नई दिल्ली।
हृदय रोग आज दुनिया भर में मौत के प्रमुख कारणों में शामिल हैं। अधिकांश लोग यह मानते हैं कि दिल की बीमारी अचानक होती है या इसके स्पष्ट लक्षण पहले से दिखाई देने लगते हैं। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार हृदय संबंधी समस्याएं धीरे धीरे विकसित होती हैं और लंबे समय तक कोई स्पष्ट संकेत नहीं देतीं। हमारी रोजमर्रा की कुछ आदतें अनजाने में दिल को नुकसान पहुंचा सकती हैं और भविष्य में गंभीर हृदय रोग का खतरा बढ़ा सकती हैं।
आधुनिक जीवनशैली में घंटों तक कुर्सी पर बैठे रहना आम बात हो गई है। ऑफिस का काम, मोबाइल, लैपटॉप और टीवी के सामने लंबा समय बिताने से शारीरिक गतिविधि कम हो जाती है। लंबे समय तक बैठे रहने से रक्त संचार प्रभावित होता है, वजन बढ़ सकता है और उच्च रक्तचाप का खतरा बढ़ जाता है। विशेषज्ञ नियमित अंतराल पर उठकर चलने और हल्की शारीरिक गतिविधि करने की सलाह देते हैं।
अच्छी नींद शरीर और दिमाग दोनों के लिए बेहद जरूरी है। सोते समय शरीर खुद की मरम्मत करता है और ऊर्जा पुनः प्राप्त करता है। यदि कोई व्यक्ति नियमित रूप से सात घंटे से कम नींद लेता है, तो इससे तनाव हार्मोन बढ़ सकते हैं। साथ ही रक्तचाप और हृदय गति भी प्रभावित हो सकती है। स्वस्थ हृदय के लिए प्रतिदिन सात से आठ घंटे की नींद जरूरी मानी जाती है।
प्रोसेस्ड फूड, पैकेटबंद स्नैक्स और बाहर मिलने वाले भोजन में अक्सर अधिक मात्रा में नमक होता है। ज्यादा सोडियम का सेवन लंबे समय में उच्च रक्तचाप का कारण बन सकता है। इससे दिल को अधिक मेहनत करनी पड़ती है, जिससे हृदय रोग का खतरा बढ़ जाता है। ताजा और घर का बना भोजन इस जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है।
लगातार तनाव में रहने से शरीर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। लंबे समय तक बना रहने वाला तनाव रक्तचाप बढ़ा सकता है और हृदय पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है। विशेषज्ञ तनाव को कम करने के लिए योग, ध्यान, नियमित व्यायाम और परिवार के साथ समय बिताने की सलाह देते हैं।
कई लोग व्यस्त दिनचर्या के कारण नाश्ता या अन्य भोजन छोड़ देते हैं। यह आदत शरीर के मेटाबॉलिज्म को प्रभावित कर सकती है। लंबे समय तक भोजन न करने से बाद में ज्यादा खाने या अस्वास्थ्यकर खाद्य पदार्थों का सेवन करने की संभावना बढ़ जाती है। नियमित और संतुलित आहार हृदय को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
दिल को स्वस्थ रखने के लिए जिम में घंटों पसीना बहाना जरूरी नहीं है। रोजाना पैदल चलना, साइकिल चलाना, सीढ़ियों का उपयोग करना या हल्का व्यायाम भी हृदय को मजबूत बनाने में मदद करता है। नियमित शारीरिक गतिविधि से रक्त संचार बेहतर होता है और हृदय रोग का खतरा कम होता है।
धूम्रपान और अधिक मात्रा में शराब का सेवन हृदय और रक्त वाहिकाओं को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। इससे दिल का दौरा, स्ट्रोक और अन्य हृदय रोगों का खतरा बढ़ जाता है। इन आदतों को छोड़ना या कम करना हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाने की दिशा में सबसे महत्वपूर्ण कदमों में से एक है।
विशेषज्ञों का मानना है कि स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर, संतुलित आहार लेकर और नियमित शारीरिक गतिविधि करके हृदय रोग के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। छोटी छोटी अच्छी आदतें लंबे समय तक दिल को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।