नई दिल्ली।
सर्दी का मौसम धीरे-धीरे विदा ले रहा है और दिन के समय तापमान बढ़ने लगा है, लेकिन रात में अब भी ठंडक बनी रहती है। मौसम के इस उतार-चढ़ाव का सबसे ज्यादा असर शिशुओं और छोटे बच्चों पर पड़ता है, क्योंकि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता अभी पूरी तरह विकसित नहीं होती। ऐसे में माता-पिता को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत होती है, ताकि मौसम बदलने के दौरान शिशु स्वस्थ और सुरक्षित रह सके।
कपड़ों का रखें सही संतुलन
मौसम बदलते समय शिशु को न तो बहुत भारी और न ही बहुत हल्के कपड़े पहनाने चाहिए। दिन में तापमान बढ़ने पर हल्के, सूती और आरामदायक कपड़े बेहतर रहते हैं, जबकि रात में ठंड बढ़ने पर हल्की ऊनी परत जरूरी हो जाती है। ध्यान रखें कि शिशु को पसीना न आए, क्योंकि पसीना सूखने पर सर्दी-खांसी का खतरा बढ़ जाता है। रात के समय पैरों और छाती को ढककर रखना विशेष रूप से जरूरी है।
खान-पान पर दें खास ध्यान
इस मौसम में शिशु के भोजन में पौष्टिकता सबसे अहम होती है। बाहर का या बासी भोजन बच्चों को बिल्कुल न दें। घर पर ताजा बना हुआ, हल्का और पचने में आसान खाना शिशु की सेहत के लिए फायदेमंद होता है। यदि बच्चा ठोस आहार लेने की उम्र में है, तो उसकी डाइट में दाल, सब्जियां, फल और दूध को शामिल करें। पर्याप्त पोषण मिलने से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है और मौसमी बीमारियों से बचाव होता है।
नींद की आदतें बनाएं मजबूत
अच्छी नींद शिशु के संपूर्ण विकास के लिए बेहद जरूरी है। मौसम परिवर्तन के दौरान यदि बच्चा ठीक से नहीं सोता, तो वह जल्दी बीमार पड़ सकता है। कोशिश करें कि शिशु का सोने-जागने का समय तय हो। माता-पिता को भी अपनी दिनचर्या में अनुशासन लाना चाहिए, क्योंकि बच्चे बड़ों की नकल करते हैं। सोने से पहले मोबाइल, टीवी या अन्य स्क्रीन से शिशु को दूर रखें, ताकि उसकी नींद प्रभावित न हो।
साफ-सफाई और वातावरण
मौसम बदलते समय वायरल संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए शिशु के आसपास साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। हाथ-पैर और खिलौनों की नियमित सफाई करें। कमरे में पर्याप्त वेंटिलेशन हो, ताकि ताजी हवा आती रहे।मौसम के बदलाव में कपड़ों, भोजन, नींद और साफ-सफाई पर ध्यान देकर शिशु को मौसमी बीमारियों से सुरक्षित रखा जा सकता है।
थोड़ी-सी सतर्कता और सही दिनचर्या अपनाकर माता-पिता इस संक्रमण काल में अपने नन्हे बच्चे को स्वस्थ और खुश रख सकते हैं।