नई दिल्ली
चाय कई लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा है। इनमें अदरक की चाय खास तौर पर लोकप्रिय है। इसे लंबे समय से पाचन संबंधी परेशानियों के घरेलू उपाय के तौर पर इस्तेमाल किया जाता रहा है। शोध में भी अदरक के पाचन पर संभावित प्रभावों और वजन प्रबंधन में इसकी भूमिका का अध्ययन किया गया है। हालांकि, इसे किसी बीमारी का इलाज या वजन घटाने का जादुई उपाय मानना सही नहीं होगा।
पाचन में मदद कर सकता है अदरक
अदरक पाचन प्रक्रिया को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है। अदरक की चाय को एक तरह के पाचक पेय के रूप में देखा जाता है, क्योंकि यह पेट में भोजन की गति को प्रभावित कर सकती है।
वर्ल्ड जर्नल ऑफ गैस्ट्रोएंटरोलॉजी में प्रकाशित एक छोटे, रैंडमाइज्ड और डबल-ब्लाइंड अध्ययन में पाया गया कि कार्यात्मक अपच से पीड़ित लोगों में अदरक ने पेट खाली होने की प्रक्रिया को तेज किया। हालांकि, शोधकर्ताओं को सभी पाचन संबंधी लक्षणों में महत्वपूर्ण सुधार नहीं मिला। इसलिए इसके प्रभाव को लेकर अभी और शोध की जरूरत है।
पेट फूलने और भारीपन में संभावित राहत
खाने के बाद पेट भारी होना, पेट फूलना या असहज महसूस होना आम समस्या है। अदरक पाचन प्रक्रिया पर असर डालकर ऐसी परेशानियों में कुछ लोगों को राहत दे सकता है।
2011 में कार्यात्मक अपच से पीड़ित 126 लोगों पर किए गए एक अध्ययन में अदरक और आटिचोक के अर्क वाले सप्लीमेंट से पेट फूलना, मतली, पेट भरा महसूस होना और ऊपरी पेट के दर्द जैसे लक्षणों में कमी देखी गई।
हालांकि, यहां एक महत्वपूर्ण बात समझना जरूरी है। अध्ययन में साधारण अदरक की चाय का नहीं, बल्कि अदरक और आटिचोक के अर्क वाले सप्लीमेंट का इस्तेमाल किया गया था। इसलिए इन नतीजों को सीधे घर में बनाई गई अदरक की चाय पर लागू नहीं किया जा सकता।
क्या अदरक की चाय वजन घटाती है?
अदरक की चाय को सीधे वजन घटाने वाला पेय कहना सही नहीं होगा। हालांकि, अदरक के सप्लीमेंट को लेकर कुछ शोध उत्साहजनक जरूर हैं।
कॉम्प्लीमेंट्री थेरेपीज इन मेडिसिन में 2025 में प्रकाशित एक समीक्षा के अनुसार, अदरक के सप्लीमेंट लेने वाले लोगों में कमर के घेरे और शरीर की चर्बी में कुछ कमी देखी गई। लेकिन कुल वजन और बॉडी मास इंडेक्स यानी BMI में महत्वपूर्ण कमी नहीं मिली।
शोधकर्ताओं ने भी स्पष्ट किया कि अदरक और वजन प्रबंधन के संबंध में ठोस निष्कर्ष निकालने के लिए अभी अधिक प्रमाणों की आवश्यकता है। इसलिए अदरक की चाय को संतुलित खान-पान और नियमित शारीरिक गतिविधि के साथ दिनचर्या का हिस्सा बनाया जा सकता है, लेकिन इसे फैट बर्न करने वाला पेय नहीं समझना चाहिए।
सुबह या रात, कब पीना बेहतर?
अभी ऐसा कोई मजबूत प्रमाण नहीं है कि पाचन या वजन प्रबंधन के लिए अदरक की चाय सुबह पीना रात की तुलना में अधिक प्रभावी है। इसे भोजन के बाद या उस समय लिया जा सकता है जब आपको आमतौर पर पाचन संबंधी परेशानी महसूस होती है।
अगर रात में अदरक की चाय पीते हैं, तो कैफीन से बचने के लिए चायपत्ती वाली चाय के बजाय सादा अदरक का अर्क बेहतर विकल्प हो सकता है। ताजा अदरक के कुछ टुकड़ों को गर्म पानी में डालकर पेय तैयार किया जा सकता है।
स्वाद के लिए इसमें बहुत ज्यादा चीनी या शहद मिलाने से बचें। इससे अनावश्यक कैलोरी बढ़ सकती है और वजन प्रबंधन के उद्देश्य पर भी असर पड़ सकता है।
निष्कर्ष: अदरक की चाय पाचन के लिए उपयोगी हो सकती है और कुछ लोगों में पेट फूलने जैसी परेशानी में राहत दे सकती है। लेकिन वजन घटाने के लिए इसे अकेले प्रभावी उपाय मानने के बजाय संतुलित आहार और सक्रिय जीवनशैली के साथ इस्तेमाल करना बेहतर है।