कश्मीर के ‘रबर बॉय’ सायम हैदर के हैरतअंगेज करतब

Story by  ओनिका माहेश्वरी | Published by  onikamaheshwari | Date 19-08-2026
Kashmir’s ‘Rubber Boy’: Sayam Haider can rotate his neck 180 degrees and pass right through a tennis racket.
Kashmir’s ‘Rubber Boy’: Sayam Haider can rotate his neck 180 degrees and pass right through a tennis racket.

 

ओनिका माहेश्वरी/ नई दिल्ली  
 
जम्मू-कश्मीर के उत्तरी कश्मीर से आने वाले सायम हैदर इन दिनों अपनी असाधारण शारीरिक लचक और अनोखी कला के कारण चर्चा में हैं। सोशल मीडिया पर उनके हैरतअंगेज करतबों के वीडियो लोगों को चौंका रहे हैं। कोई उन्हें ‘रबर बॉय ऑफ कश्मीर’ कहता है तो कोई उनकी कला को देखकर यकीन नहीं कर पाता कि इंसानी शरीर इतना लचीला भी हो सकता है।
 
सायम अपनी गर्दन को करीब 180 डिग्री तक घुमा सकते हैं, हाथ-पैरों को असाधारण तरीके से मोड़ सकते हैं और बिना तारों वाले टेनिस रैकेट के फ्रेम से अपने पूरे शरीर को निकालने जैसा करतब भी दिखाते हैं। उनके इसी टेनिस रैकेट वाले प्रदर्शन को इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में भी जगह मिली है।
 
Rubber Boy: Meet Siyam Hyder who rotates his body at 180 degrees | KNO

13 साल की उम्र में शुरू हुआ सफर

सायम ने अपनी इस कला की शुरुआत महज 13 साल की उम्र में की थी। इंटरनेट पर डांस और बॉडी मूवमेंट से जुड़े वीडियो देखने के बाद उनके मन में भी कुछ अलग करने का विचार आया। उन्होंने खुद अभ्यास करना शुरू किया और धीरे-धीरे डांस, योग और कॉन्टॉर्शन यानी शरीर को असाधारण तरीके से मोड़ने की कला में महारत हासिल करने लगे।
 
सायम बताते हैं कि 2010 में उन्होंने पॉपिंग और एनीमेशन डांस के वीडियो देखना शुरू किया। शुरुआत में उन्होंने खुद इन मूवमेंट्स को दोहराने की कोशिश की। लगातार अभ्यास के बाद यही शौक उनकी पहचान बन गया।
 
उनके मुताबिक, इस कला को पूरी तरह निखारने में उन्हें करीब एक दशक का गंभीर प्रशिक्षण लगा। उन्होंने हाजिन के मार्शल आर्ट्स शिक्षक अफाक सादी से भी प्रशिक्षण लिया, जिन्होंने स्ट्रेचिंग और शरीर की लचक बढ़ाने की तकनीकों को बेहतर बनाने में उनकी मदद की।
 
Meet Sayam Hyder, the "Rubber Boy of Kashmir" taking social media by storm  with bone-breaking moves - YouTube
 
चोट लगी, लेकिन हौसला नहीं टूटा
 
असाधारण लचक हासिल करने का सफर सायम के लिए आसान नहीं रहा। प्रशिक्षण के दौरान उनके हाथ में फ्रैक्चर भी हुआ। लेकिन चोट के बावजूद उन्होंने अभ्यास नहीं छोड़ा और ठीक होने के बाद फिर से ट्रेनिंग शुरू कर दी। धीरे-धीरे उन्होंने मुश्किल से मुश्किल कॉन्टॉर्शन तकनीकों को अपने अभ्यास में शामिल किया। यही मेहनत आगे चलकर उनके मंचीय प्रदर्शन की पहचान बन गई।
 
लोगों ने कहा- ‘आप तो रबर जैसे हैं’ अपने प्रदर्शन के दौरान जब दर्शक सायम को शरीर को असामान्य तरीके से मोड़ते देखते तो अक्सर उनकी तुलना रबर से करते। लोगों की इसी प्रतिक्रिया से उन्हें ‘रबर बॉय ऑफ कश्मीर’ का नाम मिला।
 
आज सायम देश के अलग-अलग हिस्सों में अपनी कला का प्रदर्शन कर चुके हैं। वह डांस और योग भी सिखाते हैं और जम्मू में डांस शिक्षक के रूप में काम कर चुके हैं। उन्हें स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर पर कई सम्मान भी मिल चुके हैं।
 
 
टेनिस रैकेट से पूरा शरीर निकालने का रिकॉर्ड

सायम के सबसे चर्चित करतबों में से एक है टेनिस रैकेट के फ्रेम से पूरे शरीर को निकालना। जुलाई 2025 में उन्होंने एक मिनट में पांच बार अपना पूरा शरीर बिना तारों वाले टेनिस रैकेट के फ्रेम से निकालने का प्रदर्शन किया। इस उपलब्धि के लिए उन्हें इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड्स से मान्यता मिली। सायम का दावा है कि उनके नाम चार अंतरराष्ट्रीय बुक रिकॉर्ड, एक इन्फ्लुएंसर रिकॉर्ड और भारत स्तर का एक रिकॉर्ड भी दर्ज है।
 
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अब बड़े मंच का सपना

कश्मीर से शुरू हुआ यह सफर अब सायम को बड़े मंचों तक पहुंचने का सपना दिखा रहा है। वह भारत के प्रमुख डांस रियलिटी शो में अपनी प्रतिभा दिखाना चाहते हैं।
 
उनका कहना है कि उनके पास डांस के साथ-साथ शरीर को असाधारण तरीके से मोड़ने की कला भी है और वह इसे देश-दुनिया के सामने पेश करना चाहते हैं। उन्होंने भारत के अलग-अलग राज्यों में प्रदर्शन किया है और India's Got Talent में भी हिस्सा लिया। सायम के अनुसार, उन्हें America's Got Talent में आने का निमंत्रण भी मिला था, लेकिन प्रायोजन की कमी के कारण वह अमेरिका नहीं जा सके। 
 
How does he DO that?! - Kashmir's 'Rubber Boy' twists head 180 degrees and  squeezes entire body through tennis racket | Video Viory
 
कश्मीर के एक छोटे से इलाके से शुरू हुई सायम हैदर की कहानी बताती है कि प्रतिभा के साथ अगर जुनून, अनुशासन और वर्षों की मेहनत जुड़ जाए तो असंभव नजर आने वाले सपनों की ओर भी कदम बढ़ाया जा सकता है। आज ‘रबर बॉय ऑफ कश्मीर’ की पहचान उनकी उसी मेहनत और अनोखी प्रतिभा का नतीजा है।