अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी यानी एएमयू में छात्रसंघ चुनाव की सरगर्मी इन दिनों अपने चरम पर है। यूनिवर्सिटी कैंपस का माहौल पूरी तरह से चुनावी रंग में रंग चुका है। छात्रनेताओं और उनके समर्थकों में गजब का उत्साह देखने को मिल रहा है। इस बीच यूनिवर्सिटी प्रशासन और मुख्य चुनाव अधिकारी ने चुनाव को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए कमर कस ली है। इसी सिलसिले में चुनाव प्रक्रिया से जुड़ी एक बेहद अहम जानकारी सामने आई है।
एएमयू छात्रसंघ के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और मानद सचिव यानी हॉनरेरी सचिव पद के उम्मीदवारों की फाइनल स्पीचेज का कार्यक्रम तय हो चुका है। यह बहुप्रतीक्षित कार्यक्रम आगामी 3 नवंबर 2026 को आयोजित किया जाएगा।
इस पूरे आयोजन को सुचारू रूप से चलाने और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी से बचने के लिए यूनिवर्सिटी प्रशासन ने विशेष कदम उठाए हैं। मुख्य चुनाव अधिकारी यानी सीईओ प्रोफेसर जावेद तालिब ने इस महत्वपूर्ण आयोजन के लिए एक खास फैकल्टी कमेटी का गठन किया है।
इस कमेटी में जिम्मेदार फैकल्टी मेंबर्स को शामिल किया गया है, जो हर गतिविधि पर बारीक नजर रखेंगे। इस कमेटी के तहत डॉ. फसीर आलिफ गौहर को संयोजक यानी कन्वीनर और डॉ. अहमद मुस्तबा सिद्दीकी को सह-संयोजक यानी को-कन्वीनर की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन दोनों प्रोफेसरों की देखरेख में ही फाइनल स्पीच का यह पूरा कार्यक्रम संचालित किया जाएगा।
कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार करने के लिए मुख्य चुनाव अधिकारी ने एक अहम बैठक बुलाई थी। यह बैठक 1 नवंबर 2026 को सुबह ठीक साढ़े ग्यारह बजे एएमयू छात्रसंघ ऑफिस के सेंट्रल हॉल में आयोजित की गई।
इस मीटिंग में अध्यक्ष पद, उपाध्यक्ष पद और सचिव पद के सभी प्रमुख उम्मीदवार शामिल हुए। उम्मीदवारों की मौजूदगी में प्रशासन ने कुछ कड़े और स्पष्ट नियम तय किए, ताकि कार्यक्रम अनुशासन के दायरे में रहकर पूरा हो सके। छात्रों और उम्मीदवारों की सहमति से इन नियमों को अंतिम रूप दिया गया है।
बैठक में सबसे बड़ा फैसला फाइनल स्पीच के विषय यानी टॉपिक को लेकर लिया गया। चुनाव अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि इस साल की फाइनल स्पीच का मुख्य विषय राष्ट्र निर्माण में छात्र नेतृत्व का योगदान होगा।
अंग्रेजी में इसे रोल ऑफ स्टूडेंट लीडरशिप इन नेशन बिल्डिंग कहा जाएगा। वहीं उर्दू जुबान में इस मौजू का तरजुमा वतन की तामीर में तुलबा की कयादत का किरदार तय किया गया है। सभी उम्मीदवारों को यही टॉपिक बता दिया गया है ताकि वे अपनी तकरीर यानी भाषण की बेहतरीन तैयारी इसी विषय के इर्द-गिर्द कर सकें।
समय की पाबंदी को इस बार सबसे ऊपर रखा गया है। कार्यक्रम सूरज डूबने से पहले हर हाल में खत्म हो जाना चाहिए, इसलिए प्रशासन ने टाइमिंग को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। सभी उम्मीदवारों को हिदायत दी गई है कि वे तय समय पर यूनियन हॉल पहुंच जाएं। नियम के मुताबिक, दोपहर 2 बजे तक सभी उम्मीदवारों और संबंधित लोगों को अंदर आ जाना होगा।
यूनियन हॉल की छत का मुख्य प्रवेश द्वार ठीक 2 बजे बंद कर दिया जाएगा। इसके बाद किसी को एंट्री नहीं मिलेगी। प्रशासन का लक्ष्य है कि यह कार्यक्रम दोपहर 2 बजकर 15 मिनट पर हर हाल में शुरू कर दिया जाए।
हर उम्मीदवार को अपनी बात रखने के लिए निश्चित समय सीमा दी गई है। प्रत्येक प्रत्याशी को भाषण के लिए कुल 5 मिनट का मुख्य समय मिलेगा, साथ ही 1 मिनट का अतिरिक्त समय सारांश यानी समप करने के लिए दिया जाएगा। इस तरह कुल समय 5 प्लस 1 मिनट का रहेगा।
उम्मीदवारों को पूरी छूट दी गई है कि वे अपनी पसंद की किसी भी भाषा में बोल सकते हैं। वे चाहें तो अंग्रेजी में अपनी बात रखें, हिंदी का प्रयोग करें या फिर उर्दू में तकरीर करें। भाषा की कोई पाबंदी नहीं है, लेकिन शब्दों के चयन को लेकर प्रशासन ने सख्त चेतावनी दी है।
मुख्य चुनाव अधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि भाषण के दौरान कोई भी उम्मीदवार ऐसी बात न कहे जिससे यूनिवर्सिटी की छवि पर कोई आंच आए। कोई भी ऐसा बयान नहीं दिया जाना चाहिए जिससे परिसर का माहौल खराब हो या किसी तरह का विवाद पैदा हो। आचार संहिता यानी कोड ऑफ कंडक्ट का पालन करना हर उम्मीदवार के लिए अनिवार्य है। यह सारे नियम एएमयू स्टूडेंट्स यूनियन कंडक्ट ऑफ इलेक्शन अमेंडमेंट रेगुलेशंस 2019 के दायरे में बनाए गए हैं। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ यूनिवर्सिटी प्रशासन तुरंत एक्शन लेगा।
भाषण देने का क्रम भी बेहद दिलचस्प और तय फार्मूले के तहत रखा गया है। इस कार्यक्रम में रिवर्स ऑर्डर यानी उल्टे क्रम का नियम फॉलो किया जाएगा। उदाहरण के लिए, अगर सेक्रेटरी पद के लिए मैदान में तीन उम्मीदवार हैं, तो सूची में तीसरे नंबर का उम्मीदवार सबसे पहले अपनी स्पीच देगा। इसके बाद दूसरे नंबर वाला प्रत्याशी अपनी बात रखेगा और सबसे आखिर में पहले नंबर का उम्मीदवार मंच पर बोलेगा।
यही उलटा क्रम अध्यक्ष पद और उपाध्यक्ष पद के उम्मीदवारों के लिए भी सख्ती से लागू किया जाएगा। अगर कोई उम्मीदवार अपनी बारी पर अनुपस्थित रहता है या उसका नंबर छूट जाता है, तो उसे सभी उम्मीदवारों के भाषण पूरे होने के बाद सबसे आखिर में बोलने का मौका मिलेगा।
मीटिंग के अंत में अपने अध्यक्षीय संबोधन में प्रोफेसर जावेद तालिब ने सभी उम्मीदवारों को एक बार फिर कड़े निर्देश दिए। उन्होंने साफ किया कि चुनाव प्रचार के दौरान बैनर और पोस्टर्स लगाने को लेकर जो गाइडलाइंस तय की गई हैं, उनका शत-प्रतिशत पालन किया जाना चाहिए। नियमों की अनदेखी करने पर प्रशासन को मजबूरन सख्त कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई करनी पड़ेगी। सीईओ ने माना कि ऐसे मामलों में कार्रवाई करना प्रशासन के लिए भी असहज स्थिति पैदा करता है, इसलिए सभी लोग खुद ही नियमों का अनुपालन करें।
छात्रसंघ चुनाव के इस बड़े आयोजन को लेकर यूनिवर्सिटी प्रशासन ने सुरक्षा और सुविधाओं के पुख्ता इंतजाम किए हैं। यूनियन हॉल की छत और उसके आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मजबूत बैरिकेडिंग की जा रही है ताकि किसी भी तरह की भगदड़ या अव्यवस्था न फैले।
इसके अलावा आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए एंबुलेंस के साथ मेडिकल सुविधाएं भी मौके पर मुस्तैद रहेंगी। आग से बचाव के लिए फायर ब्रिगेड की गाड़ियां भी तैनात की जाएंगी। प्रकाश व्यवस्था से लेकर बाकी सभी तकनीकी काम लगभग पूरे हो चुके हैं और जो थोड़ी बहुत तैयारी बाकी है, उसे समय रहते पूरा कर लिया जाएगा। एएमयू प्रशासन इस चुनाव को शांतिपूर्ण और ऐतिहासिक बनाने के लिए पूरी तरह तैयार है।