नई दिल्ली:
दोपहर का भोजन हो या रात का खाना, इसके बाद चाय या कॉफी पीने की आदत काफी आम है। कुछ लोग खाने के बाद चाय पीना पसंद करते हैं, तो कुछ के लिए कॉफी दिनभर की थकान दूर करने का जरिया होती है। लेकिन सवाल यह है कि भोजन के बाद चाय या कॉफी पीना पाचन के लिए बेहतर है? क्या इनका शरीर में पोषक तत्वों के अवशोषण पर भी असर पड़ता है?
स्वस्थ वयस्कों के लिए सीमित मात्रा में चाय या कॉफी पीना आमतौर पर सुरक्षित माना जाता है। हालांकि, भोजन के साथ या तुरंत बाद इनका सेवन शरीर में आयरन के अवशोषण को प्रभावित कर सकता है। खासकर उन लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए, जिनके शरीर में पहले से आयरन की कमी है या जो एनीमिया से पीड़ित हैं।
पाचन के लिहाज से चाय और कॉफी में से किसी एक को सभी के लिए बेहतर बताना सही नहीं होगा। दोनों में कैफीन और पॉलीफेनॉल जैसे तत्व पाए जाते हैं। ये कुछ पोषक तत्वों के अवशोषण को प्रभावित कर सकते हैं।
चाय में मौजूद पॉलीफेनॉल भोजन से मिलने वाले नॉन हीम आयरन के अवशोषण को कम कर सकते हैं। यह आयरन मुख्य रूप से दालों, फलियों और हरी पत्तेदार सब्जियों जैसे पौधों से मिलने वाले खाद्य पदार्थों में पाया जाता है।
कॉफी में भी पॉलीफेनॉल होते हैं। इसलिए इसका सेवन भी आयरन के अवशोषण में बाधा डाल सकता है।
अगर आप सामान्य रूप से स्वस्थ हैं और संतुलित आहार लेते हैं, तो भोजन के बाद चाय या कॉफी का चुनाव अपनी पसंद और शरीर की सहनशीलता के अनुसार कर सकते हैं। हालांकि, चीनी का कम इस्तेमाल करना बेहतर है।
आयरन शरीर के लिए जरूरी पोषक तत्व है। यह हीमोग्लोबिन बनाने में मदद करता है। हीमोग्लोबिन रक्त के जरिए शरीर के विभिन्न हिस्सों तक ऑक्सीजन पहुंचाता है।आयरन मुख्य रूप से दो तरह का होता है। हीम आयरन पशु स्रोतों से मिलने वाले खाद्य पदार्थों में पाया जाता है। नॉन हीम आयरन पौधों से मिलने वाले खाद्य पदार्थों में मिलता है।
आमतौर पर शरीर हीम आयरन को अधिक आसानी से अवशोषित करता है। वहीं, नॉन हीम आयरन का अवशोषण कई खाद्य पदार्थों और पेय पदार्थों से प्रभावित हो सकता है।चाय और कॉफी में मौजूद कुछ तत्व पाचन तंत्र में नॉन हीम आयरन के साथ प्रतिक्रिया करते हैं। इससे शरीर को भोजन से मिलने वाला आयरन कम मात्रा में मिल सकता है।
अमेरिकन जर्नल ऑफ क्लिनिकल न्यूट्रिशन में 2021 में प्रकाशित एक अध्ययन में आयरन से भरपूर भोजन के साथ चाय पीने के प्रभावों की जांच की गई थी। अध्ययन में पाया गया कि चाय पीने से आयरन का अवशोषण काफी कम हो सकता है। इसका असर आयरन की कमी से होने वाले एनीमिया से पीड़ित और बिना एनीमिया वाले लोगों में भी देखा गया।
यह स्थिति उन लोगों के लिए खास तौर पर महत्वपूर्ण है, जिनका भोजन मुख्य रूप से पौधों से मिलने वाले खाद्य पदार्थों पर आधारित है या जिनके शरीर में पहले से आयरन की कमी है।
अगर आप स्वस्थ हैं और आपके शरीर में आयरन की कमी नहीं है, तो हर बार भोजन के बाद चाय या कॉफी पीने से बचना जरूरी नहीं है।हालांकि, आयरन की कमी या एनीमिया से पीड़ित लोगों के लिए खाने और चाय या कॉफी के सेवन के बीच समय का अंतर रखना उपयोगी हो सकता है।
आयरन से भरपूर भोजन के बाद चाय या कॉफी पीने के लिए कम से कम एक से दो घंटे का अंतर रखने पर विचार किया जा सकता है।अगर आप आयरन की दवा या सप्लीमेंट ले रहे हैं, तो उसके सेवन के समय का विशेष ध्यान रखें। चाय और कॉफी आयरन के अवशोषण को प्रभावित कर सकती हैं।
एनएचएस के अनुसार, फेरस सल्फेट की दवा लेने और चाय या कॉफी पीने के बीच कम से कम दो घंटे का अंतर रखना चाहिए। इससे शरीर को आयरन अवशोषित करने में मदद मिलती है।
कुछ लोगों को चाय या कॉफी पीने के बाद एसिडिटी, सीने में जलन या एसिड रिफ्लक्स की परेशानी बढ़ सकती है। अगर आपके साथ भी ऐसा होता है, तो इन पेय पदार्थों की मात्रा कम करें या इनके सेवन का समय बदलें।
कैफीन के प्रति संवेदनशील लोगों को भी सावधानी बरतनी चाहिए। खासकर शाम या रात में कॉफी पीने से कुछ लोगों की नींद प्रभावित हो सकती है।चाय या कॉफी में अधिक चीनी डालने की आदत भी नुकसानदेह हो सकती है। मधुमेह से पीड़ित लोगों और वजन नियंत्रित करने की कोशिश कर रहे लोगों को चीनी की मात्रा पर ध्यान देना चाहिए।
भोजन के बाद चाय या कॉफी पीने का असर हर व्यक्ति पर एक जैसा नहीं होता। यह उसकी सेहत, खानपान, कैफीन सहनशीलता और पहले से मौजूद स्वास्थ्य समस्याओं पर निर्भर करता है।
पाचन के लिहाज से चाय या कॉफी में से किसी एक को सबसे बेहतर मानने के बजाय अपनी जरूरत और शरीर की प्रतिक्रिया को समझना ज्यादा महत्वपूर्ण है।अगर आपको आयरन की कमी है या आप आयरन सप्लीमेंट ले रहे हैं, तो भोजन, चाय, कॉफी और दवा के बीच उचित अंतर रखें। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से सलाह लें।