Why is a balanced diet essential for staying healthy?
नई दिल्ली
स्वस्थ और लंबा जीवन जीने के लिए केवल व्यायाम ही नहीं, बल्कि सही खानपान भी बेहद जरूरी है। हमारा शरीर जिस तरह की ऊर्जा और पोषण प्राप्त करता है, उसी के अनुसार उसकी कार्यक्षमता और रोगों से लड़ने की क्षमता तय होती है। यही कारण है कि विशेषज्ञ हमेशा संतुलित आहार लेने की सलाह देते हैं। संतुलित आहार न केवल शरीर को आवश्यक पोषक तत्व देता है, बल्कि वजन को नियंत्रित रखने, पाचन को बेहतर बनाने और कई गंभीर बीमारियों से बचाने में भी मदद करता है।
हालांकि, आज की व्यस्त जीवनशैली में अधिकतर लोग यह समझ ही नहीं पाते कि उनकी थाली में कितना और किस प्रकार का भोजन होना चाहिए। कई बार स्वाद और सुविधा के कारण लोग पोषण को नजरअंदाज कर देते हैं, जिसका असर धीरे-धीरे स्वास्थ्य पर दिखाई देने लगता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, स्वस्थ आहार का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा सही कार्बोहाइड्रेट का चयन है। कार्बोहाइड्रेट शरीर को ऊर्जा प्रदान करते हैं, लेकिन हर प्रकार का कार्बोहाइड्रेट शरीर के लिए समान रूप से लाभकारी नहीं होता। सफेद चावल, मैदा या अधिक तले हुए खाद्य पदार्थों की बजाय साबुत अनाज जैसे ब्राउन राइस, ओट्स, जौ, मक्का और मल्टीग्रेन आटे का सेवन अधिक फायदेमंद माना जाता है। इनमें फाइबर की मात्रा अधिक होती है, जिससे पेट लंबे समय तक भरा रहता है और रक्त शर्करा का स्तर नियंत्रित रहता है।
इसके साथ ही प्रोटीन भी शरीर के लिए बेहद आवश्यक पोषक तत्व है। यह मांसपेशियों को मजबूत बनाने, शरीर की मरम्मत करने और हड्डियों को स्वस्थ रखने में मदद करता है। दाल, चना, राजमा, सोयाबीन, अंडे और कम वसा वाला मांस प्रोटीन के अच्छे स्रोत हैं। शाकाहारी लोग दाल और अनाज को मिलाकर अपनी प्रोटीन की जरूरत पूरी कर सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि मांस को तलने की बजाय उबालकर, ग्रिल करके या हल्के मसालों में पकाकर खाना अधिक स्वास्थ्यवर्धक होता है।
फल और सब्जियां भी संतुलित आहार का अहम हिस्सा हैं। डॉक्टरों के मुताबिक, थाली में जितने अधिक रंगों की सब्जियां होंगी, शरीर को उतने ही अधिक विटामिन और खनिज मिलेंगे। हरी पत्तेदार सब्जियां, गाजर, कद्दू, चुकंदर और टमाटर जैसी चीजें शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करती हैं। वहीं, फलों का जूस पीने के बजाय साबुत फल खाना अधिक फायदेमंद माना जाता है, क्योंकि उनमें फाइबर सुरक्षित रहता है।
स्वस्थ रहने के लिए वसा, नमक और चीनी की मात्रा पर नियंत्रण रखना भी जरूरी है। खाना पकाने में सीमित मात्रा में सरसों, सूरजमुखी या जैतून के तेल का इस्तेमाल बेहतर माना जाता है। वहीं घी, मक्खन और अत्यधिक तले भोजन का सेवन कम करना चाहिए। अधिक नमक उच्च रक्तचाप का कारण बन सकता है, जबकि ज्यादा चीनी मोटापा और मधुमेह जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ाती है।
इसके अलावा पर्याप्त पानी पीना भी अच्छे स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी है। पानी शरीर को हाइड्रेट रखने के साथ-साथ पाचन प्रक्रिया को भी बेहतर बनाता है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि दिनभर थोड़ा-थोड़ा पानी पीने की आदत डालनी चाहिए, भले ही प्यास न लगे।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि भोजन सही समय पर किया जाए। सुबह का नाश्ता छोड़ना शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकता है। नियमित समय पर संतुलित भोजन करने से शरीर स्वस्थ रहता है और दिनभर ऊर्जा बनी रहती है।