नई दिल्ली
हड्डियों को मज़बूत रखने, ऊर्जा स्तर बढ़ाने और संपूर्ण स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में विटामिन बी12 की भूमिका बेहद अहम है। इसके बावजूद महिलाओं में इस विटामिन की कमी एक तेजी से बढ़ती लेकिन अक्सर अनदेखी की जाने वाली समस्या बन चुकी है। थकान, तनाव या हार्मोनल बदलाव समझकर महिलाएं इसके शुरुआती संकेतों को नज़रअंदाज़ कर देती हैं, जबकि लंबे समय तक इलाज न होने पर यह कमी गंभीर और दीर्घकालिक स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती है।
विटामिन बी12 की कमी का असर सिर्फ़ थकान तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह रक्त, तंत्रिका तंत्र, मस्तिष्क, त्वचा और बालों तक को प्रभावित करता है। कई बार इसके लक्षण धीरे-धीरे उभरते हैं, जिससे समस्या वर्षों तक पकड़ में नहीं आती।
विटामिन बी12 क्यों है इतना ज़रूरी?
क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, विटामिन बी12 एक आवश्यक पोषक तत्व है जो शरीर में
स्वस्थ तंत्रिका कोशिकाओं को बनाए रखने,
लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण,
और डीएनए संश्लेषण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
एक अहम तथ्य यह है कि मानव शरीर स्वयं विटामिन बी12 नहीं बनाता। यह पूरी तरह से हमारे आहार पर निर्भर करता है। दूध, दही, अंडा, मांस, मछली और फोर्टिफाइड खाद्य पदार्थ इसके प्रमुख स्रोत हैं।
पर्याप्त मात्रा में विटामिन बी12 होने से शरीर में ऑक्सीजन का संचार बेहतर होता है, दिमाग़ स्पष्ट रूप से काम करता है और कोशिकाओं की मरम्मत सुचारू रूप से होती है। इसकी कमी से ये सभी प्रक्रियाएं प्रभावित होती हैं, जिससे रोज़मर्रा की ज़िंदगी पर नकारात्मक असर पड़ता है।
महिलाओं में जोखिम अधिक क्यों?
महिलाओं में विटामिन बी12 की कमी का खतरा कई कारणों से अधिक होता है, जैसे—
आहार संबंधी आदतें, खासकर शाकाहारी या वेगन डाइट
हार्मोनल बदलाव
पाचन संबंधी समस्याएं, जिनसे विटामिन का अवशोषण ठीक से नहीं हो पाता
कुछ नियमित दवाओं का लंबे समय तक सेवन
इसके अलावा, गर्भावस्था, स्तनपान और मासिक धर्म के दौरान शरीर की पोषण संबंधी ज़रूरतें बढ़ जाती हैं, जिससे कमी का खतरा और बढ़ जाता है।
विटामिन बी12 की कमी के चेतावनी संकेत
इस विटामिन की कमी से शारीरिक और तंत्रिका संबंधी कई तरह के लक्षण सामने आ सकते हैं। इनमें शामिल हैं—
लगातार थकान और कमजोरी
बालों का झड़ना, पतले या बेजान बाल
चेहरे पर पीलापन और हल्की मेहनत में भी सांस फूलना
बार-बार सिरदर्द और चक्कर आना
हाथों और पैरों में सुन्नपन या झुनझुनी (पैरेस्थेसिया)
एकाग्रता में कमी, भूलने की समस्या
जीभ में सूजन, मुंह के छाले और जलन
ये लक्षण शुरुआत में हल्के हो सकते हैं, लेकिन समय के साथ इनकी गंभीरता बढ़ती जाती है।
इलाज न हो तो क्या हो सकता है?
यदि विटामिन बी12 की कमी को लंबे समय तक नज़रअंदाज़ किया जाए, तो इससे मेगालोब्लास्टिक एनीमिया जैसी गंभीर स्थिति उत्पन्न हो सकती है, जिसमें लाल रक्त कोशिकाएं असामान्य रूप से बड़ी हो जाती हैं और ऑक्सीजन आपूर्ति प्रभावित होती है।
इसके अलावा, तंत्रिका तंत्र से जुड़ी समस्याएं धीरे-धीरे स्थायी रूप भी ले सकती हैं।
सतर्कता ही बचाव है
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि ऊपर बताए गए लक्षण लंबे समय तक बने रहें, तो ब्लड टेस्ट के ज़रिए विटामिन बी12 स्तर की जांच करानी चाहिए। समय रहते पहचान और उपचार से इस कमी को आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है।
निष्कर्षतः, विटामिन बी12 की कमी कोई मामूली समस्या नहीं है। महिलाओं के लिए यह आवश्यक है कि वे इसके संकेतों को समझें, संतुलित आहार अपनाएं और ज़रूरत पड़ने पर चिकित्सकीय सलाह लें—ताकि भविष्य में गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों से बचा जा सके।