नई दिल्ली
आज के फिटनेस-फ्रेंडली दौर में हाई प्रोटीन डाइट को सेहत और मसल्स बनाने का सबसे आसान रास्ता माना जा रहा है। वजन घटाना हो, बॉडी टोनिंग करनी हो या फिर एनर्जी बढ़ानी हो—हर जगह प्रोटीन की सलाह दी जाती है। लेकिन बहुत से लोग जब अचानक अपने भोजन में प्रोटीन की मात्रा बढ़ा देते हैं, तो उन्हें सुस्ती, कब्ज, सिरदर्द या असहजता जैसी समस्याएं होने लगती हैं। ऐसे में अक्सर लोग प्रोटीन को ही दोष देने लगते हैं, जबकि असली वजह कुछ बुनियादी पोषण संबंधी गलतियाँ होती हैं।
पोषण विशेषज्ञों के मुताबिक, प्रोटीन शरीर के लिए बेहद ज़रूरी है। यह मांसपेशियों के निर्माण, ऊतकों की मरम्मत, हार्मोन संतुलन और इम्युनिटी मजबूत करने में अहम भूमिका निभाता है। समस्या तब शुरू होती है जब लोग प्रोटीन तो बढ़ा लेते हैं, लेकिन पानी, फाइबर और मिनरल्स जैसे जरूरी तत्वों को नज़रअंदाज़ कर देते हैं। हाई प्रोटीन डाइट लेते समय इन तीन बड़ी गलतियों से बचना बेहद जरूरी है।
1. पर्याप्त पानी न पीना
जब आप ज्यादा प्रोटीन खाते हैं, तो शरीर में यूरिया नामक अपशिष्ट पदार्थ अधिक बनता है, जिसे किडनी के जरिए बाहर निकालने के लिए पानी की जरूरत होती है। अगर पानी की मात्रा नहीं बढ़ाई गई, तो शरीर पर दबाव बढ़ता है। इसका नतीजा सिरदर्द, थकान, गहरे रंग का पेशाब और कब्ज के रूप में सामने आता है। ध्यान रखें—प्रोटीन डिहाइड्रेशन नहीं करता, बल्कि कम पानी पीना असली समस्या है। इसलिए प्रोटीन बढ़ाते ही पानी भी बढ़ाएं।
2. फाइबर को नजरअंदाज़ करना
कई लोग प्रोटीन शेक, पाउडर और मीट पर ज्यादा निर्भर हो जाते हैं और साबुत अनाज, दालें, फल-सब्जियां कम कर देते हैं। जबकि इनमें मौजूद फाइबर पाचन के लिए बेहद जरूरी है। फाइबर और पानी की कमी से आंतों की गति धीमी हो जाती है, जिससे कब्ज आम समस्या बन जाती है। याद रखें, समस्या प्रोटीन नहीं बल्कि फाइबर की कमी है।
3. फल और सब्जियां कम खाना
कुछ हाई प्रोटीन डाइट, खासकर एनिमल प्रोटीन, शरीर में एसिडिटी बढ़ा सकती हैं। फल और सब्जियां पोटेशियम से भरपूर होती हैं, जो इस एसिड को संतुलित करने में मदद करता है। पोटेशियम की कमी से पेट फूलना, मांसपेशियों में ऐंठन, ब्लड प्रेशर में उतार-चढ़ाव और किडनी पर दबाव बढ़ सकता है।
निष्कर्ष:
हाई प्रोटीन डाइट तभी असरदार और सुरक्षित होती है, जब उसके साथ पर्याप्त पानी, फाइबर और फल-सब्जियों को भी बराबर जगह दी जाए। संतुलन ही अच्छी सेहत की असली कुंजी है।




