेकिन संतुलित आहार और पोषक तत्वों से भरपूर सब्जियां शरीर की इम्युनिटी को मजबूत बनाती हैं। गाजर, पालक, ब्रोकोली और शकरकंद जैसी सब्जियां संक्रमण के दौरान शरीर को ताकत देती हैं और रिकवरी प्रक्रिया को बेहतर बनाती हैं।
स्वस्थ खान-पान और साफ-सफाई अपनाकर आप मौसमी बीमारियों से काफी हद तक बचाव कर सकते हैं।




