रफान मुजावर बने फरिश्ता, कुएं में कूदकर बचाईं जानें

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 19-06-2026
Rafan Mujawar turns guardian angel; jumps into well to save lives.
Rafan Mujawar turns guardian angel; jumps into well to save lives.

 

भक्ति चालक

सोलापुर ज़िले के माळशिरस तालुका के तांदुलवाड़ी गांव के पास एक रोंगटे खड़े कर देने वाला हादसा हुआ है। सिद्धनाथ भगवान के दर्शन करके खुशी-खुशी घर लौट रहे श्रद्धालुओं की पिकअप गाड़ी का भयानक एक्सीडेंट हो गया। सड़क के किनारे मौजूद एक गहरे कुएं में यह गाड़ी जा गिरी और एक पल में पूरे परिवार की खुशियां मातम में बदल गईं।

इस दर्दनाक हादसे में डूबने से 8 लोगों की मौत हो गई। लेकिन इस बड़ी मुसीबत के वक्त इरफान मुजावर नाम का एक नौजवान फरिश्ता बनकर सामने आया। उसने अपनी जान की परवाह किए बिना कुएं में छलांग लगा दी और कई लोगों की जान बचा ली।

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आखिर हुआ क्या था?

यह हादसा पंढरपुर तालुका के माळशिरस में तांदुलवाड़ी गांव के पास हुआ। रंजनी गांव के एक ही परिवार के लोग सातारा ज़िले के म्हसवड में सिद्धनाथ मंदिर दर्शन के लिए गए थे। दर्शन करने के बाद सभी लोग पिकअप गाड़ी से खुशी-खुशी अपने घर लौट रहे थे। शाम करीब 5 बजे गाड़ी तांदुलवाड़ी के पास पहुंची। गाड़ी की रफ्तार 50 से 60 के आसपास थी। अचानक ड्राइवर का गाड़ी पर से कंट्रोल छूट गया और सड़क के किनारे मौजूद एक बड़े और खुले कुएं में गाड़ी सीधे जा गिरी।

इरफान ने फौरन कुएं में लगाई छलांग

जब यह हादसा हुआ, तब तांदुलवाड़ी का रहने वाला इरफान मुजावर अपनी गाड़ी से उस पिकअप के ठीक आगे जा रहा था। उसने अपने रियर-व्यू मिररमें पीछे देखा तो पिकअप कुएं में गिरती हुई नज़र आई। इरफान ने एक पल भी नहीं सोचा। उसने फौरन अपनी गाड़ी रोकी, अपने पिता को फोन किया और गांव के लड़कों को तुरंत कुएं की तरफ दौड़कर आने को कहा।

इरफान ने फौरन अपने एक साथी को साथ लिया और पानी से लबालब भरे कुएं में छलांग लगा दी। कुएं की कोई बाउंड्री नहीं थी। लेकिन इरफान ने अपनी जान बाज़ी पर लगाकर एक के बाद एक 3 लोगों को पानी से बाहर निकाला। उसके बाद पीछे से आने वाले दूसरे ड्राइवर और गांव वाले भी मदद के लिए दौड़ पड़े। सभी की इस फुर्ती और कोशिशों की वजह से कुएं से 8 लोगों को ज़िंदा बाहर निकालने में कामयाबी मिल सकी।

इस हादसे के बारे में बताते हुए इरफान ने कहा, "जब हादसा हुआ तो मैंने पीछे देखा, मुझे लगा कि यह गाड़ी अब पलटने ही वाली है। लेकिन गाड़ी जैसे ही आई, वह सीधे कुएं में जा गिरी। उनमें से एक-दो लोग अपनी कोशिश से ऊपर आए। उनमें 4 साल का एक दुबला-पतला बच्चा उल्टा होकर ऊपर आया। तब मैंने पहली छलांग उसी के पास लगाई। उसे उठाया और छाती को दबाया। उसके मुंह से पानी बाहर निकाला और उस छोटे बच्चे की जान बचा ली।"

वह आगे बताते हैं, "मैंने अपने गांव वालों की मदद से श्रद्धालुओं को कुएं से बाहर निकाला। उनमें औरतें, मर्द और कुछ छोटे बच्चे भी शामिल थे। बाकी लोग गाड़ी के साथ नीचे चले गए थे, इसलिए उन्हें बचाया नहीं जा सका। फिर हमने दो ट्रैक्टर और जेसीबी लगाकर गाड़ी को बाहर निकाला। हम सभी गांव वालों ने बहुत कोशिश की, लेकिन बाकियों की जान नहीं बचा सके।"

गाड़ी के साथ गहरे पानी में डूबने वाले बाकी लोगों को न बचा पाने का अफसोस इरफान की बातों में साफ झलक रहा था। लेकिन उनके और गांव वालों की फौरन की गई कोशिशों की वजह से ही आज 8 लोगों की जान बच सकी। आज पूरे महाराष्ट्र में इरफान का शुक्रिया अदा किया जा रहा है।

इस भयानक हादसे ने रंजनी गांव समेत पूरे महाराष्ट्र को सन्न कर दिया है। एक ही घर के 8 हंसते-खेलते लोग, जिनमें महज़ 6 महीने का एक मासूम भी शामिल था, कुदरत के इस क्रूर खेल की वजह से हमेशा के लिए खामोश हो गए। यह कभी न भर पाने वाला दुख है।

8 लोगों की दर्दनाक मौत

इरफान और गांव वालों ने पूरी कोशिश की, फिर भी इस हादसे में 8 लोगों को बचाया नहीं जा सका। मरने वालों में औरतें और छोटे बच्चे शामिल हैं। मृतकों में इंदुबाई दशरथ बावचे (60), पूजा अमोल सातोरे (23), पूजा बालाजी बावचे (27), अश्विनी संदीप बावचे (27), संस्कार संदीप बावचे (14), संस्कृति संदीप बावचे (14), आरव अमोल सातोरे (8) और सिर्फ 6 महीने का समर्थ बालाजी बावचे शामिल हैं। एक ही परिवार के 8 लोगों के गुज़र जाने से रंजनी गांव में मातम पसरा हुआ है।

हादसे में बचे खुशनसीब लोग

इस हादसे में 8 लोग सुरक्षित बच गए हैं और उनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। सागर सावकार चौगुले (25), संदीप दशरथ बावचे (36), बालाजी दशरथ बावचे (32), जिया बालाजी बावचे (4), आरव बालाजी बावचे (2.5), शशिकला पोपट जाधव (50), सिद्धेश्वर जाधव (40) और अपूर्वा सातोरे (11) खुशकिस्मती से बच गए हैं। सोलापुर ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक अतुल कुलकर्णी के मुताबिक, घायलों का तांदुलवाड़ी और पंढरपुर के अस्पतालों में इलाज चल रहा है। पिकअप को कुएं से बाहर निकाल लिया गया है और पुलिस आगे की जांच कर रही है।

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गांव वालों का गुस्सा

सातारा-पंढरपुर सड़क इन दिनों बहुत धीमी रफ्तार से चल रहे निर्माण काम की वजह से खतरनाक बन गई है। हाईवे के किनारे मौजूद इस कुएं की कोई बाउंड्री या रेलिंग नहीं है। दो हफ्ते पहले ही यहां एक टेम्पो गिर गया था, हालांकि खुशकिस्मती से तब कोई जानी नुकसान नहीं हुआ था। इस लापरवाही से नाराज़ गांव वालों ने सड़क ठेकेदार पर गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की है।

प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ने किया मदद का ऐलान

इस भयानक हादसे पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गहरा दुख जताया है। मुख्यमंत्री ने मरने वालों के परिवार को 5-5 लाख रुपये की माली मदद का ऐलान किया है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने भी दुख जताते हुए राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से मृतकों के रिश्तेदारों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50 हज़ार रुपये की मदद देने की घोषणा की है।