नई दिल्ली
स्वस्थ शरीर के लिए विटामिन और खनिजों की भूमिका बेहद अहम होती है। इन्हीं जरूरी पोषक तत्वों में एक नाम मैग्नीशियम का भी है। यह ऐसा खनिज है जो शरीर के कई महत्वपूर्ण कार्यों को संतुलित बनाए रखने में मदद करता है। मांसपेशियों की मजबूती, नसों की कार्यप्रणाली, दिल की धड़कन को नियंत्रित रखना और अच्छी नींद दिलाने जैसे कई कामों में मैग्नीशियम की अहम भूमिका होती है। लेकिन आधुनिक खानपान और अनियमित जीवनशैली के कारण बहुत से लोग पर्याप्त मात्रा में मैग्नीशियम नहीं ले पाते।
विशेषज्ञों के अनुसार मैग्नीशियम शरीर में 300 से अधिक एंजाइम प्रक्रियाओं में भाग लेता है। इसकी कमी होने पर थकान, मांसपेशियों में ऐंठन, कमजोरी, तनाव और नींद से जुड़ी समस्याएं होने लगती हैं। आमतौर पर लोग मानते हैं कि मैग्नीशियम केवल मेवों और बीजों से मिलता है, लेकिन कई फल भी इसके अच्छे स्रोत होते हैं। खास बात यह है कि ये फल शरीर को फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट और पानी भी प्रदान करते हैं। इन्हें रोजाना के आहार में आसानी से शामिल किया जा सकता है।
सूखे अंजीर
सूखे अंजीर को अक्सर लोग सिर्फ स्वाद या पाचन के लिए खाते हैं, लेकिन यह मैग्नीशियम का भी बेहतरीन स्रोत है। एक कप सूखे अंजीर में लगभग 100 मिलीग्राम तक मैग्नीशियम पाया जाता है। इसमें प्राकृतिक मिठास के साथ फाइबर, कैल्शियम और पोटेशियम भी भरपूर मात्रा में मौजूद होते हैं। यह शरीर की मांसपेशियों और तंत्रिका तंत्र को स्वस्थ रखने में मदद करता है। अंजीर का नियमित सेवन पाचन को बेहतर बनाता है और शरीर को ऊर्जा देने में भी सहायक माना जाता है।
केला
केला लगभग हर घर में आसानी से मिलने वाला फल है। इसे पोटेशियम के लिए जाना जाता है, लेकिन इसमें मैग्नीशियम भी अच्छी मात्रा में मौजूद होता है। एक मध्यम आकार के केले में करीब 32 मिलीग्राम मैग्नीशियम पाया जाता है। मैग्नीशियम और पोटेशियम मिलकर शरीर में मांसपेशियों के कामकाज और जल संतुलन को बनाए रखने में मदद करते हैं। यही वजह है कि खिलाड़ी और व्यायाम करने वाले लोग केले को अपनी डाइट में जरूर शामिल करते हैं। केला थकान दूर करने और शरीर को तुरंत ऊर्जा देने में भी मददगार माना जाता है।
अमरूद
अमरूद को आमतौर पर विटामिन सी का अच्छा स्रोत माना जाता है, लेकिन इसमें मैग्नीशियम भी पर्याप्त मात्रा में होता है। एक कप अमरूद में लगभग 36 मिलीग्राम मैग्नीशियम पाया जाता है। अमरूद फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है, जो पाचन तंत्र को मजबूत बनाने में मदद करता है। इसका हल्का खट्टा और मीठा स्वाद गर्मियों में शरीर को ताजगी देता है। कम कैलोरी वाला यह फल वजन नियंत्रित रखने में भी मदद कर सकता है।
पपीता
पपीता लंबे समय से पाचन के लिए फायदेमंद फल माना जाता है। एक छोटे पपीते में करीब 33 मिलीग्राम मैग्नीशियम होता है। इसके साथ ही इसमें पैपेन नामक एंजाइम पाया जाता है, जो भोजन को आसानी से पचाने में मदद करता है। पेट फूलना, गैस और अपच जैसी समस्याओं में पपीता राहत पहुंचा सकता है। इसकी मुलायम बनावट के कारण बुजुर्ग और कमजोर पाचन वाले लोग भी इसे आसानी से खा सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इन फलों को रोजाना के आहार में शामिल करने से शरीर में मैग्नीशियम की कमी को काफी हद तक पूरा किया जा सकता है। साथ ही ये फल शरीर को प्राकृतिक ऊर्जा और जरूरी पोषण भी प्रदान करते हैं। संतुलित आहार और नियमित दिनचर्या के साथ इन फलों का सेवन लंबे समय तक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में मददगार साबित हो सकता है।