नई दिल्ली।
कई लोग अपने दिन की शुरुआत एक गिलास दूध पीकर करते हैं। दूध को संपूर्ण आहार माना जाता है, क्योंकि इसमें प्रोटीन, कैल्शियम, विटामिन डी और कई अन्य आवश्यक पोषक तत्व पाए जाते हैं। लेकिन सवाल यह है कि क्या सुबह खाली पेट दूध पीना वास्तव में स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है? विशेषज्ञों का कहना है कि इसका उत्तर व्यक्ति की शारीरिक स्थिति और पाचन क्षमता पर निर्भर करता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, 19 से 50 वर्ष की आयु के लोगों को प्रतिदिन लगभग 1000 मिलीग्राम कैल्शियम की आवश्यकता होती है। वहीं 51 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं और 71 वर्ष से अधिक आयु के पुरुषों के लिए यह मात्रा बढ़कर 1200 मिलीग्राम प्रतिदिन हो जाती है। दूध कैल्शियम का एक महत्वपूर्ण स्रोत है, लेकिन इसका सेवन सही तरीके से करना भी जरूरी है।
सुबह खाली पेट दूध पीने से शरीर को तुरंत ऊर्जा मिल सकती है। दूध में मौजूद प्रोटीन शरीर के ऊतकों के निर्माण और मरम्मत में मदद करता है। इसके अलावा इसमें पाया जाने वाला कैल्शियम हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाता है, जबकि विटामिन डी कैल्शियम के अवशोषण में सहायता करता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि दिन की शुरुआत दूध से करने पर शरीर को कई जरूरी पोषक तत्व एक साथ मिल जाते हैं, जिससे संपूर्ण स्वास्थ्य को लाभ पहुंचता है।
दूध में लगभग 90 प्रतिशत पानी होता है। पूरी रात की नींद के दौरान शरीर कुछ मात्रा में तरल पदार्थ खो देता है। ऐसे में सुबह दूध पीने से शरीर को दोबारा हाइड्रेट करने में मदद मिल सकती है।
पर्याप्त हाइड्रेशन शरीर के तापमान को नियंत्रित रखने, मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाने और पूरे दिन ऊर्जा बनाए रखने के लिए जरूरी माना जाता है।
कुछ लोगों के लिए दूध पाचन प्रक्रिया को सहज बनाने में मददगार साबित हो सकता है। यह पेट की आंतरिक परत को आराम पहुंचाने और हल्की पाचन संबंधी परेशानियों को कम करने में सहायक माना जाता है। हालांकि इसका प्रभाव हर व्यक्ति में अलग हो सकता है।
यदि किसी व्यक्ति को लैक्टोज इनटॉलरेंस है, तो खाली पेट दूध पीने से गैस, पेट फूलना, दस्त और पेट दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं। लैक्टोज असहिष्णुता तब होती है जब शरीर में लैक्टेज एंजाइम की कमी होती है, जो दूध में मौजूद लैक्टोज को पचाने के लिए आवश्यक होता है।
अनुमान है कि दुनिया की बड़ी आबादी बचपन के बाद दूध को आसानी से पचाने की क्षमता खो देती है।
दूध में प्राकृतिक शर्करा यानी लैक्टोज मौजूद होता है। खाली पेट दूध पीने से कुछ लोगों में रक्त शर्करा का स्तर तेजी से बढ़ सकता है। मधुमेह या इंसुलिन संवेदनशीलता से पीड़ित लोगों को इस मामले में विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि ऐसे लोग अपने डॉक्टर या पोषण विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार ही दूध का सेवन करें।
अत्यधिक मात्रा में दूध का सेवन शरीर में कुछ अन्य पोषक तत्वों, विशेषकर आयरन और जिंक, के अवशोषण को प्रभावित कर सकता है। ये दोनों खनिज रोग प्रतिरोधक क्षमता, रक्त निर्माण और शरीर के अन्य महत्वपूर्ण कार्यों के लिए आवश्यक होते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि दूध पीने के बाद आपको किसी प्रकार की परेशानी महसूस नहीं होती है, तो सीमित मात्रा में खाली पेट दूध पीना सुरक्षित हो सकता है। लेकिन यदि दूध पीने के बाद गैस, पेट दर्द या अन्य समस्याएं होती हैं, तो इसे भोजन के साथ या बाद में लेना बेहतर विकल्प हो सकता है।
कुल मिलाकर, खाली पेट दूध पीना कुछ लोगों के लिए फायदेमंद हो सकता है, जबकि कुछ लोगों को इससे परेशानी भी हो सकती है। इसलिए अपने शरीर की प्रतिक्रिया को समझते हुए ही इस आदत को अपनाना चाहिए।