एक गिलास दूध में कितना कैल्शियम होता है? जानिए रोजाना की जरूरत

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 31-10-2026
How much calcium is in a glass of milk? Find out the daily requirement.
How much calcium is in a glass of milk? Find out the daily requirement.

 

नई दिल्ली।

दूध को हड्डियों और दांतों की मजबूती के लिए फायदेमंद माना जाता है। इसकी एक बड़ी वजह इसमें मौजूद कैल्शियम है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक गिलास दूध पीने से शरीर को कितना कैल्शियम मिलता है और यह आपकी दैनिक जरूरत का कितना हिस्सा पूरा करता है?

इसका जवाब दूध की मात्रा और उसके प्रकार पर निर्भर करता है। सामान्य गाय का दूध कैल्शियम का अच्छा स्रोत है। हालांकि, केवल दूध पीने से शरीर की कैल्शियम की पूरी जरूरत पूरी नहीं होती। इसके लिए संतुलित आहार भी जरूरी है।

एक गिलास दूध में कितना कैल्शियम होता है?

सामान्य गाय के दूध में औसतन प्रति 100 मिलीलीटर लगभग 120 से 126 मिलीग्राम कैल्शियम पाया जा सकता है। इस आधार पर दूध की अलग-अलग मात्रा से मिलने वाले कैल्शियम का अनुमान लगाया जा सकता है।

दूध की मात्रा और कैल्शियम

दूध की मात्रा अनुमानित कैल्शियम
100 मिलीलीटर 125 मिलीग्राम
150 मिलीलीटर 188 मिलीग्राम
200 मिलीलीटर 250 मिलीग्राम
250 मिलीलीटर 313 मिलीग्राम

ये अनुमानित आंकड़े हैं। वास्तविक मात्रा दूध की संरचना और उसके प्रकार के अनुसार बदल सकती है।

फुल क्रीम, टोंड और स्किम्ड गाय के दूध में कैल्शियम की मात्रा आमतौर पर बहुत अधिक अलग नहीं होती। हालांकि, गाय के दूध, भैंस के दूध और पौधों से तैयार दूध के विकल्पों में पोषण का अंतर हो सकता है। कैल्शियम से फोर्टिफाइड यानी अतिरिक्त कैल्शियम मिलाए गए पेय में इसकी मात्रा अलग हो सकती है।

शरीर के लिए क्यों जरूरी है कैल्शियम?

कैल्शियम शरीर के महत्वपूर्ण खनिजों में शामिल है। शरीर का अधिकांश कैल्शियम हड्डियों और दांतों में जमा रहता है। इसकी थोड़ी मात्रा रक्त और शरीर के अन्य ऊतकों में मौजूद रहती है।

कैल्शियम कई जरूरी कामों में मदद करता है।

हड्डियों और दांतों की मजबूती: हड्डियों के निर्माण और उनकी मजबूती बनाए रखने के लिए कैल्शियम आवश्यक है।

मांसपेशियों का काम: मांसपेशियों के सामान्य संकुचन और उनके कामकाज में इसकी भूमिका होती है।

तंत्रिका तंत्र: मस्तिष्क और शरीर के विभिन्न हिस्सों के बीच तंत्रिका संकेतों के संचार में कैल्शियम मदद करता है।

रक्त का थक्का जमना: सामान्य रक्त जमने की प्रक्रिया में भी यह महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

बचपन और किशोरावस्था में पर्याप्त कैल्शियम लेना खास तौर पर जरूरी है, क्योंकि इस दौरान हड्डियों का तेजी से विकास होता है। बढ़ती उम्र में भी हड्डियों की मजबूती बनाए रखने के लिए कैल्शियम और विटामिन डी का पर्याप्त मिलना जरूरी है।

रोजाना कितने कैल्शियम की जरूरत होती है?

कैल्शियम की दैनिक जरूरत उम्र, स्वास्थ्य और जीवन के चरण के अनुसार बदलती है। संबंधित स्वास्थ्य दिशानिर्देशों में भी कुछ अंतर हो सकता है।

दिए गए आंकड़ों के अनुसार, दैनिक कैल्शियम की अनुमानित जरूरत इस प्रकार है।

आयु या स्थिति प्रतिदिन कैल्शियम
1 से 3 वर्ष 500 मिलीग्राम
4 से 6 वर्ष 550 मिलीग्राम
7 से 9 वर्ष 650 मिलीग्राम
सामान्य वयस्क 1,000 मिलीग्राम
गर्भवती महिलाएं 1,000 मिलीग्राम
स्तनपान कराने वाली महिलाएं 1,200 मिलीग्राम

ये आंकड़े एंडोक्राइन सोसाइटी ऑफ इंडिया के 2026 के सर्वसम्मति वक्तव्य में बताए गए मानों पर आधारित हैं। अलग-अलग दिशानिर्देशों में उम्र के अनुसार जरूरत कुछ अलग हो सकती है।

अगर किसी वयस्क को प्रतिदिन 1,000 मिलीग्राम कैल्शियम की जरूरत है, तो 200 मिलीलीटर दूध से मिलने वाला लगभग 250 मिलीग्राम कैल्शियम उसकी दैनिक आवश्यकता का करीब 25 प्रतिशत पूरा कर सकता है।

बाकी कैल्शियम भोजन के दूसरे स्रोतों से प्राप्त किया जा सकता है।

दूध नहीं पीते तो इन चीजों से मिलेगा कैल्शियम

कैल्शियम प्राप्त करने के लिए दूध पीना अनिवार्य नहीं है। कई दूसरे खाद्य पदार्थ भी इसकी जरूरत पूरी करने में मदद कर सकते हैं।

  • दही और पनीर: ये कैल्शियम के उपयोगी स्रोत हैं। इनकी मात्रा उत्पाद और सर्विंग के अनुसार अलग हो सकती है।

  • तिल: तिल में कैल्शियम पाया जाता है। इसे सीमित मात्रा में भोजन में शामिल किया जा सकता है।

  • हरी सब्जियां: कुछ हरी पत्तेदार सब्जियों में कैल्शियम होता है। हालांकि, सभी सब्जियों से कैल्शियम का अवशोषण समान नहीं होता।

  • कैल्शियम युक्त प्लांट-बेस्ड पेय: सोया या अन्य पौधों से बने कुछ पेय कैल्शियम से फोर्टिफाइड होते हैं। खरीदते समय पोषण संबंधी जानकारी पढ़ना उपयोगी है।

दालों, मेवों और बीजों को भी संतुलित आहार का हिस्सा बनाया जा सकता है।

क्या ज्यादा दूध पीने से हड्डियां अधिक मजबूत होती हैं?

ऐसा जरूरी नहीं है। कैल्शियम शरीर के लिए आवश्यक है, लेकिन जरूरत से ज्यादा दूध पीना हड्डियों को अतिरिक्त मजबूती देने की गारंटी नहीं है।

हड्डियों की सेहत केवल कैल्शियम पर निर्भर नहीं करती। इसमें विटामिन डी, पर्याप्त प्रोटीन, संतुलित भोजन और नियमित शारीरिक गतिविधि की भी भूमिका होती है। पैदल चलना और अपनी क्षमता के अनुसार भार सहने वाले व्यायाम हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए उपयोगी हो सकते हैं।

विटामिन डी शरीर को कैल्शियम अवशोषित करने में मदद करता है। इसलिए हड्डियों की देखभाल में इन सभी पहलुओं पर ध्यान देना चाहिए।

जिन लोगों को दूध पीने से गैस, पेट फूलने या दस्त जैसी परेशानी होती है, वे लैक्टोज-मुक्त दूध या सहन होने वाले दूसरे विकल्प चुन सकते हैं। कुछ लोग दही भी आसानी से पचा लेते हैं।

ध्यान रखें: कैल्शियम की कमी का संदेह होने पर खुद से सप्लीमेंट शुरू न करें। खासकर किडनी की बीमारी या अन्य स्वास्थ्य समस्याओं में कैल्शियम की खुराक डॉक्टर की सलाह से ही तय करनी चाहिए।