फैटी लिवर से बचना है तो डाइट में शामिल करें ये 5 खाद्य पदार्थ

Story by  एटीवी | Published by  [email protected] | Date 02-11-2026
If you want to avoid a fatty liver, include these 5 food items in your diet.
If you want to avoid a fatty liver, include these 5 food items in your diet.

 

नई दिल्ली।

आजकल फैटी लिवर की समस्या तेजी से सामने आ रही है। खानपान की गलत आदतें, शारीरिक गतिविधियों की कमी और अनियमित जीवनशैली इसके प्रमुख कारणों में शामिल हैं। फैटी लिवर की स्थिति में लिवर यानी यकृत में जरूरत से ज्यादा वसा जमा होने लगती है। लिवर शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग है। यह हानिकारक पदार्थों के प्रसंस्करण, प्रोटीन बनाने, रक्त से विभिन्न पदार्थों को साफ करने और पाचन में सहायता जैसे कई जरूरी काम करता है। ऐसे में लिवर की सेहत बिगड़ने का असर पूरे शरीर पर पड़ सकता है।

अधिक वजन, टाइप-2 डायबिटीज, खून में ट्राइग्लिसराइड्स का बढ़ा स्तर और एचडीएल यानी अच्छे कोलेस्ट्रॉल का कम होना फैटी लिवर के जोखिम को बढ़ा सकता है। शराब का सेवन भी लिवर में वसा जमा होने का कारण बन सकता है। वहीं, असंतुलित खानपान और शारीरिक निष्क्रियता भी इस समस्या से जुड़ी हैं।

फैटी लिवर से बचाव और इसके प्रबंधन में संतुलित आहार, वजन पर नियंत्रण और नियमित व्यायाम की अहम भूमिका है। कुछ खाद्य पदार्थ लिवर की सेहत बनाए रखने में मदद कर सकते हैं। हालांकि, कोई एक खाद्य पदार्थ फैटी लिवर को खत्म करने की गारंटी नहीं देता।

1. हरी पत्तेदार सब्जियां

<bold>मेथी, पालक और दूसरी हरी पत्तेदार सब्जियां</bold> सेहत के लिए फायदेमंद हैं। इनमें फाइबर और कई तरह के विटामिन तथा एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। फाइबर से भरपूर भोजन पेट को लंबे समय तक भरा रखने और वजन नियंत्रित करने में मदद कर सकता है। वजन का संतुलन फैटी लिवर के जोखिम को कम करने में उपयोगी है।

हरी सब्जियों को रोजाना के भोजन में शामिल करना अच्छा विकल्प है। इन्हें कम तेल में पकाकर या सलाद के रूप में खाया जा सकता है।

2. ओमेगा-3 से भरपूर मछली

सैल्मन, सार्डिन और मैकेरल जैसी तैलीय मछलियों में ओमेगा-3 फैटी एसिड पाया जाता है। ये रक्त में ट्राइग्लिसराइड्स को नियंत्रित करने में मदद कर सकते हैं। मछली को संतुलित आहार का हिस्सा बनाने से हृदय स्वास्थ्य को भी लाभ मिल सकता है।

हालांकि, ओमेगा-3 का सेवन फैटी लिवर का निश्चित इलाज नहीं है। इसके लिए संपूर्ण खानपान और जीवनशैली में सुधार जरूरी है।

3. अखरोट

अखरोट में ओमेगा-3 फैटी एसिड, खासकर अल्फा लिनोलेनिक एसिड (एएलए), के अलावा फाइबर और अन्य पोषक तत्व मौजूद होते हैं। इसमें आर्जिनिन और एंटीऑक्सीडेंट भी पाए जाते हैं।

अखरोट संतुलित आहार का हिस्सा बन सकता है। सीमित मात्रा में इसे नाश्ते के साथ या दिन में किसी समय खाया जा सकता है। बिना नमक वाला अखरोट बेहतर विकल्प है। रोजाना 4 से 5 अखरोट खाना कुछ लोगों के लिए ठीक हो सकता है, लेकिन यह कोई अनिवार्य या सभी के लिए तय मात्रा नहीं है।

4. चुकंदर

चुकंदर में फाइबर, फोलेट, नाइट्रेट और बीटालेन जैसे प्राकृतिक रंगद्रव्य पाए जाते हैं। इसमें मौजूद पोषक तत्व संतुलित आहार का हिस्सा बनने के लिहाज से उपयोगी हैं।

चुकंदर को सलाद, सब्जी या सीमित मात्रा में अन्य भोजन के साथ लिया जा सकता है। हालांकि, चुकंदर लिवर को डिटॉक्स करने या उसमें जमा वसा को सीधे खत्म करने का प्रमाणित उपाय नहीं है।

5. नींबू और विटामिन सी से भरपूर फल

नींबू, अमरूद और आंवला जैसे खाद्य पदार्थ विटामिन सी के अच्छे स्रोत हैं। इनमें एंटीऑक्सीडेंट गुण भी होते हैं। साबुत फल खाने से फाइबर मिलता है, जो पाचन और वजन नियंत्रण में मददगार हो सकता है।

नींबू पानी बिना चीनी के लिया जा सकता है। अमरूद और आंवला भी रोजमर्रा के आहार में शामिल किए जा सकते हैं। फलों को उनके प्राकृतिक रूप में खाना बेहतर है। फलों के रस के मुकाबले साबुत फल अधिक फाइबर देते हैं।

फैटी लिवर से बचाव के लिए इन बातों का भी रखें ध्यान

फैटी लिवर से बचने के लिए केवल कुछ खास खाद्य पदार्थ खाना पर्याप्त नहीं है। रोजमर्रा की आदतों में सुधार करना भी जरूरी है।

  • मीठे पेय, ज्यादा चीनी और पैकेट वाले मीठे खाद्य पदार्थों का सेवन कम करें।

  • तले हुए भोजन और अत्यधिक प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों से दूरी रखें।

  • नियमित शारीरिक गतिविधि और अपनी क्षमता के अनुसार व्यायाम करें।

  • यदि वजन अधिक है तो चिकित्सकीय सलाह के अनुसार धीरे-धीरे वजन घटाएं।

  • शराब से परहेज करें।

फैटी लिवर के शुरुआती चरण में अक्सर स्पष्ट लक्षण नहीं दिखते। इसलिए जोखिम वाले लोगों को डॉक्टर की सलाह पर जांच करानी चाहिए। यदि लिवर में वसा जमा होने की पुष्टि हो चुकी है, तो उसकी गंभीरता और संभावित सूजन का आकलन भी जरूरी है।

ध्यान रखें: लिवर की सेहत के लिए संतुलित भोजन, नियमित व्यायाम और वजन नियंत्रण सबसे महत्वपूर्ण हैं। किसी एक खाद्य पदार्थ को लिवर की सफाई या इलाज का विकल्प नहीं समझना चाहिए।