किस उम्र में कितनी नींद जरूरी? जानिए स्वस्थ जीवन के लिए सटीक स्लीप गाइड

Story by  एटीवी | Published by  [email protected] | Date 17-02-2026
How much sleep is needed at what age? Learn the perfect sleep guide for a healthy life.
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नई दिल्ली

तेज़ रफ्तार जीवनशैली, बढ़ता स्क्रीन टाइम और अनियमित दिनचर्या ने अच्छी नींद को चुनौती बना दिया है। लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार, नींद कोई विलासिता नहीं बल्कि शरीर और मस्तिष्क की मूल जैविक आवश्यकता है। बचपन में मस्तिष्क के विकास से लेकर वयस्क अवस्था में याददाश्त मजबूत करने और बुज़ुर्गावस्था में बीमारियों से बचाव तक—नींद हर उम्र में अहम भूमिका निभाती है।

नींद क्यों है जरूरी?

स्वस्थ वयस्कों को प्रतिदिन 7 से 9 घंटे की नींद की आवश्यकता होती है। हमारी नींद 90 मिनट के चक्रों में विभाजित होती है और एक व्यक्ति को तरोताज़ा महसूस करने के लिए हर 24 घंटे में 4 से 6 ऐसे चक्रों की जरूरत होती है। हर चक्र चार चरणों से मिलकर बनता है।

1. एनआरईएम चरण 1 (हल्की नींद): यह 5-10 मिनट का प्रारंभिक चरण है। इस दौरान मस्तिष्क की गतिविधि धीमी होने लगती है और व्यक्ति आसानी से जाग सकता है।

2. एनआरईएम चरण 2: यह नींद का लगभग 50% हिस्सा होता है। हृदय गति धीमी होती है और शरीर का तापमान कम होता है। यह चरण स्मृति और मस्तिष्कीय कार्यों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

3. गहरी नींद (एनआरईएम चरण 3): यह शरीर की मरम्मत का समय है। मांसपेशियों का निर्माण, हड्डियों की मजबूती और प्रतिरक्षा तंत्र का सुदृढ़ीकरण इसी चरण में होता है। उम्र बढ़ने के साथ इस चरण की अवधि घटने लगती है।

4. आरईएम नींद (सपनों की अवस्था): लगभग 90 मिनट तक चलने वाला यह चरण भावनात्मक संतुलन और सीखने की क्षमता के लिए आवश्यक है। इस दौरान मस्तिष्क सक्रिय रहता है, जबकि शरीर की मांसपेशियां अस्थायी रूप से शिथिल हो जाती हैं।

उम्र के अनुसार कितनी नींद आवश्यक?

  • 0-3 महीने: 14-17 घंटे

  • 4-12 महीने: 12-16 घंटे

  • 1-5 वर्ष: 10-14 घंटे

  • 6-12 वर्ष: 9-12 घंटे

  • 13-18 वर्ष: 8-10 घंटे

  • 19-64 वर्ष: 7-9 घंटे

  • 65 वर्ष से अधिक: 7-9 घंटे

पर्याप्त नींद बच्चों में बेहतर एकाग्रता और भावनात्मक संतुलन से जुड़ी है। वहीं वयस्कों में सात घंटे से कम नींद मोटापा, मधुमेह, हृदय रोग, उच्च रक्तचाप, स्ट्रोक और अवसाद जैसी समस्याओं का जोखिम बढ़ा सकती है। उम्र चाहे कोई भी हो, पर्याप्त और गुणवत्तापूर्ण नींद स्वस्थ जीवन की आधारशिला है। बेहतर दिनचर्या, सीमित स्क्रीन टाइम और नियमित सोने-जागने का समय अपनाकर नींद की गुणवत्ता सुधारी जा सकती है।